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Monsoon Session 2023: सत्ता पक्ष और विपक्ष कैसे एक दूसरे पर छोड़ रहे हैं जहर बुझे तीर

Thu, 27 Jul 2023 02:04 PM IST
Shashidhar Pathak शशिधर पाठक
Updated Thu, 27 Jul 2023 02:04 PM IST
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सार
Monsoon Session 2023: मणिपुर पर चर्चा की विपक्ष लगातार मांग कर रहा है। बुधवार को इस दौरान राज्यसभा में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी अचानक भड़क गईं। बेहद आक्रामक और गुस्से से भरे अंदाज में स्मृति ईरानी ने विपक्ष को काफी खरी-खरी सुना दी...
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Monsoon Session 2023: Everyday an uproar in Parliament on the issue of vandalism with women in Manipur
Monsoon Session 2023 - फोटो : Agency

विस्तार

संसद में मणिपुर में महिलाओं के साथ हुई बर्बरता के मुद्दे पर हर रोज हंगामा मच रहा है। हर रोज सत्ता पक्ष और विपक्ष एक दूसरे पर जहर बुझे तीर छोड़ रहे हैं। देश की सबसे बड़ी पंचायत में इस तरह के हालात में सबसे अधिक जनता के मुद्दे लहूलुहान हो रहे हैं। हालांकि जब संसद के मानसून सत्र की शुरुआत हुई थी, तो प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की नेता सोनिया गांधी के पास जाकर बड़ा सकारात्मक संदेश दिया था। सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मणिपुर समेत सभी विषयों पर चर्चा के लिए तैयार होने का वक्तव्य दिया था, लेकिन अभी भी संसद में मणिपुर पर चर्चा ही सबसे बड़ा विषय बनी हुई है।

क्यों भड़क गईं स्मृति ईरानी?

मणिपुर पर चर्चा की विपक्ष लगातार मांग कर रहा है। बुधवार को इस दौरान राज्यसभा में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी अचानक भड़क गईं। बेहद आक्रामक और गुस्से से भरे अंदाज में स्मृति ईरानी ने विपक्ष को काफी खरी-खरी सुना दी। सभापति जगदीप धनखड़ ने प्रश्न संख्या 66 का जिक्र करते हुए अमी याज्ञनिक का नाम पुकारा। अमी ने कहा कि क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री मणिपुर के मुद्दे पर बोलेंगे? हालांकि सभापति ने कहा कि यह रिकार्ड में नहीं जाएगा, लेकिन इतना सुनते ही स्मृति ईरानी भड़क गईं। उन्होंने आपत्ति जताते हुए कहा कि महिला मंत्री न केवल मणिपुर बल्कि बिहार, राजस्थान, छत्तीसगढ़ पर भी बोलेंगी। आप बताइए क्या आपके पास चर्चा की हिम्मत है? क्या आप में छत्तीसगढ़ पर बहस कराने की हिम्मत है। स्मृति ईरानी ने इस दौरान चेताया कि महिला मंत्रियों को नीचा दिखाने की कोशिश मत करो। कहते कहते राहुल गांधी पर भी उन्होंने आरोप मढ़ दिया और कहा कि उन्होंने (राहुल) मणिपुर में आग लगाई है। जब स्मृति ईरानी अपने इस अंदाज में थी तो धर्मेंद्र प्रधान अपने स्थान पर खड़े होकर उनका तेवर देख रहे थे। इसके बाद प्रधान ने भी विपक्ष को मुंह छिपाकर भाग जाने वाला और कायर करार दिया। जबकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण हां में हां मिला रही थी।

निर्मला सीतारमण ने खोया आपा तो खरगे बोले- मेरा अपमान हुआ

स्मृति ईरानी ही नहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी बुधवार को अपना आपा खोया। उन्होंने सभापति से भी कहा कि आखिर सदन में यह क्या हो रहा है। सदस्य दूसरे सदस्य को धोखेबाज कह रहे हैं। मैं इसकी निंदा करती हूं। इसी दौरान एक स्थिति और आई। विपक्ष के नेता ने मल्लिकार्जुन खरगे ने भी अपना माइक बंद करने का मुद्दा उठाया। उन्होंने सदन में नेता प्रतिपक्ष को न बोलने देने, माइक को बंद करने को अपना अपमान और विशेषाधिकार का हनन बताया। सदन की कार्यवाही के बाद बाहर आए सदस्यों ने सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार अपने अभिमान में चूर है। उसका सदन में रवैया कहीं से भी लोकतंत्र की मर्यादा का सम्मान करने वाला नहीं है।

आखिर कौन लोकतंत्र को गुमराह कर रहा है?

