MP Politics: प्रियंका के लिए ऐसे सजा एमपी का मैदान, लोकसभा चुनावों से पहले बनेंगी कांग्रेस की सबसे बड़ी नेता!
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विस्तार
प्रियंका गांधी के लिए कांग्रेस ने मध्यप्रदेश में हैट्रिक बनाने के लिए बड़ा सियासी मैदान तैयार कर दिया है। हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक के बाद कांग्रेस पार्टी को उम्मीद है कि प्रियंका गांधी मध्यप्रदेश में एक बार फिर से वही करिश्मा दोहराएंगी, जो इन दो राज्यों में कर चुकी हैं। यही वजह है कि पार्टी ने प्रियंका गांधी के लिए जन सभाओं और रैलियों और सम्मेलनों के लिए बड़ी रणनीति बनाई है। कांग्रेस पार्टी से जुड़े नेताओं का कहना है है कि प्रियंका गांधी हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक की तरह यहां भी मुद्दों की राजनीति के साथ मध्यप्रदेश के सियासी रण में उतर चुकी हैं। जबलपुर और ग्वालियर चंबल क्षेत्र के बाद प्रियंका की अन्य क्षेत्रों में रैली जन सभाओं की तैयारियों का पूरा खाका खींच लिया गया है।
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हिमाचल और कर्नाटक के पैटर्न पर प्रियंका गांधी
कांग्रेस के रणनीतिकारों का मानना है कि प्रियंका गांधी ने जिस तरह से कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में पार्टी के पक्ष में बड़ा सियासी माहौल बनाया था, ठीक उसी तरह अब मध्यप्रदेश में भी प्रियंका गांधी माहौल बनाने के लिए उतर चुकी हैं। कांग्रेस पार्टी से जुड़े वरिष्ठ नेता सतीश आजमानी कहते हैं कि प्रियंका गांधी जिस तरह से दूसरे नेताओं पर सियासी प्रहार करने की बजाय मुद्दों की बात करके जनता में अपनी पैठ बनाती हैं, वही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। अजमानी कहते हैं कि प्रियंका गांधी हिमाचल प्रदेश में मुद्दों की बात करते हुए जनता के बीच में पहुंची थीं। ठीक इसी तरह प्रियंका गांधी ने कर्नाटक में भी आरोप-प्रत्यारोप से दूर जनता की मुख्य समस्याओं को दूर करने की बात कही थी। वे कहते हैं कि इन दोनों राज्यों में प्रियंका गांधी ने अपनी रैलियों में राज्य की जनता के लिए जो वादे किए थे, वह सरकार बनने पर पूरे भी होने लगे। वह कहते हैं कि अब मध्यप्रदेश में भी प्रियंका गांधी सिर्फ जनता के मुद्दों और समस्याओं की बात कर रही हैं। सतीश कहते हैं कि प्रियंका गांधी मध्यप्रदेश में जीत की हैट्रिक लगाने की ओर बढ़ रहीं हैं।
ऐसे साथ रहीं प्रियंका एमपी में निशाना
कांग्रेस पार्टी से जुड़े नेताओं का मानना है कि प्रियंका गांधी ने मध्यप्रदेश की दलित और आदिवासी आबादी से सबसे पहले अपनी बात रखी है। प्रियंका गांधी के लिए सियासी रणनीति बनाने वाली टीम से जुड़े एक वरिष्ठ नेता कहते हैं कि जिस तरीके से प्रियंका गांधी ने जबलपुर में अपने चुनावी अभियान की शुरुआत करते हुए आदिवासी इलाकों में उनसे सीधे मुखातिब होकर बात की, उससे इस पूरे इलाके में मतदाताओं के बीच और भरोसा बढ़ा है। उसके बाद प्रियंका गांधी ने ग्वालियर चंबल क्षेत्र में जाकर लोगों से मुखातिब हुई। कांग्रेस के रणनीतिकारों का मानना है कि ग्वालियर चंबल क्षेत्र में प्रियंका गांधी की उपस्थिति ने कई मायनों में मध्यप्रदेश की सियासत को कांग्रेस के लिहाज से