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Hindi News ›   India News ›   More than 120 mutations of corona in the country, eight most serious, 14 scientists engaged in research

अमर उजाला विशेष: देश में कोरोना के 120 से ज्यादा म्यूटेशन, आठ सबसे गंभीर, 14 की जांच में जुटे वैज्ञानिक

Sat, 19 Jun 2021 06:14 AM IST
Amit Mandal परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली 
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली  Published by: Amit Mandal Updated Sat, 19 Jun 2021 06:14 AM IST
सार

  • 28 हजार सैंपल की सीक्वेंसिंग में पता चला, भारत में एल्फा, बीटा, गामा,कापा, ईटा, लोटा सब मौजूद
  • डेल्टा के साथ भारत में आया कापा वैरिएंट, 60 दिन में 76 फीसदी सीक्वेंसिंग में पुष्टि
  • देश की 28 लैब में सीक्वेंसिंग पर चल रहा काम, प्रारंभिक रिपोर्ट के नतीजे चौंकाने वाले
  • हर राज्य से पांच फीसदी सैंपल लैब भेजने का नियम, तीन फीसदी का भी पालन नहीं

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More than 120 mutations of corona in the country, eight most serious, 14 scientists engaged in research
new Corona strain - फोटो : iStock

विस्तार

कोरोना वायरस को लेकर देश में अब तक 38 करोड़ से भी ज्यादा सैंपल की जांच हो चुकी है लेकिन इनमें से 28 हजार की जीनोम सीक्वेंसिंग अब तक हो पाई है। इसके जरिए पता चला है कि देश में अब तक कोरोना के 120 से ज्यादा म्यूटेशन मिल चुके हैं जिनमें से आठ सबसे गंभीर हैं। जबकि 14 म्यूटेशन की पड़ताल में वैज्ञानिक जुटे हुए हैं।

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विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने गंभीर वैरिएंट के जो नाम दिए थे वे सभी बीटा, एल्फा, गामा, ईटा, कापा, डेल्टा प्लस, लोटा वैरिएंट भारत में मिले हैं। किसी के मामले ज्यादा है तो किसी के कुछ ही मरीज हैं। 28 लैब में चल रही सीक्वेंसिंग की प्रारंभिक रिपोर्ट के नतीजे काफी चौंकाने वाले हैं।  सूत्रों से पता चला है कि डेल्टा के साथ भारत में कोरोना का कापा वैरिएंट भी है। बीते 60 दिन में 76 फीसदी सैंपल में इनकी पुष्टि हुई है।
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सीक्वेंसिंग के जरिये ही वैज्ञानिक वायरस के बदलावों को समझ पा रहे हैं लेकिन स्थिति यह है कि नियमानुसार हर राज्य से पांच फीसदी सैंपल की सीक्वेंसिंग होना जरूरी है लेकिन वर्तमान में ऐसा तीन फीसदी भी नहीं हो पा रहा है। पहली बार यह रिपोर्ट सामने आई है जिसे हाल ही में मंत्री समूह की बैठक में भी प्रस्तुत की गई थी।
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अमर उजाला को मिली एक्सक्लुसिव रिपोर्ट के अनुसार भारत में अब तक 28,043 सीक्वेंसिंग की जा चुकी है जिनमें डेल्टा वैरिएंट के ही कापा और डेल्टा प्लस गंभीर म्यूटेशन सामने आए हैं। वैज्ञानिकों ने एवाई.1(डेल्टा प्लस), बी.1.1.7, बी.1.1.7+, एस:ई484के, बी.1.351(बीटा), बी.1.617.2 (डेल्टा), पी.1(गामा), पी.1.1 और पी.1.2 म्यूटेशन को सबसे गंभीर बताया है। इन सभी आठ गंभीर म्यूटेशन में खास बात है कि यह तेजी से फैलते हैं और लोगों में एंटीबॉडी पर हमला करते हैं। जबकि अन्य 14 म्यूटेशन एवी.1, बी.1.1.318, बी.1.427, बी.1.429, बी.1.525 (ईटा), बी.1.526 (लोटा), बी.1.526.1, बी.1.526.2, बी.1.617.1, बी.1.617.3, सी.36.3, सी.37, पी.2 और पी.3 पर अभी अध्ययन चल रहा है। ये म्यूटेशन इंसानों के लिए कितना गंभीर हो सकते हैं इसके बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता।


दूसरी लहर के 60 दिन में यह मिली हालत
पिछले 60 दिन की स्थिति देखें तो 76 फीसदी सैंपल में बी.1.617.2 (डेल्टा) वैरिएंट मिला है। जबकि आठ फीसदी सैंपल में  बी.1.617.1 (कापा) वैरिएंट मिला है। यह दोनों ही वैरिएंट बी.1.617 वैरिएंट से निकले हैं जो पिछले वर्ष सबसे पहले महाराष्ट्र में मिले थे। एक से तीन और अब तीन-तीन में अलग अलग म्यूटेशन हो रहा है जिसमें से एक डेल्टा प्लस है। इससे पता चलता है कि वायरस कितनी तेजी से अपना स्वरूप बदल रहा है। इनके अलावा पांच-पांच फीसदी सैंपल में बी.1 और बी.1.1.7 (एल्फा) वैरिएंट भी मिला है।

कोरोना के आठ गंभीर वेरिएंट की स्थिति
 
गंभीर वैरिएंट कुल सैंपल फीसदी में पहली बार आखिरी बार
डेल्टा 6098 27% 7 सितंबर 2020 7 जून 2021
अल्फा 3028 13% 2 सितंबर 2020 15 मई 2021
बीटा 176 1%  30 दिसंबर 2020 13 मई 2021
डेल्टा प्लस 08 0.5% 5 अप्रैल 2021 15 मई 2021
कापा 34481 7% 1 दिसंबर 2020 3 जून 2021
ईटा 182 1% 6 फरवरी 2021 25 मई 2021
बी.1.617.3 91  1% 14 दिसंबर 2020 10 मई 2021
लोटा 3 0.5%  16 दिसंबर 2020 24 मार्च 2021

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