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इस साल भी नौ बाघों का हुआ शिकार, 10 सालों में 430 बाघ बन चुके हैं शिकारियों का निशाना

Fri, 13 Dec 2019 05:09 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 13 Dec 2019 05:09 PM IST
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more than 9 tigers killed by poachers in India in 2019
बंगाल टाइगर - फोटो : Social media

मौजूदा समय में देश के कुल 2,967 बाघ हैं, जिनमें से सर्वाधिक 526 बाघ मध्य प्रदेश में हैं, लेकिन बाघों के लिए भारत अभी भी सुरक्षित नहीं है। वन्य जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो के तमाम प्रयासों के बावजूद बाघों का शिकार होना अभी भी जारी है। इस वर्ष अक्टूबर तक शिकारियों ने नौ बाघों का शिकार कर डाला है। इनमें सबसे ज्यादा चार बाघों को असम में मारा गया है, तो वहीं मध्य प्रदेश में तीन बाघों का शिकार किया गया है। एक-एक बाघ पश्चिम बंगाल और तेलंगाना में मारे गए हैं।

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हालांकि, इसी दौरान वन्य जीवों के शिकार के अपराध से जुड़े मामलों में 28 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। आरटीआई कार्यकर्ता रंजन तोमर के पूछे गए एक सवाल के जवाब में यह जानकारी सामने आई है।

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वन्य जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो के ये आंकड़े देश में बाघों की घटती आबादी के लिहाज से चिंता पैदा करते हैं। हालांकि, इन आंकड़ों से यह भी साबित होता है है कि देश में बाघों के शिकार के मामलों मे कमी भी आई है। इसके पहले इसी प्रकार के सवाल में वन्य जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो ने बताया था कि पिछले दस सालों मे कुल 430 बाघों का शिकार किया गया था, जो प्रति वर्ष के लिहाज से 43 का औसत होता है। इसलिए वर्तमान आंकड़े कुछ राहत जरूर देते हैं, लेकिन फिर भी यह सुरक्षा एजेंसियों के लिए बाघों को बचाने की दिशा में एक चेतावनी भी देता है। 

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