Manipur Landslide: मणिपुर भूस्खलन में अब तक 10 जवानों समेत 20 की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
सेना ने बताया कि अबतक 13 प्रादेशिक सेना के जवानों और 5 नागरिकों को सुरक्षित बचाया गया है जबकि प्रादेशिक सेना के 15 जवानों और 5 नागरिकों के शव बरामद किए जा चुके हैं।
विस्तार
मणिपुर के नोनी जिले में एक रेलवे निर्माण स्थल पर हुए भूस्खलन के मलबे से बचाव दल ने शुक्रवार को 12 और शव निकाले। इसके साथ ही आपदा में मृतकों की संख्या 20 हो गई है, जिनमें टेरिटोरियल आर्मी के 10 जवान शामिल हैं। गुरुवार सुबह करीब दो बजे यहां प्राकृतिक आपदा आई। अधिकारियों के मुताबिक 43 लोग अभी भी लापता हैं। मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने भूस्खलन में मारे गए लोगों के परिजनों को पांच-पांच लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की।
भारतीय सेना, आसाम राइफल्स, टेरिटोरियल आर्मी और एनडीआरएफ, राज्य की एजेंसियों के साथ मिलकर राहत और बचाव अभियान चला रहे हैं। उधर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कहा कि आपदा में उनके राज्य के नौ जवानों की जान गई है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि भूस्खलन में उनके राज्य के एक व्यक्ति की मौत हो गई है और 16 अभी तक लापता हैं।
इससे पहले आज तलाशी के दौरान प्रादेशिक सेना के आठ और जवानों व चार और नागरिकों के शव बरामद किए गए। सेना ने यह जानकारी दी है। सेना ने बताया कि अबतक 13 प्रादेशिक सेना के जवानों और 5 नागरिकों को सुरक्षित बचाया गया है जबकि प्रादेशिक सेना के 15 जवानों और 5 नागरिकों के शव बरामद किए जा चुके हैं।
Search operations by Indian Army, Assam Rifles, Territorial Army, SDRF & NDRF continued at the incident site at Tupul, Manipur today. Mortal remains of eight more Territorial Army personnel and four more civilians were recovered during the search today. : Indian Army pic.twitter.com/CbtZjXhg3N
— ANI (@ANI) July 1, 2022
मलबे में दबे 60 से ज्यादा लोग
डीजीपी पी. डौंगेल के मुताबिक, कितने लोग दबे हुए हैं, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों, सेना और रेलवे कर्मियों, मजदूरों सहित 60 लोगों के दबे होने की सूचना है। वहीं बड़े पैमाने पर पेड़ मलबे में गिरने के कारण इजेई नदी अवरुद्ध हो गई है जिससे एक जलाशय बन गया है जो निचले इलाकों को जलमग्न कर सकता है।
रेलने लाइन निर्माण के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, जिरीबाम को इंफाल से जोड़ने के लिए एक रेलवे लाइन का निर्माण हो रहा था जिसकी सुरक्षा के लिए 107 प्रादेशिक सेना के जवानों को तैनात किया गया था। बुधवार रात को वहां पर भारी भूस्खलन हुआ जिसमें कई जवान दब गई। गुरुवार सुबह सेना, असम राइफल्स, मणिपुर पुलिस की ओर से बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। घटनास्थल पर उपलब्ध इंजीनियरिंग उपकरणों का रेस्क्यू के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।