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यमुना में विलीन हुईं अटल की अस्थियां, पूर्व पीएम के नाम पर घाट का नाम रखने की मांग
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 29 Aug 2018 01:52 AM IST
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अटल बिहारी वाजपेयी
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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां मंगलवार को सोनिया विहार के पास यमुना नदी में विसर्जित कर दी गईं। इस मौके पर दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने इस घाट की मांग अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक पल है जिसमें भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां यमुना के तट पर प्रवाहित की जा रही हैं।
तिवारी ने कहा कि पूरी दिल्ली के लोग यहां अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहे हैं। ऐसे में अटल को सच्ची श्रद्धांजलि देने के लिए इस घाट का नाम उनके नाम पर रखना उचित होगा जिससे यह लोगों के लिए एक यादगार पल बन जाए। मनोज तिवारी ने कहा कि अटल बिहारी जैसा व्यक्तित्व सदियों में एक बार पैदा होता है और ऐसे लोग दुनिया को मार्ग दिखाने के लिए आते हैं। अटल बिहारी के बताए रास्तों पर सिर्फ भाजपा के कार्यकर्ता ही नहीं, करोड़ों देशवासी चल रहे हैं।
इसके पूर्व अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां पूरे हिंदू रीति रिवाज के साथ यमुना नदी में विसर्जित की गईं। इस अवसर पर भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी और राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह व हजारों की संख्या में लोग उपस्थित थे।
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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के देहावसान के बाद पूरे देश में अनेक जगहों पर उनकी अस्थियों को विसर्जित किया गया। अनेक राज्य सरकारों ने अपनी कई योजनाओं का नाम उनके नाम पर रखने का फैसला किया है। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने कई योजनाओं का नाम अटल बिहारी के नाम पर रखने का फैसला किया है। वहीं राजस्थान सरकार ने अटल बिहारी वाजपेयी की जीवनी राज्य की कक्षाओं में पढ़ाने का फैसला लिया है।
दिल्ली में पहले तो भाजपा ने रामलीला मैदान का नाम अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखने का फैसला किया था। लेकिन उक्त ग्राउंड के नाम में राम शब्द जुड़े होने पर कुछ लोगों ने भाजपा पर राजनीतिक व्यंग किया जिसके बाद भाजपा ने इस मांग से किनारा कर लिया।
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तिवारी ने कहा कि पूरी दिल्ली के लोग यहां अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहे हैं। ऐसे में अटल को सच्ची श्रद्धांजलि देने के लिए इस घाट का नाम उनके नाम पर रखना उचित होगा जिससे यह लोगों के लिए एक यादगार पल बन जाए। मनोज तिवारी ने कहा कि अटल बिहारी जैसा व्यक्तित्व सदियों में एक बार पैदा होता है और ऐसे लोग दुनिया को मार्ग दिखाने के लिए आते हैं। अटल बिहारी के बताए रास्तों पर सिर्फ भाजपा के कार्यकर्ता ही नहीं, करोड़ों देशवासी चल रहे हैं।
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इसके पूर्व अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां पूरे हिंदू रीति रिवाज के साथ यमुना नदी में विसर्जित की गईं। इस अवसर पर भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी और राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह व हजारों की संख्या में लोग उपस्थित थे।
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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के देहावसान के बाद पूरे देश में अनेक जगहों पर उनकी अस्थियों को विसर्जित किया गया। अनेक राज्य सरकारों ने अपनी कई योजनाओं का नाम उनके नाम पर रखने का फैसला किया है। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने कई योजनाओं का नाम अटल बिहारी के नाम पर रखने का फैसला किया है। वहीं राजस्थान सरकार ने अटल बिहारी वाजपेयी की जीवनी राज्य की कक्षाओं में पढ़ाने का फैसला लिया है।
दिल्ली में पहले तो भाजपा ने रामलीला मैदान का नाम अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखने का फैसला किया था। लेकिन उक्त ग्राउंड के नाम में राम शब्द जुड़े होने पर कुछ लोगों ने भाजपा पर राजनीतिक व्यंग किया जिसके बाद भाजपा ने इस मांग से किनारा कर लिया।