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कर्नाटक: 'पुलिस BJP-JDS को पैदल मार्च की अनुमति नहीं देगी, पर हम इसे रोकेगी भी नहीं', राज्य के गृह मंत्री बोले
Mon, 29 Jul 2024 05:29 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज जेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज जेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: श्वेता महतो
Updated Mon, 29 Jul 2024 05:29 PM IST
सार
परमेशवर से जब पूछा गया कि विपक्ष के इस पदयात्रा का मुकाबला करने के लिए कांग्रेस कोई योजना बना रही है, इस पर उन्होंने कहा कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार रणनीति तैयार कर रहे हैं।
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जी. परमेश्वर
- फोटो : ANI
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विस्तार
कर्नाटक में एमयूडीए घोटाले पर राज्य गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पुलिस एमयूडीए द्वारा भूमि खोने वालों को फर्जी तरीके से साइटों के आवंटन के विरोध में विपक्षी भाजपा और जनता दल (सेक्यूलर) के पैदल मार्च की अनुमति नहीं देगी। एमयूडीए घोटाले के विरोध में तीन से 10 अगस्त तक भाजपा और जेडीएस ने बंगलूरू से मैसूर तक एक हफ्ते का पैदल मार्च आयोजित करने का फैसला किया है।
कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने कहा, "हम पदयात्रा की अनुमति नहीं देते हैं। उन्हें (भाजपा-जेडीएस) करने दीजिए। हमने उनसे न नहीं कहा, लेकिन पुलिस विभाग आधिकारिक तौर पर कोई अनुमति नहीं देगा।" पत्रकारों से बात करते हुए परमेश्वर ने कहा, "उन्हें प्रदर्शन करने दीजिए। यह कई कानूनी मामले होंगे, इसलिए हम अनुमति नहीं देंगे। जब हम पदयात्रा कर रहे थे (जब भाजपा सत्ता में थी), तब हमें भी नहीं दिया गया था। हमने भी (बिना अनुमति के) किया था। हम उन्हें नहीं रोकेंगे। हम उन्हें सुविधा देंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें कोई समस्या न हो।"
परमेशवर से जब पूछा गया कि विपक्ष के इस पदयात्रा का मुकाबला करने के लिए कांग्रेस कोई योजना बना रही है, इस पर उन्होंने कहा, "पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार रणनीति तैयार कर रहे हैं।" उन्होंने कहा, "हम उनका मुकाबला करेंगे। वे केवल राजनीति कर रहे हैं। अब हम भी राजनीति करेंगे। हम पार्टी से ही करेंगे सरकार से नहीं।"
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क्या है मामला
सीएम सिद्धारमैया की पत्नी को मैसूर के एक महंगे इलाके में मुआवजा देने के लिए जगह आवंटित की गई थी, जिसकी संपत्ति का मूल्य उनकी उस जमीन की तुलना में अधिक था जिसे मुदा ने अधिग्रहित किया था। बता दें कि मुदा ने सीएम सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती को उनकी 3.16 एकड़ जमीन के बदले 50:50 अनुपात योजना के तहत प्लॉट आवंटित किए थे, जहां मुदा ने आवासीय खाका बनाया था। विवादास्पद योजना में खाका बनाने के लिए अधिग्रहित अविकसित भूमि के बदले में भूमि खोने वाले को 50 प्रतिशत विकसित भूमि आवंटित करने की परिकल्पना की गई है।
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कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने कहा, "हम पदयात्रा की अनुमति नहीं देते हैं। उन्हें (भाजपा-जेडीएस) करने दीजिए। हमने उनसे न नहीं कहा, लेकिन पुलिस विभाग आधिकारिक तौर पर कोई अनुमति नहीं देगा।" पत्रकारों से बात करते हुए परमेश्वर ने कहा, "उन्हें प्रदर्शन करने दीजिए। यह कई कानूनी मामले होंगे, इसलिए हम अनुमति नहीं देंगे। जब हम पदयात्रा कर रहे थे (जब भाजपा सत्ता में थी), तब हमें भी नहीं दिया गया था। हमने भी (बिना अनुमति के) किया था। हम उन्हें नहीं रोकेंगे। हम उन्हें सुविधा देंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें कोई समस्या न हो।"
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परमेशवर से जब पूछा गया कि विपक्ष के इस पदयात्रा का मुकाबला करने के लिए कांग्रेस कोई योजना बना रही है, इस पर उन्होंने कहा, "पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार रणनीति तैयार कर रहे हैं।" उन्होंने कहा, "हम उनका मुकाबला करेंगे। वे केवल राजनीति कर रहे हैं। अब हम भी राजनीति करेंगे। हम पार्टी से ही करेंगे सरकार से नहीं।"
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क्या है मामला
सीएम सिद्धारमैया की पत्नी को मैसूर के एक महंगे इलाके में मुआवजा देने के लिए जगह आवंटित की गई थी, जिसकी संपत्ति का मूल्य उनकी उस जमीन की तुलना में अधिक था जिसे मुदा ने अधिग्रहित किया था। बता दें कि मुदा ने सीएम सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती को उनकी 3.16 एकड़ जमीन के बदले 50:50 अनुपात योजना के तहत प्लॉट आवंटित किए थे, जहां मुदा ने आवासीय खाका बनाया था। विवादास्पद योजना में खाका बनाने के लिए अधिग्रहित अविकसित भूमि के बदले में भूमि खोने वाले को 50 प्रतिशत विकसित भूमि आवंटित करने की परिकल्पना की गई है।