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MP Politics: ‘मामा के घर‘ को लेकर मचा घमासान, आखिर इस बंगले पर क्यों नेता प्रतिपक्ष जता रहे हैं अपना दावा?

Wed, 24 Jan 2024 04:50 PM IST
Rahul Sampal राहुल संपाल
Updated Wed, 24 Jan 2024 04:50 PM IST
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सार
विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंगार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को एक चिट्ठी लिखी है। उन्होंने सीएम से सरकारी आवास बी-9 का आवंटन उन्हें करने की मांग की है। उमंग सिंगार ने तर्क दिया है कि बी-9 बंगला आदिवासी वर्ग की नेता रहीं और प्रदेश की पहली महिला उपमुख्यमंत्री स्व. जमुना देवी को वर्षों आवंटित रहा है, जो उनकी बुआ भी थीं...
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MP Politics: an uproar over 'Mama ka Ghar', why leader of opposition claiming on this bungalow?
MP Politics - फोटो : Amar Ujala/Rahul Bisht

विस्तार

मध्यप्रदेश में कांग्रेस के विधायक और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को एक पत्र लिखा है। इसके बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंगार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को एक चिट्ठी लिखी है। इसमें उन्होंने सीएम से 74 बंगले में बने सरकारी आवास बी-9 का आवंटन उन्हें करने की मांग की है।

इसके पीछे उमंग सिंगार ने तर्क दिया है कि बी-9 बंगला आदिवासी वर्ग की नेता रहीं और प्रदेश की पहली महिला उपमुख्यमंत्री स्व. जमुना देवी को नेता प्रतिपक्ष के नाते वर्षों आवंटित रहा है। वे आदिवासी समुदाय की नेता होने के साथ साथ मेरी बुआ थीं। बचपन से ही इस बी-9 शासकीय बंगले में मैंने उन्हें दिन-रात प्रदेशवासियों की सेवा करते देखा है। जमुना देवी के भतीजे होने के नाते उनकी यादें भी इस बंगले से जुड़ी हुई हैं, ऐसे में आदिवासी वर्ग के लिए बेहतर काम करने के लिए उन्हें बी-9 आवास आवंटित किया जाए।

दरअसल, इस सरकारी बंगले की कहानी कुछ ऐसी है कि बी-9 से लगा बी-8, 74 बंगला मामा का घर है। शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री पद से हटाने के बाद यहां पर शिफ्ट हुए हैं। इसी से लगे बी-9 में शिवराज सिंह चौहान का दफ्तर संचालित होता है। 74 बंगले के बी-9 बंगले का मामला विधानसभा में भी गूंज चुका है। तत्कालीन कांग्रेस विधायक विनय सक्सेना ने शिवराज सिंह चौहान के घर से लगे बी-9 सरकारी आवास को डिस्मेंटल करने का आरोप लगाया था और करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद सरकारी आवास को डिस्मेंटल करने पर सवाल भी खड़े किए थे।

74 बंगले के बी-9 की कहानी कुछ इस तरह भी है कि यह लंबे समय तक नेता प्रतिपक्ष रहीं जमुना देवी का आवास रहा। इसके बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे स्वर्गीय नंदकुमार सिंह चौहान के नाम आवंटित रहा। इसके बाद यह शिवराज सिंह चौहान की पत्नी साधना सिंह के सामाजिक संगठन किरार समाज के नाम पर आवंटित किया गया। लेकिन उसके बाद इस सरकारी बंगले को डिस्मेंटल बताया गया। लेकिन शिवराज सिंह चौहान यानी मामा के घर से लगे इस सरकारी आवास में उनका दफ्तर संचालित होता है और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने मामा के घर से लगे इस डिस्मेंटल आवास की मांग रख कर सरकारी आवास को फिर से सुर्खियों में ला खड़ा किया है।

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