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UAE में फंसा बेटा: अग्निवीर बनने का सपना अधूरा? एक लाख रुपये की शर्त मां के लिए बनी सबसे बड़ी बाधा
Sun, 26 Jul 2026 02:22 AM IST
प्रशांत तिवारी
पीटीआई, हैदराबाद
पीटीआई, हैदराबाद
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Sun, 26 Jul 2026 02:22 AM IST
सार
यूएई में काम कर रहे तेलंगाना के एक युवक की मां ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी से गुहार लगाई है कि उनके बेटे को भारत वापस लाने में मदद की जाए, ताकि वह भारतीय सेना की 'अग्निवीर' भर्ती परीक्षा में शामिल हो सके। महिला का कहना है कि बेटे का वीजा रद्द कराने के लिए कंपनी एक लाख रुपये से अधिक की रकम मांग रही है, जिसे वह देने में असमर्थ हैं।
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सीएम रेवंत रेड्डी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
तेलंगाना के जगतियाल जिले की रहने वाली कोपार्थी सुमालथा ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी से अपने बेटे अभिलाष को यूएई से भारत वापस लाने की गुहार लगाई है। अभिलाष को अग्निवीर भर्ती के फिजिकल स्क्रीनिंग टेस्ट के लिए चुना गया है, लेकिन जिस कंपनी में वह काम कर रहा है, वह वीजा रद्द करने के लिए करीब 1.08 लाख रुपये का जुर्माना मांग रही है। आर्थिक तंगी के कारण परिवार यह राशि नहीं चुका पा रहा है। राज्य सरकार ने भारतीय दूतावास और संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर युवक की वापसी सुनिश्चित कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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बेटा यूएई कैसे पहुंचा था?
महिला ने बताया कि उनका बेटा अभिलाष 8 जुलाई को जगतियाल जिला मुख्यालय स्थित एक लाइसेंस प्राप्त खाड़ी (गल्फ) भर्ती एजेंसी के माध्यम से टूरिस्ट वीजा पर मुंबई से अबू धाबी गया था। इसके बाद 13 जुलाई को उसे रोजगार (एम्प्लॉयमेंट) वीजा जारी कर दिया गया।
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अग्निवीर भर्ती का मौका कैसे मिला?
शनिवार को आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि 14 जुलाई को अभिलाष को एक ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें उसे भारतीय सेना की 'अग्निवीर' भर्ती रैली के तहत फिजिकल स्क्रीनिंग टेस्ट के लिए शॉर्टलिस्ट किए जाने की जानकारी दी गई।
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भारत लौटने में सबसे बड़ी अड़चन क्या है?
महिला का आरोप है कि जिस कंपनी में उनका बेटा काम कर रहा है, उसने साफ कह दिया है कि जब तक वीजा रद्द करने के लिए AED 4,100 (करीब 1.08 लाख रुपये) का जुर्माना नहीं भरा जाएगा, तब तक उसे नौकरी से नहीं छोड़ा जाएगा।
भर्ती एजेंट ने क्या शर्त रखी है?
महिला के अनुसार, भर्ती कराने वाले एजेंट ने भी यही शर्त रखी है। ऐसे में उनका बेटा समय रहते भारत लौटकर अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पा रहा है।
सरकार से किस तरह की मदद मांगी गई है?
सुमालथा ने मुख्यमंत्री के 'प्रजावाणी' कार्यक्रम के राज्य नोडल अधिकारी के. विद्यासागर से भी मुलाकात की और सरकार से अनुरोध किया कि उनके बेटे की भारत वापसी सुनिश्चित की जाए, ताकि वह भारतीय सेना में भर्ती होकर देश सेवा का अपना वर्षों पुराना सपना पूरा कर सके।
प्रशासन ने इस मामले में क्या कदम उठाया?
के. विद्यासागर ने सामान्य प्रशासन विभाग के विशेष मुख्य सचिव को पत्र लिखकर आर्थिक रूप से कमजोर इस परिवार की मदद के लिए तत्काल हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है। वहीं, तेलंगाना सरकार की NRI सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष मंधा भीम रेड्डी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।
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अब आगे क्या होगा?
भीम रेड्डी ने पीटीआई से कहा कि राज्य सरकार अबू धाबी स्थित भारतीय दूतावास को पत्र लिखकर अभिलाष की सुरक्षित और शीघ्र भारत वापसी के लिए सहयोग मांगेगी। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए अबू धाबी में सक्रिय समाजसेवियों के साथ भी समन्वय किया जाएगा।