कांग्रेस प्रवक्ता आलोक शर्मा कहते हैं कि आखिर राजनीति कौन कर रहा है? कौन लोकतंत्र को गुमराह कर रहा है? आलोक शर्मा तर्क देते हैं कि किसने राजस्थान, छत्तीसगढ़ में महिलाओं के मुद्दे पर चर्चा कराने से रोका है? सच यह है कि सरकार मणिपुर में महिलाओं के साथ हुए अत्याचार पर चर्चा से भाग रही है और आंख में धूल झोंकने का काम कर रही है। वरिष्ठ पत्रकार रंजीत कुमार को एक बात समझ में नहीं आती। वह कहते हैं कि मणिपुर में महिलाओं के साथ हुए अत्याचार पर प्रधानमंत्री संसद के बाहर अपनी दु:ख और पीड़ा व्यक्त करने आए थे। मणिपुर में एक बर्बर और रूह कंपाने वाली घटना हुई थी, लेकिन इस दौरान प्रधानमंत्री राजस्थान, छत्तीसगढ़ में भी महिलाओं के साथ अत्याचार का जिक्र किया। यह समझ में नहीं आया कि प्रधानमंत्री दु:ख और पीड़ा व्यक्त कर रहे थे या फिर राजनीति का प्लॉट तैयार कर रहे थे। प्रधानमंत्री के इस वक्तव्य के बाद से ही सत्ता पक्ष लगातार मणिपुर की बात कम कर रहा है और राजस्थान, छत्तीसगढ़ को लेकर चर्चा का राग छेड़ रहा है।

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने दावा करते हुए कहा था कि सरकार मणिपुर के मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए तैयार है। विपक्ष इससे पीछे भाग रहा है। केंद्रीय गृहमंत्री ने भी संसद के सदन में यही भरोसा दिया, लेकिन अभी तक संसद में मणिपुर में महिलाओं पर हुए अत्याचार के मामले में चर्चा नहीं हो सकी है। इसके समानांतर विपक्ष लगातार प्रधानमंत्री से मणिपुर के मुद्दे पर वक्तव्य देने की मांग कर रहा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री का कहना है कि प्रधानमंत्री संसद के बाहर मणिपुर के मुद्दे पर बोल सकते हैं, तो संसद में आकर क्यों वक्तव्य नहीं देते? इस बीच बुधवार कांग्रेस सांसद गौरव गगोई ने लोकसभा में सरकार के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है।

सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच चल रहे हैं सियासी तीर

प्रधानमंत्री मोदी मानसून सत्र के आरंभ होने के पहले दिन लोकसभा में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के पास गए थे। यह विपक्ष के साथ संसदीय कामकाज के अच्छे वातावरण का संदेश देने का प्रयास था। लेकिन इसके साथ राजनीति का तीर भी। प्रधानमंत्री ने संदेश दिया कि उनकी सरकार संसद को सुचारु रूप से चलने में विपक्ष का सकारात्मक सहयोग का इच्छुक है, लेकिन विपक्ष का काम संसदीय कार्यवाही में बाधा डालना, गतिरोध खड़ा करना है। सत्ता पक्ष लगातार यही आरोप लगा रहा है कि विपक्ष चर्चा से भाग रहा है। धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को आरोप लगाते हुए कायर तक कहा। दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी राजनीतिक रूप से काफी सक्रिय हो गई हैं। बेंगलुरु में विपक्षी एकता की बैठक में भाग लेने के बाद से ही उन्होंने अपनी पहल तेज कर दी है। अभी वह विपक्षी दलों के सांसदों का हौसला बढ़ाती नजर आई। इतना ही नहीं राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह के निलंबन को भी पूरे विपक्ष ने जोर-शोर से उठाया। क्रमिक धरने पर बैठा और विपक्षी एकता को संसद में भी मजबूत आधार देने की कोशिश की।

संसद में भी 2024 के आम चुनाव की झलक

अगले साल होने वाले आम चुनाव की अधिसूचना जारी होने में अभी काफी वक्त है, लेकिन संसद के मानसून सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष की लामबंदी अभी से इसकी तैयारी का संकेत दे रही है। स्मृति ईरानी ने बुधवार को राज्यसभा में अपने आक्रामक तेवर के दौरान कांग्रेस के नेता राहुल गांधी का नाम लिया। उनपर मणिपुर में आग भड़काने का आरोप लगाया। जबकि राहुल गांधी इस समय संसद के दोनों सदनों में से किसी के भी सदस्य नहीं है। वह उस समय सदन में भी मौजूद नहीं थे। जबकि संसद में चर्चा के दौरान अनुपस्थित रहने वाले सदस्य का नाम लेना नियम अनुकूल नहीं माना जाता। दरअसल स्मृति ईनारी अमेठी संसदीय क्षेत्र से राहुल गांधी को चुनाव हराकर लोकसभा पहुंची हैं। इसलिए स्मृति ईरानी किसी न किसी बहाने राहुल गांधी को जरूर कोसती हैं।

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