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फैसला: सांसद निधि पर मिले ब्याज का इस्तेमाल विकास कार्यों में नहीं होगा, केंद्र का सासंदों को निर्देश
Mon, 09 May 2022 11:06 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Mon, 09 May 2022 11:06 PM IST
सार
माकपा सांसद जॉन ब्रिटास ने नई प्रक्रियाओं पर कड़ी आपत्ति जताई है और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से इस फैसले को वापस लेने का आग्रह किया है।
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वित्त मंत्रालय
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
सांसद एमपीलैड्स निधि पर अर्जित ब्याज का उपयोग विकास कार्यों के लिए नहीं कर सकते हैं, क्योंकि केंद्र विभिन्न केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं के तहत धन के उपयोग के मानदंडों को संशोधित करता है। वित्त मंत्रालय के एमपीलैड्स सहित सीएसएस के तहत धन के प्रवाह के लिए संशोधित प्रक्रिया के अनुसार सभी ब्याज आय अनिवार्य रूप से भारत की संचित निधि में जमा की जानी चाहिए। लोकसभा और राज्यसभा सचिवालयों द्वारा संशोधित प्रक्रियाओं के बारे में सांसदों को सूचित कर दिया गया है।
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माकपा सांसद जॉन ब्रिटास ने नई प्रक्रियाओं पर कड़ी आपत्ति जताई है और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से इस फैसले को वापस लेने का आग्रह किया है। ब्रिटास ने सोमवार को मंत्री को लिखे एक पत्र में कहा कि सदस्यों को एमपीलैड्स फंड के लिए अर्जित ब्याज राशि के लिए काम करने की सिफारिश जारी रखने की अनुमति दी जानी चाहिए, जो उन्हें हर साल वितरित की जाती है। पत्र की प्रतियां राज्यसभा के सभापति, लोकसभा अध्यक्ष और सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्री को भी भेजी गई हैं।
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ब्रिटास ने कहा, यह बस दिखाता है कि सरकार कैसे हितधारकों के साथ चर्चा किए बिना एकतरफा और मनमाना निर्णय लेती है। वित्त मंत्रालय ने नोडल मंत्रालय या संसद के साथ चर्चा किए बिना एमपीलैड पर ज्ञापन जारी किया है। सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MPLADS) के तहत, प्रत्येक सांसद अपने निर्वाचन क्षेत्रों में हर साल 5 करोड़ रुपये के खर्च वाले विकास कार्यक्रमों की सिफारिश कर सकता है। कोरोना महामारी को देखते हुए एमपीलैड्स को पिछले साल अप्रैल 2020 से नवंबर तक निलंबित कर दिया गया था।
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