लड़ेंगे कोरोना से: दूसरी लहर के दौरान दुनिया हमारी मदद को आगे आई, केंद्र ने राज्यसभा में दी जानकारी
केंद्र सरकार ने गुरुवार को राज्यसभा में बताया कि कोविड महामारी की दूसरी लहर के दौरान देश में बनी संकट की स्थिति से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से भारत को पूरा सहयोग मिला।
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विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने राज्यसभा में बताया कि भारत ने स्पूतनिक कंपोनेंट 1 टीके की 31.5 लाख इकाइयां और स्पूतनिक कंपोनेंट 2 टीके की 4.5 लाख इकाइयों का अभी तक आयात किया है।
उन्होंने कहा कि कोविड महामारी की दूसरी लहर के संकट के दौरान अंतरराष्ट्रीय समुदाय उन विशिष्ट दवाओं और उपकरणों के लिए एकजुटता और सहायता के प्रस्तावों के साथ आगे आया जो उस समय तक हमारे देश में तुरंत उपलब्ध नहीं थे जब तक कि हमारे अपने घरेलू उत्पादन में सुधार नहीं हुआ।
During the unprecedented crisis of 2nd wave of Covid pandemic, International community came forward with offers of solidarity & assistance for specific medicines & equipment that weren't immediately available in country till such time our own domestic production improved: MoS MEA
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) July 29, 2021
मुरलीधरन ने बताया कि अब तक 52 देशों से विदेशी सामग्री प्राप्त हुई है, जो सरकार से सरकार, निजी से सरकार, निजी से निजी, भारतीय समुदाय सहायता और कंपनियों के माध्यम से मिली हैं। अंतर-मंत्रालयी समिति से दान को मंजूरी मिल गई है। इस समिति में स्वास्थ्य मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, नीति आयोग, डीपीआईआईडी, गृह मंत्रालय के प्रतिनिधि शामिल हैं।
Foreign material from 52 countries received till date incl from Govt to Govt, Pvt to Govt, Pvt to Pvt, Indian Community Assns & Companies. Donations cleared via InterMinisterial Committee that includes reps of Ministry of Health, MEA, Niti Aayog, DPIIT, MHA, MoHFW: MoS MEA
— ANI (@ANI) July 29, 2021
अफगानिस्तान में स्थायी राजनीतिक हल का समर्थन करेगा भारत
भारत ने कहा है कि अफगानिस्तान में संप्रभुता, लोकतंत्र और शांति के समर्थन में हमारी दृढ़ नीति है और वह अफगानिस्तान में स्थायी राजनीतिक समाधान के लिए उठाए गए सभी कदमों का समर्थन करेगा। इस मामले पर भारत अफगानिस्तान के बाहर और भीतर सभी अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय पक्षों के साथ संपर्क में हैं।
राज्यसभा में गुरुवार को विदेश राज्यमंत्री वी मुरलीधरन ने एक सवाल के लिखित जवाब में कहा, भारत एक समावेशी अफगानों की अगुवाई में अफगान के अधीन और अफगान द्वारा नियंत्रित प्रक्रिया के जरिए स्थायी राजनीतिक समाधान के लिए सभी शांति पहलों का समर्थन करता है, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनी रहे।
मुरलीधरन ने कहा कि एक निकटतम पड़ोसी और रणनीतिक साझेदार होने के नाते भारत के पास संप्रभु, लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण अफगानिस्तान के लिए एक स्थायी नीति है, जिससे महिलाओं, बच्चों और अल्पसंख्यकों सहित अफगानी समाज के सभी वर्गों के हितों की रक्षा की जाती है। उन्होंने कहा, विदेशमंत्री एस जयशंकर ने सितंबर, 2020 में दोहा में आयोजित एक अंतर-अफगान बातचीत के पहले सत्र में ऑनलाइन हिस्सा लिया था।
गौरतलब है कि अमेरिका ने एक मई से अपने सैनिकों को वापस बुलाना शुरू किया है और उसके बाद तालिबान व्यापक हिंसा के साथ पूरे अफगानिस्तान में तेजी से आगे बढ़ रहा है। अमेरिका 31 अगस्त तक सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया को पूरा करना चाहता है।