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ज्योतिरादित्य की तरह कांग्रेस में कई नेता अंसतुष्ट, समय तय करेगा उनका भविष्यः विनय सहस्रबुद्धे

Sun, 15 Mar 2020 04:56 PM IST
अमित कुमार अमित शर्मा, नई दिल्ली 
अमित शर्मा, नई दिल्ली  Published by: अमित कुमार Updated Sun, 15 Mar 2020 04:56 PM IST
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MP Crisis: There are many leaders in congress not satisfied like scindia: Vinay Sahasrabuddhe
भाजपा के मध्यप्रदेश के प्रभारी और सांसद विनय सहस्रबुद्धे - फोटो : Amar Ujala

मध्यप्रदेश में राज्यपाल लालजी टंडन ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को सोमवार को बहुमत साबित करने का निर्देश दे दिया है। अगर कोई बड़ा उलटफेर नहीं होता है तो यहां कांग्रेस सरकार को मुश्किल हो सकती है। इस महत्त्वपूर्ण घटनाक्रम के बीच हमारे विशेष संवाददाता अमित शर्मा ने भाजपा के मध्यप्रदेश प्रभारी और पार्टी सांसद विनय सहस्रबुद्धे से मुलाकात की और विभिन्न मुद्दों पर पार्टी का पक्ष जाना। प्रस्तुत है वार्ता के प्रमुख अंश-

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सवाल- विनय जी, सबसे पहला सवाल तो यह कि सोमवार को फ्लोर टेस्ट में क्या होने की संभावना है?

जवाब : देखिए, जिस दिन कांग्रेस के 22 विधायकों ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया था, कमलनाथ सरकार का भविष्य तो उसी दिन तय हो गया था। नैतिक तरीका तो यह होना चाहिए था कि कमलनाथ जी को उसी दिन अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए था। मगर कोई बात नहीं, संविधान में कुछ प्रक्रियाएं हैं। अगर वे उनसे गुजर कर इस्तीफा देना चाहते हैं तो यह उनकी मर्जी। हकीकत तो यह है कि हम तकनीकी रूप से ही हारे थे। चंद वोटों के कारण हमारी कुछ सीटें कम आईं और सरकार बनते-बनते रह गई। ऐसे में इस तरह की सरकारों का जो हश्र होता है, कमलनाथ जी की सरकार का वही हश्र हो रहा है। ऐसे में अगर कमलनाथ जी की सरकार गिरती है, जो कि होना ही है, तो इसमें किसी को कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए।
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सवाल- कांग्रेस का सीधा आरोप है कि भाजपा असंवैधानिक तरीके से विधायकों को तोड़कर, डराकर, खरीद-फरोख्त कर एक चुनी सरकार को गिराने की कोशिश कर रही है। आप चुनाव हार गए थे। ऐसे में इस तरह सरकार बनाने की आवश्यकता पार्टी को क्यों है?
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जवाब : अगर कांग्रेस के नेता अपनी पार्टी के नेतृत्व से परेशान हैं, नाराज हैं। यह नाराजगी इस हद तक बढ़ती है कि वे अपनी अलग राह चुन लेते हैं तो इसमें उन्हें भाजपा को दोष क्यों देना चाहिए? ऐसा भी नहीं है कि यह नाराजगी केवल मध्यप्रदेश में ही है। कांग्रेस के अनेक राज्यों में उनके लोगों की अपने नेतृत्व से नाराजगी जगजाहिर है। इसलिए दूसरों को दोष देने से ज्यादा बेहतर है कि उन्हें आत्मचिंतन करना चाहिए।

सवाल- क्या आपका इशारा है कि भाजपा राजस्थान या अन्य कांग्रेस शासित राज्यों में भी 'कर्नाटक वाला फार्मूला' अपना सकती है? क्या कोई दूसरा कांग्रेसी नेता भी आपके संपर्क में है?

जवाब : (हंसते हुए) यह आपकी कल्पना है। मैं ऐसा नहीं कह रहा हूं कि हम किसी को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन मैं यह अवश्य कह रहा हूं कि कांग्रेस के अंदर अपने नेतृत्व को लेकर भयानक नाराजगी है। अब यह नाराजगी किस समय पर किस प्रकार से सामने आती है यह देखने वाली बात होगी।

सवाल- आपको क्या लगता है, कमलनाथ सरकार पर यह संकट क्यों आया है?

जवाब: सच्चाई तो यह है कि कमलनाथ की सरकार जिस दिन से बनी है, राज्य में तबाही जैसी स्थिति है। सामान्य जनता से लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता भी अपने ही नेतृत्व से परेशान हैं क्योंकि जिन वादों को करके वे सत्ता में आए थे, उन पर कोई काम नहीं हो रहा है। ऐसे में लोग कार्यकर्ताओं से सवाल कर रहे हैं, लेकिन उनके पास कोई जवाब नहीं है क्योंकि सरकार कोई काम नहीं कर रही है। 

सरकार ने अनेक सामाजिक योजनाओं को बंद कर दिया है। लोग परेशान हैं। सरकार केवल ट्रांसफर उद्योग चला रही है। राहुल गांधी जी ने दस घंटे में किसानों का कर्ज माफ करने की बात कही थी, लेकिन सरकार बनने के डेढ़ साल होने के बाद भी आज तक लोग भटक रहे हैं। अब इन वादों से उम्मीद लगाए लोग उनके खिलाफ हो रहे हैं तो इसमें भाजपा क्या कर सकती है?

सवाल- भाजपा ने मध्यप्रदेश में लंबे समय तक शासन किया है। वहां आपका अच्छा जनाधार है और आपका संगठन निचले स्तर तक मजबूत है। ऐसे में बिना वैचारिक आधार के बाहर से आ रहे लोगों को साथ लेने की क्या आवश्यकता है और क्या इससे संगठन के अंदर ही मतभेद नहीं बढ़ेगा?

जवाब : निश्चित रूप से मध्यप्रदेश में पार्टी का संगठन मजबूत है। मगर राजनीति समाज सेवा का माध्यम है। इसमें जितने ज्यादा लोग जुड़ते हैं तो यह अच्छी ही बात है। टकराव लाभ के विषयों में होता है, जहां ज्यादा लाभ लेने के लिए लोग टकराते हैं। लेकिन अगर आपको समाज सेवा करनी है तो जितने ज्यादा से ज्यादा लोग आपके साथ जुड़ें, उतना ही अच्छा है।

सवाल- अगर कमलनाथ सरकार गिरती है तो आपकी तरफ से पार्टी का प्रतिनिधित्व कौन करने जा रहा है? आपके नेता शिवराज सिंह चौहान ही रहेंगे या पार्टी किसी नए चेहरे को मौका देने की योजना बना रही है?


जवाब : यह आपका काल्पनिक प्रश्न है। मैं ऐसे किसी सवाल का जवाब नहीं दूंगा। लेकिन यह स्पष्ट है कि हमारी पार्टी में अनेक योग्य नेता हैं। सही समय आने पर पार्टी ही इस सवाल का सही जवाब तय करेगी।

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