बंदरों ने लगाया ओलंपिक की तैयारियों पर ग्रहण
- तैयारियां ओलंपिक की चल रही हों और उसमें मुसीबत के रूप में बंदर आ जाए
- एनआईएस पटियाला में दो अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टरों को बंदरों ने काटा
विस्तार
तैयारियां ओलंपिक की चल रही हों और उसमें मुसीबत के रूप में बंदर आ जाए, यह बात भले गले के नीचे न उतरे, लेकिन वास्तविकता कुछ ऐसी ही है। रियो ओलंपिक का टिकट हासिल करने के लिए पटियाला के एनआईएस में तैयारियों में जुटी महिला वेटलिफ्टरों के लिए बंदर ही काल बन गए हैं।
गर्ल्स हॉस्टल की गैलरी में बंदरों ने वेटलिफ्टरों पर हमला बोल दिया, जिसमें ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीतने वाले मीरा बाई चानू को बंदर ने काट लिया, जबकि हाल ही में दक्षिण एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली सरस्वती राउत गंभीर रूप से चोटिल हो गईं। वह बुधवार को ओलंपिक क्वालिफायर एशियाई चैंपियनशिप के लिए होने जा रहे ट्रायल में भाग नहीं ले पाएंगी।
मीरा बाई चानू को वैक्सीन लगवा दिए गए हैं और प्रयास किए जा रहे हैं कि वह बुधवार को होने वाले ट्रायल में हिस्सा लें। मीरा बाई इस वक्त 48 किलो भार वर्ग में देश की सबसे प्रतिभाशाली वेटलिफ्टरों में शुमार हैं। इंडियन वेटलिफ्टिंग फेडरेशन के अध्यक्ष बीपी बैश्या तो उन्हें ओलंपिक पदक तक का दावेदार मानते हैं।
रियो के टिकट के लिए छठे स्थान पर रहना जरूरी
बंदरों ने यह हमला ऐसे समय में बोला है जब अगले माह ताशकंद में होने वाली एशियाई चैंपियनशिप में महिला वेटलिफ्टरों को रियो का एक टिकट हासिल करने के लिए हर हाल में छठे स्थान पर रहना है। ऐसे में इन दोनों का प्रदर्शन टीम के लिए अहमियत रखता है।
इस वक्त एनआईएस में ओलंपिक की तैयारियों के लिए वेटलिफ्टिंग के अलावा बॉक्सिंग, एथलेटिक्स का कैंप चल रहा है।
सूत्र बताते हैं कि घटना के बारे में एनआईएस अधिकारियों को इस बात का अंदाजा नहीं था कि बंदर इस तरह से गैलरी में घुसकर हमला बोल सकते हैं। पहले इस तरह का कभी वाकया भी सामने नहीं आया। घटना से सबक लेते हुए हॉस्टल की गैलरी को जाली से कवर कराने की तैयारी कर ली गई है।