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3 घंटे इतंजार करता रहा शहीद का परिवार, फिर भी नहीं आए सीएम चौहान
amarujala.com-Presented by- मोहित
Updated Thu, 27 Apr 2017 03:43 PM IST
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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान
- फोटो : amar ujala
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छत्तीसगढ़ के सुकमा में सोमवार को नक्सलियों के एक ग्रुप ने सीआरपीएफ जवानों पर हमला कर दिया था जिसमें 25 जवान शहीद हुए थे, उनमें से एक रीवा के गंगतीरा निवासी नारायण सोनकर भी थे। शहीद का परिवार और ग्रामीण शहीद के अंतिम संस्कार के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के शामिल होने की मांग कर रहे थे।
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मामला मध्य प्रदेश के रेवा जिला के गंगतीरा गांव का है। राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार के लिए विरोध कर रहे सोनकर का परिवार और ग्रामीण सीएम के शामिल को विदाई समाहरोह में शामिल करने की जिद पर अड़ गया।
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इस दौरान सीआरपीएफ के डीआईजी दिनेश त्रिपाठी एवं रीवा सांसद जनार्दन मिश्र ने परिजनों को समझाने का काफी प्रयास किया लेकिन वे नहीं माने। दरअसल मुख्यमंत्री भोपाल में एक गुरुकुल का उद्धघाटन करने में व्यस्त थे।
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परिवार ने मांग की कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत घर को मुख्यमार्ग से जोड़ने वाली सड़क बनाई जाए। वहीं गांवों वालों ने विरोध कर शहीद के परिवार के लिए 50 लाख मुआवजा और सोनकर के दो बेटों के लिए सरकारी नौकरी की मांग की।
जिसके बाद खनिज साधन तथा प्रवासी भारतीय मंत्री राजेन्द्र शुक्ल आनन-फानन में वहां पहुंचे और परिजनों और ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनकी सभी मांगों को पूरा किया जाएगा जिसके बाद वह अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए।
इस अवसर पर सांसद जनार्दन मिश्र, विधायक रमाकांत तिवारी, जिलाधिकारी राहुल जैन, आईजी सीआरपीएफ दिनेश त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक संजय कुमार सहित जन-प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।