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Meghalaya: 'मुकरोह गोलीबारी कांड की CBI जांच के लिए मेघालय-असम सरकार ने लिखे पत्र'; डिप्टी CM त्यनसोंग का बयान
Thu, 23 Nov 2023 04:59 PM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिलॉन्ग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिलॉन्ग
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Thu, 23 Nov 2023 04:59 PM IST
सार
मेघालय के उपमुख्यमंत्री ने गोलीबारी मामले में सीबीआई जांच की मांग पर बड़ा बयान दिया है। डिप्टी CM प्रेस्टोन त्यनसोंग ने कहा कि मुकरोह गोलीबारी की CBI जांच की अपील के साथ मेघालय के अलावा असम सरकार भी पत्र लिख चुकी है।
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मेघालय के उपमुख्यमंत्री प्रेस्टोन त्यनसोंग (फाइल)
- फोटो : amar ujala
विस्तार
मुकरोह में हुई गोलीबारी के बाद राज्य सरकार कठघरे में है। विवाद के बीच असम के मुख्यमंत्री मुकरोह को अपने राज्य का हिस्सा बता चुके हैं। मेघालय के उपमुख्यमंत्री इस बयान को सिरे से खारिज कर चुके हैं, लेकिन ताजा घटनाक्रम में मेघालय के डिप्टी सीएम प्रेस्टोन त्यनसोंग ने कहा कि दोनों राज्यों की सरकारें इस मामले में सीबीआई जांच की मांग कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गोलीबारी कांड की सीबीआई जांच जरूरी है।
दोनों सरकारों ने CBI जांच के लिए पत्र लिखा
पूर्वोत्तर भारतीय राज्यों की सीमाओं को लेकर विवाद के बीच मेघालय के उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल मुकरोह में हुई गोलीबारी के बाद दोनों प्रदेशों में तनाव बढ़ गया था। अंतरराज्यीय मामला और सीमा को लेकर विवाद होने के कारण दोनों सरकारों ने सीबीआई को पत्र लिखा और कहा कि राज्य की पुलिस से जांच अपने हाथों में ले ले।
30 सितंबर को लिखे पत्र में सीबीआई जांच की मांग
गौरतलब है कि मुकरोह में 2022 में हुई गोलीबारी में छह लोगों की मौत हुई थी। डिप्टी सीएम प्रेस्टोन त्यनसोंग के मुताबिक इस मामले में असम और मेघालय की सरकार ने बीते 30 सितंबर को पत्र लिखा। दोनों सरकारों ने सीबीआई से पूरे मामले की जांच की अपील की।
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केंद्रीय एजेंसी से जांच के सवाल पर डिप्टी सीएम बोले- फैसला CBI के हाथ में
पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंपे जाने के सवाल पर उपमुख्यमंत्री ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि मेघालय और असम की सरकारें पहले ही इस मामले की जांच टेकओवर करने के लिए पत्र लिख चुकी हैं। उन्होंने कहा कि अब फैसला सीबीआई को करना है।
अवैध लकड़ियों से लदा ट्रक पकड़ाया, गोलीबारी में छह की मौत
रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले साल 22 नवंबर को गोलीबारी की घटना हुई थी। असम फॉरेस्ट प्रोटेक्शन फोर्स (AFPF) के सुरक्षाबलों ने मेघालय के मुकरोह गांव में रहने वाले ग्रामीणों पर फायरिंग की थी। खबरों में कहा गया कि कथित तौर पर जंगल की अवैध लकड़ियों से लदा ट्रक पकड़े जाने के बाद AFPF ने ग्रामीणों पर गोली चला दी। गोलीबारी के दौरान मारे गए छह लोगों में पांच मेघालय के निवासी हैं, जबकि एक असम का फॉरेस्ट गार्ड है।
