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CAG: तीन सालों में रेल पटरियों पर मारे गए 63 हजार से ज्यादा जानवर, 4 एशियाई शेरों और 73 हाथियों की भी हुई मौत

Wed, 04 Jan 2023 09:14 PM IST
Jeet Kumar पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: Jeet Kumar Updated Wed, 04 Jan 2023 09:14 PM IST
सार

कैग ने इन तीन वर्षों में पाया कि 73 हाथियों और चार शेरों सहित 63,345 जानवर कुचले जाने के बाद मर गए।

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More than 63 thousand animals killed on railway tracks in three years says cag
63000 से अधिक जानवरों की रेलवे पटरियों पर हुई मौत - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

रेल की टक्कर से अक्सर जानवारों के मरने खबर सामने आती है। वहीं अब कैग ने अपनी एक रिपोर्ट जारी की है कि 2017-18 से 2020-21 के बीच चार एशियाई शेरों और 73 हाथियों समेत 63,000 से अधिक जानवरों की रेलवे पटरियों पर मौत हो गई। कैग ने इन तीन वर्षों में पाया कि 73 हाथियों और चार शेरों सहित 63,345 जानवर कुचले जाने के बाद मर गए।

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नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने पिछले महीने संसद में पेश की गई अपनी रिपोर्ट 'परफॉर्मेंस ऑडिट ऑन डिरेलमेंट इन इंडियन रेलवे' में कहा है कि रेलवे को जानवरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहिए और पर्यावरण और वन मंत्रालय और रेल मंत्रालय द्वारा जारी संयुक्त सलाह के साथ जानवरों की मौत को रोकने के लिए सावधानी से पालन किया जाना चाहिए।
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कैग ने कहा कि हाथियों से जुड़े ट्रेन हादसों को रोकने के लिए दोनों मंत्रालयों द्वारा अनुमोदित सामान्य सलाह रेलवे को 2010 में संयुक्त रूप से जारी की गई थी। वहीं सलाह में रेलवे टैक के किनारों पर वनस्पति की सफाई, रेलवे ट्रैक के पास खाना न रखने, भोजन की बर्बादी के साथ साइनेज बोर्ड, ट्रेन चालकों, गार्ड और स्टेशन मास्टरों के लिए हाथी ट्रैकर्स शामिल है।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि  भावनगर डिवीजन में मार्ग होने के बावजूद गिर वन में ये भी सुरक्षित नहीं हैं। यह देखा गया कि रेल की चपेट में आकर चार एशियाई शेर मारे गए। आगे बताया गया है कि रेलवे इंजीनियरों के साथ ऑडिट द्वारा किए गए संयुक्त निरीक्षण के दौरान, संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त साइनेज, बाड़ और वॉच टावर उपलब्ध नहीं कराए गए थे। इसका मतलब है कि रेलवे प्रशासन की ओर से एशियाई शेरों की सुरक्षा के लिए कार्रवाई में कमी थी।

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