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'तलाक के ज्यादातर मामले प्रेम विवाह से...', सुप्रीम कोर्ट के जज ने की यह टिप्पणी, जानें क्या था मामला

Wed, 17 May 2023 01:43 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Wed, 17 May 2023 01:43 PM IST
सार

जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस संजय करोल की बेंच वैवाहिक विवाद से जुड़े एक मसले को ट्रांसफर करने के मुद्दे पर सुनवाई कर रही थी।

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Most Divorce cases arising from Love Marriage Supreme Court news and updates
प्रेम विवाह

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को तलाक के एक केस में सुनवाई के दौरान प्रेम विवाह के मुद्दे पर टिप्पणी की है। दरअसल, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस संजय करोल की बेंच वैवाहिक विवाद से जुड़े एक मसले को ट्रांसफर करने के मुद्दे पर सुनवाई कर रही थी। इस दौरान याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने बताया कि उनके मुवक्किलों का प्रेम विवाह हुआ है। इसी को लेकर जस्टिस गवई ने अपनी टिप्पणी में कहा कि तलाक के ज्यादातर मामले प्रेम विवाह से ही सामने आ रहे हैं। 
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केस में क्या बोली बेंच?
जस्टिस गवई ने कहा कि ज्यादातर तलाक के मामले में सिर्फ प्रेम विवाह से ही आ रहे हैं। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को मामले में मध्यस्थता का प्रस्ताव दिया। हालांकि, पति की तरफ से इसका विरोध किया गया। इसके बाद कोर्ट ने कहा कि वह बिना पति की सहमति के भी तलाक देने का फैसला कर सकता है। इसके बाद बेंच ने मामले में मध्यस्थता कराने की बात कही।
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