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पेट दर्द का बहाना बनाकर सबसे ज्यादा छुट्टी लेते हैं कामकाजी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 15 Jun 2018 12:02 PM IST
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जिस तरह से देश में कामकाजियों की छुट्टियों पर कंपनियां कैंची चला रहीं है उसी तेजी से कर्मचारियों के पेट का दर्द बढ़ता जा रहा है। हाल ही में एक सर्वे में सामने आया है कि देश के बड़े शहरों में लोगों के ऑफिस से छुट्टी लेने का दूसरा सबसे बड़ा कारण है पेट दर्द। सर्वे में खुलासा किया गया है कि बड़े शहरों में काम करने वाले 89 फीसदी लोग पेट दर्द का नाम लेकर ऑफिस से छुट्टी लेते हैं। वहीं सिर्फ 90 फीसदी से ज्यादा लोग परिवार की समस्या बता कर भी छुट्टी लेते हैं।
छुट्टियों और स्वास्थ विषय पर गैर सरकारी संस्था एचसीएफआई ने राजधानी समेत देश के 11 शहरों में सर्वेक्षण किया। इस सर्वे के दौरान करीब 3000 मरीजों और 300 डॉक्टरों को शामिल किया गया था।
यही नहीं सर्वे के दौरान लोगों ने माना कि छुट्टी लेने का दूसरा सबसे बड़ा कारण परिवार से जुड़ी समस्या है। और परिवार के नाम पर करीब 90 फीसदी लोग दफ्तर से छुट्टी लेते रहे हैं। अपने आप में अनोखे सर्वे के बारे में एचसीएफआई के प्रवक्ता ने बताया कि चूंकि यह पूरा सर्वेक्षण स्वास्थय से जुड़ा था इसलिए हमने यह जानने की कोशिश की कि कौन सी स्वास्थ्य समस्याएं है जिसकी वजह से लोग सबसे ज्यादा दफ्तर से गायब रहते हैं।
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जांच में पता चला की इतनी बड़ी संख्या में लोगों के पेट दर्द की वजह से छुट्टी लेने का कारण इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (आईबीएस) है। यह आंतों की ऐसी समस्या है, जिसकी वजह से पेट दर्द और पेशाब में परेशानी होती है। इस पर बिना डॉक्टरी सलाह के उपचार करना लोगों की मुश्किलें बढ़ाता है।
यही नहीं बिना डॉक्टरी सलाह के दवा लेने वाले लोगों की तादाद भी तेजी से बढ़ रही है। शोध के दौरान करीब 58.3 फीसदी लोगों ने यह माना कि वे बिना किसी डॉक्टरी सलाह के ही दवाएं ले लेते हैं। जबकि 8.3 फीसदी लोग तो पेट दर्द होने पर डॉक्टर से सलाह तक नहीं लेते हैं। इस पूरे शोध में संस्था ने 11 शहरों के बड़े गैर सरकारी अस्पताल और डॉक्टरों को शामिल किया था। इन शहरों में दिल्ली, बंगलुरू, चेन्नई, पटना, पुणे, चंडीगढ़, जयपुर, मुंबई, लखनऊ, कानपुर और भोपाल शामिल किए गए।
सर्वे में यह बात भी सामने आई कि आईबीएस की वजह से लोगों की पूरी जीवनशैली पर असर पड़ रहा है। यही नहीं खाने की आदतों आदि पर भी असर पड़ रहा है। सर्वे में शामिल 46% लोगों ने माना कि इरिटेबल बाउल सिंड्रोम की वजह से उनकी जीवनशैली में काफी बदलाव हुए हैं।
डॉ. अनिल बंसल ने बताया- इरिटेबल बाउल सिंड्रोम बड़े शहरों में बहुत तेजी से बढ़ रहा है। अगर आपको अक्सर पेट में दर्द होने की शिकायत हो रही है तो दवा लेने से पहले डॉक्टर से संपर्क करें यही नहीं कम से कम आठ लीटर पानी दिन में पीने की आदत डालें, मौसमी फल और फाइबर युक्त भोज्य पदार्थ को डेली रूटीन में शामिल करें।
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छुट्टियों और स्वास्थ विषय पर गैर सरकारी संस्था एचसीएफआई ने राजधानी समेत देश के 11 शहरों में सर्वेक्षण किया। इस सर्वे के दौरान करीब 3000 मरीजों और 300 डॉक्टरों को शामिल किया गया था।
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यही नहीं सर्वे के दौरान लोगों ने माना कि छुट्टी लेने का दूसरा सबसे बड़ा कारण परिवार से जुड़ी समस्या है। और परिवार के नाम पर करीब 90 फीसदी लोग दफ्तर से छुट्टी लेते रहे हैं। अपने आप में अनोखे सर्वे के बारे में एचसीएफआई के प्रवक्ता ने बताया कि चूंकि यह पूरा सर्वेक्षण स्वास्थय से जुड़ा था इसलिए हमने यह जानने की कोशिश की कि कौन सी स्वास्थ्य समस्याएं है जिसकी वजह से लोग सबसे ज्यादा दफ्तर से गायब रहते हैं।
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जांच में पता चला की इतनी बड़ी संख्या में लोगों के पेट दर्द की वजह से छुट्टी लेने का कारण इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (आईबीएस) है। यह आंतों की ऐसी समस्या है, जिसकी वजह से पेट दर्द और पेशाब में परेशानी होती है। इस पर बिना डॉक्टरी सलाह के उपचार करना लोगों की मुश्किलें बढ़ाता है।
यही नहीं बिना डॉक्टरी सलाह के दवा लेने वाले लोगों की तादाद भी तेजी से बढ़ रही है। शोध के दौरान करीब 58.3 फीसदी लोगों ने यह माना कि वे बिना किसी डॉक्टरी सलाह के ही दवाएं ले लेते हैं। जबकि 8.3 फीसदी लोग तो पेट दर्द होने पर डॉक्टर से सलाह तक नहीं लेते हैं। इस पूरे शोध में संस्था ने 11 शहरों के बड़े गैर सरकारी अस्पताल और डॉक्टरों को शामिल किया था। इन शहरों में दिल्ली, बंगलुरू, चेन्नई, पटना, पुणे, चंडीगढ़, जयपुर, मुंबई, लखनऊ, कानपुर और भोपाल शामिल किए गए।
सर्वे में यह बात भी सामने आई कि आईबीएस की वजह से लोगों की पूरी जीवनशैली पर असर पड़ रहा है। यही नहीं खाने की आदतों आदि पर भी असर पड़ रहा है। सर्वे में शामिल 46% लोगों ने माना कि इरिटेबल बाउल सिंड्रोम की वजह से उनकी जीवनशैली में काफी बदलाव हुए हैं।
डॉ. अनिल बंसल ने बताया- इरिटेबल बाउल सिंड्रोम बड़े शहरों में बहुत तेजी से बढ़ रहा है। अगर आपको अक्सर पेट में दर्द होने की शिकायत हो रही है तो दवा लेने से पहले डॉक्टर से संपर्क करें यही नहीं कम से कम आठ लीटर पानी दिन में पीने की आदत डालें, मौसमी फल और फाइबर युक्त भोज्य पदार्थ को डेली रूटीन में शामिल करें।