फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Money laundering case: Court likely to pass order on Nawab Malik bail plea on November 24

Money Laundering Case: 24 नवंबर को नवाब मलिक की जमानत याचिका पर आ सकता है आदेश, कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

Mon, 14 Nov 2022 08:13 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Mon, 14 Nov 2022 08:13 PM IST
सार

एनसीपी के वरिष्ठ नेता नवाब मलिक को प्रवर्तन निदेशालय ने इसी साल फरवरी में गिरफ्तार किया था। ईडी ने अपनी चार्टशीट में कहा था कि उसके पास मलिक के अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के गिरोह से संबंध होने के पुख्ता सबूत हैं। ईडी ने दाऊद के भांजे अली शाह का बयान धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 50 के तहत दर्ज किया है।

विज्ञापन
Money laundering case: Court likely to pass order on Nawab Malik bail plea on November 24
नवाब मलिक - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

मनी लॉन्ड्रिग और आतंक वित्तपोषण के आरोप में गिरफ्तार महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री नवाब मलिक की जमानत याचिका पर जल्द ही अदालत का आदेश आ सकता है। जानकारी के मुताबिक, उनकी जमानत याचिका पर विशेष अदालत 24 नवंबर को अपना आदेश सुना सकती है। एनसीरी नेता नवाब मलिक ने जुलाई में विशेष अदालत के समक्ष नियमित जमानत याचिका दायर की थी।

विज्ञापन


जमानत पर जल्द आ सकता है आदेश
सोमवार को विशेष न्यायाधीश आरएन रोकड़े ने सोमवार को उनकी याचिका पर सुनवाई की। मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद उन्होंने मलिक की याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। उन्होंने मामले को 24 नवंबर के लिए सूचीबद्ध किया गया है। संभावना है कि उसी दिन अदालत द्वारा अपना आदेश सुना सकती है।
विज्ञापन

  
फरवरी में किया गया था गिरफ्तार
गौरतलब है कि एनसीपी के वरिष्ठ नेता नवाब मलिक को प्रवर्तन निदेशालय ने इसी साल फरवरी में गिरफ्तार किया था। ईडी ने अपनी चार्टशीट में कहा था कि उसके पास मलिक के अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के गिरोह से संबंध होने के पुख्ता सबूत हैं। ईडी ने दाऊद के भांजे अली शाह का बयान धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 50 के तहत दर्ज किया है। अली शाह ने अपने बयान में कहा, उसकी मां हसीना पारकर का दाऊद के साथ वित्तीय लेनदेन होता था। उसने सलीम पटेल का नाम लिया जो उसकी मां का सहयोगी था। पटेल प्याज का व्यापारी था और वह संपत्ति खरीदने-बेचने में उसकी मां के साथ शामिल था। फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में है और फिलहाल यहां एक अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। उन्होंने जुलाई में विशेष अदालत के समक्ष नियमित जमानत याचिका दायर की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


जमानत के लिए दिया था तर्क
अपनी जमानत याचिका में उन्होंने तर्क दिया था कि मनी लॉन्ड्रिंग के लिए उन पर मुकदमा चलाने के लिए उनके खिलाफ कोई विधेय अपराध नहीं है।  हालांकि, जांच एजेंसी ने जमानत का विरोध करते हुए कहा था कि दाऊद इब्राहिम और उसके गुर्गों के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा दर्ज मामले को एक विधेय अपराध माना जाता है। ईडी ने दावा किया है कि आरोपी मलिक, इब्राहिम और हसीना पार्कर के साथ लेन-देन कर रहे थे ऐसे में उनके निर्दोष होने का कोई सवाल ही नहीं है।


 नवाब मलिक ने मांगी पीईटी-सीटी स्कैन की अनुमति  
इस बीच, एनसीपी नेता नवाब मलिक ने अपने वकील तारक सैय्यद के माध्यम से सोमवार को एक याचिका दायर कर पीईटी-सीटी स्कैन की अनुमति मांगी है। जिस पर अदालत ने जांच एजेंसी से मंगलवार को अपना जवाब दाखिल करने को कहा है। गौरतलब है कि पॉज़िट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी (पीईटी) स्कैन एक इमेजिंग टेस्ट है जो ऊतकों और अंगों के चयापचय या जैव रासायनिक कार्य को प्रकट करने में मदद कर सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed