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Naqvi on Population: मजहब नहीं, मुल्क की मुसीबत है जनसंख्या विस्फोट; योगी के बयान के बाद नकवी की प्रतिक्रिया
Tue, 12 Jul 2022 10:30 AM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Tue, 12 Jul 2022 10:30 AM IST
सार
जनसंख्या नियंत्रण को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने ट्वीट कर लोगों को सलाह दी है। उन्होंने कहा कि जनसंख्या विस्फोट तो मुल्क की मुसीबत है। इसे जाति और धर्म से नहीं जोड़ना ठीक नहीं है।
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पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी
- फोटो : एनआई
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विस्तार
देश में जहां जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानून बनाने की मांग हो रही है वहीं इसपर अब राजनीति भी तेज हो गई है। भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने इस मामले पर ट्वीट कर लोगों को मानसिकता बदलने की सलाह दे दी है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा है कि बेतहाशा जनसंख्या विस्फोट किसी मजहब की नहीं, मुल्क की मुसीबत है, इसे जाति और धर्म से जोड़ना जायज नहीं।
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इससे पहले योगी ने भी लोगों को दी थी सलाह
बता दें कि इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी जनसंख्या नियंत्रण पर अपना बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि जनसंख्या नियंत्रण के साथ ही जन सांख्यिकीय संतुलन बनाने की भी जरूरत है। परिवार नियोजन का ध्यान रखा जाए लेकिन जनसांख्यिकीय असंतुलन की स्थिति न पैदा होने पाए। इसके लिए हर मत, मजहब, वर्ग, संप्रदाय को जनसंख्या स्थिरीकरण के प्रयासों से समान रूप से जोड़ा जाना चाहिए। विश्व जनसंख्या दिवस पर एक समारोह में सीएम ने सोमवार को कहा कि जनसंख्या नियंत्रण के प्रयासों में ऐसा न हो कि किसी एक वर्ग की आबादी बढ़ने की गति ज्यादा हो और जो मूल निवासी हों, उन पर जनसंख्या स्थिरीकरण की कोशिशों और जागरूकता प्रयासों से उनकी आबादी को नियंत्रित कर दिया जाए। जिन देशों की जनसंख्या ज्यादा होती है, वहां जन सांख्यिकीय असंतुलन चिंता का विषय बनता है क्योंकि धार्मिक जन सांख्यिकीय पर विपरीत असर पड़ता है तो एक समय बाद वहां अव्यवस्था, अराजकता पैदा होने लगती है। इसलिए जनसंख्या स्थिरीकरण के प्रयासों से सभी वर्गों को समान रूप से जोड़ा जाना चाहिए।
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गिरिराज सिंह ने भी दिया बयान
गिरिराज सिंह ने चिंता जताते हुए कहा कि पिछले तीन दशकों में भारत आर्थिक प्रगति की रफ्तार में चीन से पिछड़ गया। लेकिन जनसंख्या वृद्धि की रफ्तार के मामले में पड़ोसी देश से आगे निकल गया है। सिंह ने कहा कि हमारे पास सीमित संसाधन हैं. हमारी आबादी सुरसा के मुंह की तरह बढ़ रही है। दस-दस बच्चे पैदा करने वाली विकृत मानसिकता पर भी अंकुश लगाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या का दानव भारत को विश्व गुरु बनने से रोक रहा है।