बहुत मजबूत कर दिया है। मध्यप्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राघव शर्मा कहते हैं कि सियासी नजरिए से यह इलाका कांग्रेस के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि पार्टी का दलित वोट उनसे जुड़ा हुआ है। पार्टी से जुड़े नेताओं का मानना है कि प्रियंका गांधी की मौजूदगी ने इस इलाके में दलित वोटरों को न सिर्फ पार्टी की नीतियों से जोड़ा है, बल्कि उनमें भरोसा जताते हुए समूचे प्रदेश में उनके साथ खड़े होने की बात भी कही है।
सियासी रूप से कांग्रेस के लिए जरूरी है ग्वालियर चंबल क्षेत्र
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि सियासी रूप से कांग्रेस के लिए ग्वालियर चंबल क्षेत्र बहुत महत्वपूर्ण है। यही वजह है कि कांग्रेस के सियासी रणनीतिकारों ने प्रियंका गांधी के लिए जबलपुर के बाद इसी क्षेत्र को चुना। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि ग्वालियर चंबल क्षेत्र न सिर्फ दलित वोटरों के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि कांग्रेस के लिए एक संदेश देने के लिए भी यह क्षेत्र इस चुनाव में सबसे महत्वपूर्ण है। राजनीतिक विश्लेषक और पत्रकार जितेंद्र पवार कहते हैं कि दरअसल यह वही क्षेत्र है जहां पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस को सबसे कमजोर किया था। अब अगर प्रियंका गांधी के माध्यम से इस क्षेत्र में कांग्रेस खुद को मजबूत करती हैं, तो यह संदेश सिर्फ मध्यप्रदेश में ही नहीं बल्कि आने वाले चुनावों में अन्य राज्यों और लोकसभा के चुनावों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण होगा। पवार कहते हैं कि जिस तरीके से इस इलाके में प्रियंका गांधी ने सधे हुए ढंग से सिंधिया पर हमला भी किया और फिर उसको छोड़ते हुए जनता के मुद्दों पर आई वह बहुत सधी हुई रणनीति का एक हिस्सा है।
प्रियंका के लिए बिछी सियासी बिसात
कांग्रेस पार्टी से जुड़े रणनीतिकारों का मानना है कि प्रियंका गांधी की इन दो रैलियों के बाद अब जल्द ही तीसरी रैली मालवा इलाके में की जा सकती है। पार्टी से जुड़े नेताओं का कहना है कि प्रियंका गांधी मध्यप्रदेश के सभी क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से पहुंचेंगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है प्रियंका गांधी ने जिस तरीके से हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक में सियासी रूप से पार्टी को बढ़त दिलाई है, उसी का इस्तेमाल मध्यप्रदेश में भी किया जाना है। ताकि पार्टी मजबूती के साथ यहां पर वापसी कर सके और उसका संदेश न सिर्फ अगले राज्यों में दिया जाए बल्कि लोकसभा के चुनावों के लिहाज से भी उस को आगे बढ़ाया जाए। राजनीतिक विश्लेषक ओमप्रकाश मिश्रा का मानना है कि कांग्रेस पार्टी प्रियंका गांधी के लिहाज से मध्यप्रदेश को इसलिए भी और महत्वपूर्ण मान रही है कि पार्टी जीत की दशा में क्रेडिट प्रियंका गांधी को मिल सके। हालांकि कांग्रेस पार्टी से जुड़े वरिष्ठ नेता कहते हैं कि पार्टी की जीत सामूहिक ही होती है। लेकिन निश्चित तौर पर बड़े नेता उसके सूत्रधार होते हैं। उनका मानना है कि कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में जीत की सूत्रधार प्रियंका गांधी ही रही हैं।