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पांच दिन में 3.5 लाख लोगों ने किया राजधानी स्पेशल ट्रेन से सफर, 69 करोड़ का मिला राजस्व
Sun, 17 May 2020 05:27 PM IST
गौरव पाण्डेय
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Sun, 17 May 2020 05:27 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पीटीआई
राजधानी स्पेशल ट्रेनों ने पिछले पांच दिनों में करीब साढ़े तीन लाख यात्रियों को उनके गंतव्य स्थानों तक पहुंचाया और भारतीय रेलवे के लिए 69 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त किया। अधिकारियों ने बताया कि 16 मई को कुल 27,788 लोगों ने इन रेलगाड़ियों में सफर किया और रविवार को यह संख्या 30,127 यात्रियों तक पहुंच सकती है।
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रेलवे द्वारा लॉकडाउन के चलते फंसे हुए लोगों को दिल्ली से देश के अन्य बड़े शहरों तक पहुंचाने के लिए 12 मई को राजधानी स्पेशल ट्रेन सेवा शुरू की गई थी और इन रेलगाड़ियों में मध्यम वर्ग की तरफ से सबसे ज्यादा सीट बुक की गई जिस कारण ज्यादातर ट्रेनों में एक भी सीट नहीं बची थी। ये ट्रेनें राजधानी के मार्गों पर चलती हैं और इनमें प्रीमियम किराया लिया जाता है।
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रेलवे ने कहा, 'अब तक करीब एक लाख 87 हजार 827 टिकट बुक की गई हैं और कुल तीन लाख 38 हजार 634 यात्रियों ने इन विशेष रेलगाड़ियों में सफर किया है। अब तक 69 करोड़ 33 लाख 67 हजार 735 रुपये का कुल किराया वसूला गया है। 21 ट्रेनों का 27 मई को परिचालन किया जाएगा।'
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इन ट्रेनों का परिचालन रेलवे की तरफ से पहला संकेत है कि 17 मई को राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की अवधि समाप्त होने के बाद यात्री सेवा को श्रेणीबद्ध तरीके से शुरू किया जा सकता है। हालांकि अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि कम से कम 30 जून तक नियमित सेवा फिर से नहीं शुरू की जाएगी। शुरुआत में इन रेलगाड़ियों में कोई प्रतीक्षा सूची नहीं थी लेकिन भारी मांग के चलते बाद में वेटिंग टिकट की भी घोषणा की गई।
भारतीय रेलवे ने एक बयान में बताया कि इन विशेष रेलगाड़ियों में प्रतीक्षा सूची एसी थ्री टियर के लिए 100, द्वितीय श्रेणी वातानुकूलित के लिए 50, शयनयान श्रेणी के लिए 200 जबकि प्रथम श्रेणी वातानुकूलित एवं एग्जिक्यूटिव श्रेणी के लिए 20 से अधिक नहीं होगी। विशेष ट्रेनों में आरएसी की व्यवस्था नहीं होगी।