लॉकडाउन के कारण रेलवे को हुआ राजस्व घाटा, वंदे भारत मिशन के तहत भारत लौटे 13 लाख से अधिक लोग
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कोरोना महामारी और लॉकडाउन की वजह से देश की अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान हुआ है। इतना ही नहीं कई महीनों तक लगाए प्रतिबंधों का असर राजस्व पर भी पड़ा है। लॉकडाउन की वजह से आवाजाही और परिवहन पर रोक की वजह से भारतीय रेल को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। इस संबंध में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को लोकसभा को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यात्री सेवा में रूकावट आने के कारण पिछले वर्ष की तुलना में यातायात राजस्व में इस वर्ष अगस्त के अंत तक 42 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
निचले सदन में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में रेल मंत्री ने कहा कि मार्च से अगस्त के दौरान यात्रा रद्द होने के कारण रेलवे ने रिफंड के रूप में 3,371 करोड़ रुपये का भुगतान किया। लॉकडाउन के रेलवे की वित्तीय स्थिति पर प्रभाव के बारे में एक सवाल के जवाब में गोयल ने कहा कि अगस्त 2020 तक रेलवे के यातायात राजस्व में पिछले वर्ष की तुलना में 42.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
वंदे भारत मिशन के तहत भारत लौटे 13 लाख से अधिक लोग
लॉकडाउन की वजह से विदेशों में फंसे भारतीयों को स्वदेश वापस लाने के लिए केंद्र सरकार ने वंदे भारत मिशन की शुरुआत की थी। इसके तहत लाखों की संख्या में लोगों को भारत लाया गया। सरकार ने इस संबंध में बताया कि 11 सितंबर तक 13.85 लाख भारतीयों को ‘वंदे भारत मिशन’ के तहत विदेशों से स्वदेश लाया गया है।
लोकसभा में डा. उमेश जाधव, मनोज कोटक, मोहनभाई कुंडारिया, अजय मिश्र टेनी और मोहम्मद फैजल के प्रश्नों के लिखित उत्तर में विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने कहा कि हमारे मिशन दूसरे देशों में रहने वाले भारतीयों के साथ नियमित संपर्क में हैं और अनुरोध करने पर उनके भारत लौटने की सुविधा प्रदान कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि जो भारतीय लौटना चाहते हैं, वे वंदे भारत मिशन के अंतर्गत संबंधित एयरलाइन्स से सीधे टिकट बुक करा सकते हैं। मंत्री ने कहा कि 11 सितंबर तक 13,85,670 भारतीयों को ‘वंदे भारत मिशन’ के तहत विदेशों से स्वदेश लाया गया है।