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असम में बाढ़ से 24 लाख से अधिक लोग प्रभावित, सोमवार को एक और व्यक्ति की मौत

Mon, 20 Jul 2020 10:09 PM IST
Rajeev Rai न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी Published by: Rajeev Rai Updated Mon, 20 Jul 2020 10:09 PM IST
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More than 24 lakh people affected by floods in Assam, one more person died on Monday
flood in assam - फोटो : पीटीआई

असम में बाढ़ की वजह से स्थिति गंभीर बनी हुई है। यहां बाढ़ में और व्यक्ति की जान चली गई है। अब राज्य के 24 जिलों में 24 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की दैनिक बाढ़ रिपोर्ट के अनुसार, कामरूप महानगर जिले में गुवाहाटी के पास सोनापुर में एक व्यक्ति की मौत हो गई।

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इस साल राज्य भर में बाढ़ और भूस्खलन में जान गंवाने वालों की कुल संख्या 111 हो गई है, जिनमें से 85 लोग बाढ़ से संबंधित घटनाओं में मारे गए और 26 लोगों की जान भूस्खलन में चली गई।
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एएसडीएमए ने कहा कि धेमाजी, लखीमपुर, बिश्वनाथ, दर्रांग, बक्सा, नलबारी, बारपेटा, चिरांग, बोंगईगांव, कोकराझार, धुबरी, दक्षिण सलमारा, गोलपारा, कामरूप, कामरूप महानगर, मोरीगांव, नगांव, गोलाघाट, जोरहाट, माजुली, शिवसागर, डिब्रूगढ़, तिनसुकिया और कछार जिलों में बाढ़ से 24.3 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।
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गोलपारा में सबसे अधिक 4.59 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, इसके बाद बारपेटा में 3.37 लाख से अधिक लोग और मोरीगांव में लगभग 3.35 लाख लोग प्रभावित हैं। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), जिला प्रशासन और स्थानीय लोगों ने राज्य भर में 125 नौकाओं से पिछले 24 घंटों के दौरान 291 लोगों को बचाया है। रविवार तक 24 जिलों में 25.29 लाख से अधिक लोग जलप्रलय से प्रभावित थे।

इन सबके बीच क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने मंगलवार को असम और मेघालय के अधिकांश स्थानों पर बहुत भारी बारिश की आशंका भी जताई है।

उधर, असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बारपेटा जिले में पाहुमरा नदी की बाढ़ से प्रभावित गोहिनपारा क्षेत्र का दौरा किया और वहां बाढ़ से तबाह हुए दौल गोसाईं स्थान (धार्मिक स्थल) और बामखता-केंदुगुरी सड़क का जायजा लिया।


एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि उन्होंने जल संसाधन मंत्री को निर्देश दिया कि पाहुमरा नदी का वैज्ञानिक अध्ययन करने के बाद क्षेत्र में बाढ़ और कटाव का स्थायी समाधान निकाला जाए। बाद में पत्रकारों से बात करते हुए सोनोवाल ने कहा कि राज्य में हर साल बाढ़ और कटाव से तबाही होती है क्योंकि हर साल लगभग 9,000 हेक्टेयर भूमि इससे बर्बाद हो जाती है।

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