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मुंबई में फिर चल पड़ी मोनोरेल,दूसरे चरण का काम जोरों पर,देश में पहली बार 2014 में हुई थी शुरूआत
न्यूज डेस्क,अमर उजाला
Updated Sat, 01 Sep 2018 03:28 PM IST
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मोनो रेल
महाराष्ट्र देश का पहला राज्य है जहां मोनो रेेल की सेवा शुरू की गई थी और ये दोबारा बहाल हो गई है।1 फरवरी 2014 को मुंबई में मोनो रेल की सेवा शुरू की गई थी लेकिन 9 नवंबर 2017 को इसके दो कोच में आग लग गई थी। इस दुर्घटना के बाद मोनो रेल की सेवा को बंद करना पड़ा था। लेकिन अब इसे फिर से चेंबूर से वडाला के बीच चालू कर दिया गया है।
चेंबूर से वडाला तक का रुट 19.5 किलोमीटर है, इस रुट पर 11 स्टेशन मौजूद हैं। मोनो रेल के पहले चरण से रोजाना 18000 से 20,000 यात्री सफर करते थे जिससे काफी मुनापा हो रहा था।लेकिन इसके बंद होने से हर महीने एमएमआरडीए प्रबंधन को एक करोड़ 80 लाख का घाटा हो रहा था।
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चेंबूर से वडाला तक का रुट 19.5 किलोमीटर है, इस रुट पर 11 स्टेशन मौजूद हैं। मोनो रेल के पहले चरण से रोजाना 18000 से 20,000 यात्री सफर करते थे जिससे काफी मुनापा हो रहा था।लेकिन इसके बंद होने से हर महीने एमएमआरडीए प्रबंधन को एक करोड़ 80 लाख का घाटा हो रहा था।
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मोनो रेल
चेंबूर से वडाला तक के मोनो रेल सेवा शुरू होने के साथ ही दूसरे चरण में अगले साल सेवा शुरू हो जाएगी।ए मएमआरडीए आयुक्त आर.ए.राजीव के मुताबिक, दूसरे चरण के लिए रेक का फिटनेस टेस्ट दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। जिसके बाद जनवरी तक सभी प्रक्रिया पूरी कर 2 फरवरी, 2019 से मोनो रेल का दूसरा चरण वडाला से जैकब सर्कल के बीच शुरू किया जाएगा। एमएमआरडीए पहले दोनों चरण की मोनोरेल को एक साथ शुरू करने वाली थी लेकिन हाल में हुई एक बैठक के बात पहले पहली चरण की रेल को शुरू करने पर सहमति बनी।
मोनो रेल परिचालन के मौजूदा समय में कुल 3 रेक ही हैं और अन्य तीन रेक कुछ समय बाद सेवा में जोड़े जाएंगे। हालांकि मोनो रेल के पूरे चरण पर परिचालन के लिए कुल 10 रेकों की आवश्यकता है। इसमें 6 रेक एमएमआरडीए के पास मौजूद हैं, जबकि 2 रेक अक्टूबर में स्कॉमी इंटरनैशनल द्वारा उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
मोनो रेल परिचालन के मौजूदा समय में कुल 3 रेक ही हैं और अन्य तीन रेक कुछ समय बाद सेवा में जोड़े जाएंगे। हालांकि मोनो रेल के पूरे चरण पर परिचालन के लिए कुल 10 रेकों की आवश्यकता है। इसमें 6 रेक एमएमआरडीए के पास मौजूद हैं, जबकि 2 रेक अक्टूबर में स्कॉमी इंटरनैशनल द्वारा उपलब्ध कराने की बात कही गई है।