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इंदौर में बिजली संकट के बीच रात भर जुटे रहे 30 इंजीनियर, 80 हजार घरों को 10 घंटे बाद मिली राहत
Sat, 01 Jun 2019 02:57 PM IST
Nilesh Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: Nilesh Kumar
Updated Sat, 01 Jun 2019 02:57 PM IST
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Indore Power House(File Photo)
- फोटो : ANI
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मध्यप्रदेश के इंदौर में बिजली कंपनी के मुख्यालय पोलोग्राउंड में 132 केवी सब स्टेशन में लगी आग पर शुक्रवार सुबह काबू पाया जा सका। रात भर करीब 30 इंजीनियर बिजली संकट दूर करने में लगे रहे। काफी मेहनत के बाद 80 हजार घरों को 10 घंटे बाद राहत मिल सकी। इस ग्रिड को नए सिरे से बनने में महीनेभर का वक्त और तकरीबन 10 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है।
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आग लगते ही बिजली अफसरों ने निगम को सूचना दी, तब जाकर निगम के सभी 18 जोन से टैंकर बुलाए गए। आग बुझने के बाद अफसरों ने जांच की तो पता चला सिलेंडर के आकार जैसा सीटी ट्रांसफॉर्मर गर्म होकर फट गया था। एमडी विकास नरवाल, चीफ इंजीनियर गजरा मेहता, अधीक्षण यंत्री अशोक शर्मा, देवास के एसई ध्रुवनारायण शर्मा, कार्यपालन यंत्री नॉर्थ डिविजन भूपेंद्र सिंह समेत 30 इंजीनियर और 100 से ज्यादा कर्मचारी रातभर जुटे रहे।
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ट्रांसफॉर्मर जलने के कारण इंदौर के पोलोग्राउंड, स्नेहलतागंज, पाटनीपुरा, परदेशीपुरा, मालवा मिल, क्लर्क काॅलोनी, विजय नगर, पलासिया, एलआईजी, एमआईजी, एचआईजी, मानवता नगर, आनंद बाजार, बड़ा गणपति, राज मोहल्ला सहित कई कॉलोनियों में रातभर लोगों ने जागकर रात गुजारी। बताया जा रहा है कि अब करंट ट्रांसफॉर्मर और अन्य उपकरण भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) से आएंगे। भोपाल से ये उपकरण मंगवाए गए हैं।
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