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धनशोधन मामला: ईडी ने हुड्डा के निकटतम सहयोगियों के प्लॉट जब्त किए
Thu, 29 Aug 2019 10:54 PM IST
अमर शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Thu, 29 Aug 2019 10:54 PM IST
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भूपेंद्र सिंह हुड्डा
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प्रवर्तन निदेशालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि धनशोधन के एक मामले में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के "निकटवर्ती" सहयोगियों के 30.34 करोड़ रुपये के एक दर्जन से अधिक औद्योगिक प्लॉट जब्त किए गए हैं।
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एजेंसी ने पंचकूला में आवंटित 14 प्लॉट को धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जब्त करने के अस्थाई आदेश जारी किए। इसने कुछ समय पहले चंडीगढ़ में हुड्डा से पूछताछ की थी और उनके बयान दर्ज किए थे।
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प्रवर्तन निदेशालय ने बयान जारी कर कहा, "इन औद्योगिक प्लॉट को तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के निकट सहयोगियों को फर्जी तरीके से आवंटित किया गया था जो उस वक्त हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के पदेन अध्यक्ष थे।"
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उन्होंने कहा, "चूंकि फर्जी तरीके से प्लॉट हासिल किया जाना आपराधिक कृत्य हैं, इसलिए पीएमएलए के तहत अस्थायी रूप से उन्हें जब्त कर लिया गया है।"
इसने कहा कि जांच से पता चला है कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) में 2011 में आवंटन के लिए प्लॉट उपलब्ध थे।
इसने कहा, "आवंटन का मूल्य बाजार दर से काफी कम रखा गया था। उस वक्त कलेक्टर दर आवंटन के लिए निर्धारित दर से चार-पांच गुना अधिक थी।"
इसने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने हरियाणा सरकार को निर्देश दिया था कि इस तरह के आवंटन के लिए निष्पक्ष एवं पारदर्शी मानक बनाए जाएं।
ईडी ने आरोप लगाए, "आवेदन की अंतिम तिथि बीत जाने के 18 दिन बाद आवंटन के मानक बदल दिए गए और सभी आवेदकों के आंकड़े हुडा के पास थे। साक्षात्कार समिति के अधिकार बढ़ाकर पूर्व चयनित आवेदकों के पक्ष में कुछ मानकों में फेरबदल कर दिए गए।"