51 साल पहले बना अलग राज्य, सीमा के अलावा भी कई मुद्दों पर टकराव
बता दें कि मेघालय असम से अलग होकर अलग राज्य बना। 51 साल पहले 1972 में अलग राज्य के गठन के बाद मेघालय की तरफ से असम पुनर्गठन कानून, 1971 को चुनौती दी है। इसमें मेघालय का दावा है कि 12 एकड़ भू-भाग विवादित है। 884.9 किलोमीटर लंबी सीमा पर दोनों राज्यों के बीच विवाद हो रहा है। टकराव कम करने के लिए दोनों राज्यों के बीच अहम समझौते हुए हैं। छह मुद्दों पर आम सहमति बन चुकी है, जिस पर दोनों राज्य एमओयू भी साइन कर चुके हैं। बाकी टकराव वाले मुद्दों पर मेघालय और असम के बीच लगातार वार्ता हो रही है।
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दोनों सरकारों ने CBI जांच के लिए पत्र लिखा
पूर्वोत्तर भारतीय राज्यों की सीमाओं को लेकर विवाद के बीच मेघालय के उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल मुकरोह में हुई गोलीबारी के बाद दोनों प्रदेशों में तनाव बढ़ गया था। अंतरराज्यीय मामला और सीमा को लेकर विवाद होने के कारण दोनों सरकारों ने सीबीआई को पत्र लिखा और कहा कि राज्य की पुलिस से जांच अपने हाथों में ले ले।
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30 सितंबर को लिखे पत्र में सीबीआई जांच की मांग
गौरतलब है कि मुकरोह में 2022 में हुई गोलीबारी में छह लोगों की मौत हुई थी। डिप्टी सीएम प्रेस्टोन त्यनसोंग के मुताबिक इस मामले में असम और मेघालय की सरकार ने बीते 30 सितंबर को पत्र लिखा। दोनों सरकारों ने सीबीआई से पूरे मामले की जांच की अपील की।
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केंद्रीय एजेंसी से जांच के सवाल पर डिप्टी सीएम बोले- फैसला CBI के हाथ में
पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंपे जाने के सवाल पर उपमुख्यमंत्री ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि मेघालय और असम की सरकारें पहले ही इस मामले की जांच टेकओवर करने के लिए पत्र लिख चुकी हैं। उन्होंने कहा कि अब फैसला सीबीआई को करना है।
अवैध लकड़ियों से लदा ट्रक पकड़ाया, गोलीबारी में छह की मौत
रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले साल 22 नवंबर को गोलीबारी की घटना हुई थी। असम फॉरेस्ट प्रोटेक्शन फोर्स (AFPF) के सुरक्षाबलों ने मेघालय के मुकरोह गांव में रहने वाले ग्रामीणों पर फायरिंग की थी। खबरों में कहा गया कि कथित तौर पर जंगल की अवैध लकड़ियों से लदा ट्रक पकड़े जाने के बाद AFPF ने ग्रामीणों पर गोली चला दी। गोलीबारी के दौरान मारे गए छह लोगों में पांच मेघालय के निवासी हैं, जबकि एक असम का फॉरेस्ट गार्ड है।
51 साल पहले बना अलग राज्य, सीमा के अलावा भी कई मुद्दों पर टकराव
बता दें कि मेघालय असम से अलग होकर अलग राज्य बना। 51 साल पहले 1972 में अलग राज्य के गठन के बाद मेघालय की तरफ से असम पुनर्गठन कानून, 1971 को चुनौती दी है। इसमें मेघालय का दावा है कि 12 एकड़ भू-भाग विवादित है। 884.9 किलोमीटर लंबी सीमा पर दोनों राज्यों के बीच विवाद हो रहा है। टकराव कम करने के लिए दोनों राज्यों के बीच अहम समझौते हुए हैं। छह मुद्दों पर आम सहमति बन चुकी है, जिस पर दोनों राज्य एमओयू भी साइन कर चुके हैं। बाकी टकराव वाले मुद्दों पर मेघालय और असम के बीच लगातार वार्ता हो रही है।