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मोदी की इस योजना पर फिदा हुए थे सांसद, लेकिन पैसे नहीं लगाए
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 08 Aug 2016 10:40 AM IST
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बीते सील नवंबर में मोदी सरकार ने स्वर्ण मुद्रीकरण योजना शुरू की थी। इस योजना का उद्देश्य लोगों को लॉकर्स और घरों में बंद सोने को बाहर निकाल कर उसे डिपॉजिट स्कीम के रूप में बदलने के लिए प्रोत्साहित करना था जिससे की स्वर्ण के आयात पर अत्यधिक निर्भरता को कम किया जा सके और घरेलू मांग देश में ही उपलब्ध सोने से पूरी की जा सके। यह योजना जब शरू हुई थी तो सांसदों ने इस योजना की खूब तारीफ की थी, लेकिन हकीकत में सांसद इस योजना में अब तक निवेश करने से बचते रहें हैं।
इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक, लोकसभा और राज्यसभा सांसदों के चुनाव पुर्व दिए गए हलफनामे के मुताबिक इनके पास कुल मिलाकर 710 किलो सोना है। लेकिन अभी तक इनमें से किसी ने भी सरकार की स्वर्ण मुद्रीकरण योजना में निवेश नहीं किया है।
सरकार के मुताबिक देश में 20 हजार से भी ज्यादा सोमा मौजूद है। आज देश में 20 हजार टन से भी ज्यादा सोना मौजूद है। लेकिन फिर भी सोने के प्रति लोगों के आकर्षण में कोई कमी नहीं आ रही। सोने की इस आकर्षण के कारण देश में बड़ी मात्रा में सोने का आयात होता है।
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इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक, लोकसभा और राज्यसभा सांसदों के चुनाव पुर्व दिए गए हलफनामे के मुताबिक इनके पास कुल मिलाकर 710 किलो सोना है। लेकिन अभी तक इनमें से किसी ने भी सरकार की स्वर्ण मुद्रीकरण योजना में निवेश नहीं किया है।
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सरकार के मुताबिक देश में 20 हजार से भी ज्यादा सोमा मौजूद है। आज देश में 20 हजार टन से भी ज्यादा सोना मौजूद है। लेकिन फिर भी सोने के प्रति लोगों के आकर्षण में कोई कमी नहीं आ रही। सोने की इस आकर्षण के कारण देश में बड़ी मात्रा में सोने का आयात होता है।
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इस योजना में निवेश करना अभी जल्दबाजी होगी
जून 2103 में 400 टन सोने का आयात हुआ था जो हमारी कुल जीडीपी का 4.9 प्रतिशत था। सरकार ने बढ़ते सोने के आयात से बढ़ते वित्तीय घाटे को देखते हुए सोने पर 10 प्रतिशत ड्यूटी बढ़ा दी थी। बीते 12 महीनों में सोने की कीमत में 26 प्रतिशत का इजाफा हो चुका है।
16 मई को वित्त मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आकड़ों के मुताबिक इस योजना में अभी तक 2,891 किलो सोना जमा हुआ हैं, जिसमें से आधे से ज्यादा सोना भारत के सबसे धनी मंदिर तिरुपति बालाजी मंदिर ने जमा किए है। अप्रैल में, बालाजी मंदिर का वित्तीय प्रबंधन देखने वाले तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम ने 1,311 किलो सोना जमा किया था। इसके अलावा यह योजना की शुरुआत अभी तक मंद गति से ही चल रही है।
कांग्रेसी सांसद अभिषेक मनु सिंघवी और उनकी पत्नी के पास कुल मिलाकर 24 किलो सोना है, लेकिन जब उनसे इस योजना में निवेश के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'मैंने अभी तक इस योजना में निवेश नहीं किया है क्योंकि इस योजना में अभी निवेश करना जल्दबाजी होगी। मैंने इसके बारे में सिर्फ सुना है।'
16 मई को वित्त मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आकड़ों के मुताबिक इस योजना में अभी तक 2,891 किलो सोना जमा हुआ हैं, जिसमें से आधे से ज्यादा सोना भारत के सबसे धनी मंदिर तिरुपति बालाजी मंदिर ने जमा किए है। अप्रैल में, बालाजी मंदिर का वित्तीय प्रबंधन देखने वाले तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम ने 1,311 किलो सोना जमा किया था। इसके अलावा यह योजना की शुरुआत अभी तक मंद गति से ही चल रही है।
कांग्रेसी सांसद अभिषेक मनु सिंघवी और उनकी पत्नी के पास कुल मिलाकर 24 किलो सोना है, लेकिन जब उनसे इस योजना में निवेश के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'मैंने अभी तक इस योजना में निवेश नहीं किया है क्योंकि इस योजना में अभी निवेश करना जल्दबाजी होगी। मैंने इसके बारे में सिर्फ सुना है।'