पिछले पांच साल में आठ गुना बढ़े महिला अपराधों के आरोपी सांसद
- एडीआर रिपोर्ट : 2009 व 2014 में दो आरोपी सांसद थे इस बार 19
- तीन सांसदों और छह विधायकों पर दुष्कर्म के जघन्य आरोप
विस्तार
महिलाओं से अपराध के आरोपी सांसदों की संख्या पांच साल में करीब साढ़े नौ गुना बढ़ गई है। संसद में 19 सांसद और विधानसभाओं में 126 विधायक महिला अपराधों में आरोपी हैं। दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराध के आरोप तीन सांसदों और छह विधायकाें पर हैं। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने लोकसभा और राज्यसभा के 759 सांसदों और 4,063 विधायकों के चुनाव हलफनामों का विश्लेषण कर यह रिपोर्ट दी है। यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब पूरा देश महिलाओं से हो रहे अपराधों पर गुस्से में है।
ऐसे बढ़ते आरोपी जनप्रतिनिधि :
वर्ष सांसद विधायक
2009 02 38
2014 02 62
2019 19 126
तीन सांसदों पर दुष्कर्म के आरोप
- पश्चिम बंगाल के बिष्णुपुर से 2019 में आम चुनाव जीते सौमित्र खान भाजपा के इकलौते मुस्लिम सांसद हैं। उन पर छह केस दर्ज हैं।
- केरल के एर्नाकुलम से कांग्रेस सांसद हिबी ईडन पर भी दुष्कर्म और दुष्कर्म के प्रयास के आरोप हैं। उन पर कुल सात केस दर्ज हैं।
- आंध्रप्रदेश की हिंदुपुर सीट से वाईएसआरसीपी सांसद कुरुवा गोरंतला माधव पर दुष्कर्म और छेड़छाड़ के दो केस। हत्या का भी केस दर्ज।
छह विधायकों पर दुष्कर्म के मामले :
- गुलाब यादव, राजद : बिहार के मधुबनी की झंझारपुर सीट से विधायक हैं।
- अतानासियो मोंसेरेट, कांग्रेस (बाद में निष्कासित, चुनाव हारे) : उत्तर गोवा के पणजी से विधायक, नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में चार्जशीट पेश।
- जेठाभाई घेलाभाई अहिर, भाजपा : गुजरात के पंचमहल की शेहरा सीट से विधायक।
- ब्रजकिशोर प्रधान, बीजद : ओडिशा के अंगुल की तालछर सीट से विधायक।
- रामचंद्र जेना, कांग्रेस : ओडिशा के गंजम की सनखेमुंडी सीट से विधायक।
- रवीद्रं दत्तात्रेय चव्हाण, भाजपा : ठाणे की डोंबिवली सीट से विधायक।
केंद्रीय मंत्री पर भी महिला उत्पीड़न के आरोप :
- भाजपा : पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर से सांसद दिलीप कुमार घोष, बनगांव से शांतनु ठाकुर, कूच बिहार से श्रीनिशीथ प्रमाणिक, हुगली से लॉकेट चटर्जी, आसनसोल से बाबुल सुप्रियो, ओडिशा के कालाहांडी से बसंत कुमार पांडा, गुजरात के जूनागढ़ से राजेशभाई चूड़ासमा, झारखंड के हजारीबाग से मनीष जायसवाल पर महिला उत्पीड़न और यौन शोषण और छेड़छाड़ जैसे आरोप।
- कांग्रेस : केरल अत्तिंगल से अडूर प्रकाश, तिरुवनंतपुरम से शशि थरूर और तेलंगाना की मलकाजगिरी से सांसद अनुमुला रेवंथ रेड्डी पर भी ऐसे आरोप।
- अन्य दल : एनसीपी से सतारा के उदयनराजे भोसले (अब भाजपा में, अब चुनाव हारे), तेलंगाना के खम्मम से टीआरएस सांसद नामा नागेश्वर राव, वाईएसआरसीपी के राजामुंदरी से भरतराम मरगानी और आंध्र के विजीयनगरम से चंद्रशेखर बेल्लाना भी आरोपी।
572 आरोपियों को मिला था टिकट :
हिला अपराध के आरोपी 19 सांसद और 126 विधायक सदन में पहुंचे तो इसकी बड़ी वजह रही कि पांच वर्ष में विभिन्न राजनीतिक दलों ने जानबूझकर 572 आरोपियों को लोकसभा व विधानसभा चुनाव के टिकट दिए। इनमें 89 आम चुनाव और 321 विधानसभा चुनाव के लिए थे। वहीं 410 प्रत्याशी मान्यता प्राप्त दलों से थे और 162 निर्दलीय। लोकसभा का टिकट पाने वाले आरोपियों की संख्या में 2009 से 2019 में 231 प्रतिशत वृद्धि हुई।
महिला नेतृत्व वाली पार्टियों ने भी दिए आरोपियों को टिकट :
राजनीतिक दल किसी व्यक्ति को अपनी पार्टी का चुनाव टिकट देते समय इस बात की परवाह नहीं करते कि उस व्यक्ति पर महिला अपराध के आरोप हैं। बीते पांच वर्ष में सबसे ज्यादा 66 आरोपियों को टिकट भाजपा ने दिए। कांग्रेस ने 46, बसपा ने 40, तृणमूल ने सात ऐसे प्रत्याशी चुने। खास बात है कि इन तीनों पार्टी की मुखिया महिला हैं। माकपा 15, शिवसेना 13, सपा 13, भाकपा व वाईएसआरसीपी 9, आप 8, बीजद 7 और टीआरएस 6 आरोपियों को टिकट दे चुकी है।
पश्चिम बंगाल में सर्वाधिक :
पश्चिम बंगाल में महिला अपराध के सर्वाधिक 16 आरोपी सांसद-विधायक चुने गए। इसके बाद ओडिशा व महाराष्ट्र 12, आंध्रप्रदेश 8, तेलंगाना 5 रहे। एमपी, यूपी, उत्तराखंड व केरल से तीन-तीन और बिहार, गुजरात, झारखंड व तमिलनाडु से दो-दो आरोपी चुने गए।
भाजपा से चुने गए सबसे ज्यादा आरोपी :
सबसे ज्यादा 21 आरोपी सांसद व विधायक भाजपा के टिकट पर जीते। कांग्रेस से 16, वाईएसआरसीपी से 7, बीजद से 6, तृणमूल कांग्रेस 5, टीआरएस 4, निर्दलीय 3, द्रमुक 2, एनसीपी 2, राजद 2 और शिवसेना 2 आरोपी सदन पहुंचे। माकपा, झामुमो, पीजेपी, आरएसपी, सपा और टीडीपी ने 1-1 आरोपियों को सदन पहुंचाया।
आरोप : इस प्रकार के अपराध किए :
इन सांसदों विधायकों पर महिलाओं पर दुष्कर्म (आईपीसी 376), जबरदस्ती विवाह के लिए अपहरण या बंधक बनाने (आईपीसी 366), दुष्कर्म के प्रयास में बल प्रयोग (आईपीसी 354), पति या उसके संबंधियों द्वारा हिंसा (आईपीसी 498ए), वेश्यावृत्ति के लिए नाबालिग की खरीद (आईपीसी 373) और भद्दे इशारों, शब्दों या किसी गतिविधि से महिलाओं के अपमान (आईपीसी 509) जैसे आरोप हैं।