फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   monument built on Tughlaq dynasty painted white and saffron in March and idols placed inside it

दक्षिणी दिल्ली में अजीब घटनाः शाम को जो था मकबरा, सुबह बन गया शिवालय

Fri, 04 May 2018 10:48 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 04 May 2018 10:48 AM IST
विज्ञापन
 monument built on Tughlaq dynasty painted white and saffron in March and idols placed inside it
tomb
और देखते ही देखते रातों रात तुगलक शासनकाल का एक मकबरा शिव के मंदिर में बदल गया। यह मामला कहीं और का नहीं देश की राजधानी दिल्ली का है। राजधानी के दक्षिणी दिल्ली में तुगलक शासनकाल के वक्त का बताया जा रहा एक मकबरा दो महीने पहले रातों रात शिवमंदिर में बदल गया। दिल्ली के सफदरजंग एन्क्लेव स्थित हुमायूंपुर गांव में गुमटी नाम का यह मकबरा स्थित है। कंकरीट के जंगल कहे जाने वाले इस गांव में इमारतों और पार्क के बीच बना यह मकबरा दिल्ली पर्यटन विभाग के स्मारकों में लिस्टेड है। 
विज्ञापन


स्थानीय लोगों का कहना है कि मार्च महीने में एक दिन अचानक कुछ लोग आए और रातों रात इसे गेरूए रंग में रंग दिया और इसके अंदर मूर्तियां रख दीं। किसी दर्जा प्राप्त स्मारक में किसी भी तरह की छेड़ छाड़ अपराध है और सिटीजन चार्टर का भी पूरी तरह उल्लंघन है।  
विज्ञापन


बता दें कि देश के हर स्मारक के बाहर साफ साफ शब्दों में लिखा गया है कि स्मारक अंदर या बाहर, दीवार को पेंट या वाइटवॉश नहीं किया जा सकता है। वहीं इस पूरे मामले में दिल्ली सरकार के  पुरातत्व विभाग ने अभी तक कुछ नहीं कहा है। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि मुझे इस बारे में कोई सूचना नहीं है। उन्होंने कहा कि मैंने विभाग से जांच करने और रिपोर्ट भेजने को कहा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


देश भर के स्मारकों की देख रेख पुरातत्व विभाग के साथ मिल कर इनटैक (INTACH) नाम की संस्था पिछले कई वर्षों से कर रही है। इनटैक दिल्ली के प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने कहा कि वे 15 वीं सदी के बनाए गए स्मारकों की देखरेख कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह स्मारक बंद है। इसके पुनरुद्धार का काम स्थानीय लोगों के विरोध की वजह से नहीं हो सकता है। 

 

उन्होंने कहा कि इस बारे में मदद के लिए हम पुलिस में भी गए थे लेकिन हमारा काम नहीं बन पाया। लेकिन अब यह एक मंदिर बन गया और हमने एक स्मारक खो दिया है। इस स्मारक के पास गेरुआ रंग की बैठने की दो बेंच लगा दी गई है। उसपर बीजेपी काउंसिलर राधिका एबरोल फोगाट का नाम लिखा है।



फोगाट ने मीडिया को बताया कि स्मारक को बिना मेरी जानकारी के मंदिर में बदल दिया गया है। शायद यह पूर्व बीजेपी काउंसिलर का काम है। उन्होंने कहा कि मैंने इसका विरोध भी किया था और कहा था कि यह एक संवेदनशील विषय है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed