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Kerala: हाईकोर्ट का फिल्म समीक्षकों को निर्देश, कहा- समीक्षाओं का उद्देश्य सूचना देना न कि जबरन वसूली करना
Wed, 08 Nov 2023 03:35 AM IST
यशोधन शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Wed, 08 Nov 2023 03:35 AM IST
सार
अदालत ने कहा कि समीक्षाओं का उद्देश्य सूचना देना और ज्ञान देना है। पुलिस अधिकारियों को ऐसे मामलों में सावधानी से कार्रवाई करनी चाहिए। कोर्ट ने अब मामले की सुनवाई 21 नवंबर को तय की है।
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केरल हाईकोर्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
केरल हाईकोर्ट ने मंगलवार को फिल्म समीक्षकों के लिए निर्देश जारी किया। कोर्ट ने हालिया प्रवृत्ति के खिलाफ याचिका पर विचार करते हुए कहा कि फिल्म समीक्षाओं का उद्देश्य लोगों को सूचित करना और जागरूक करना है, न कि लोगों को नुकसान पहुंचाना और उनसे जबरन वसूली करना।
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न्यायमूर्ति देवन रामचंद्रन ने कहा कि 'अभिव्यक्ति की बेलगाम स्वतंत्रता' के कारण किसी फिल्म के पीछे व्यक्तियों की प्रतिष्ठा का बलिदान नहीं दिया जा सकता है।केरल फिल्म प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन और अन्य हितधारकों द्वारा दायर याचिकाओं पर विचार करते हुए, हाईकोर्ट ने राज्य पुलिस प्रमुख को ऐसे गुमनाम पोस्ट के खिलाफ उचित कार्रवाई करने के अपने पूर्व आदेश का पालन करने का निर्देश दिया, जिनमें फिल्म की निंदा या दुश्प्रचार से संबंधित सामग्री शामिल है।
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21 नवंबर को होगी आगे की सुनवाई
अदालत ने कहा कि समीक्षाओं का उद्देश्य सूचना देना और ज्ञान देना है। पुलिस अधिकारियों को ऐसे मामलों में सावधानी से कार्रवाई करनी चाहिए। कोर्ट ने अब मामले की सुनवाई 21 नवंबर को तय की है।
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पिछली सुनवाई में, अदालत ने ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर कड़ी नजर रखने का आह्वान किया था ताकि गुमनाम और दुर्भावनापूर्ण समीक्षा प्रसारित न की जा सके। इस बीच, राज्य सरकार ने मंगलवार को हाईकोर्ट के समक्ष कहा कि पुलिस ने कुछ शिकायतों के आधार पर मामले में पहले ही कार्रवाई शुरू कर दी है।
सरकार ने यह भी कहा है कि सभी गुमनाम पोस्ट पर नजर रखी जा रही है और अगर कोई शिकायत मिलती है तो उसकी गंभीरता से जांच की जा रही है। वहीं, केंद्र सरकार के वकील ने अदालत को बताया कि एक सक्षम प्राधिकारी मुद्दों पर विचार कर रहा है। साथ ही केंद्र ने अपना जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया।