{"_id":"6157061c8ebc3e0d6f3adfe4","slug":"money-laundering-case-court-issues-process-against-anil-deshmukh-for-non-appearance-before-ed","type":"story","status":"publish","title_hn":"महाराष्ट्र: कई बार नोटिस के बावजूद ईडी के सामने पेश नहीं हुए अनिल देशमुख, जारी हुआ वारंट","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
महाराष्ट्र: कई बार नोटिस के बावजूद ईडी के सामने पेश नहीं हुए अनिल देशमुख, जारी हुआ वारंट
Fri, 01 Oct 2021 06:30 PM IST
Amit Mandal
पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई
Published by: Amit Mandal
Updated Fri, 01 Oct 2021 06:30 PM IST
सार
कई बार नोटिस दिए जाने के बावजूद अनिल देशमुख अभी तक ईडी के सामने पेश नहीं हुए हैं। इसी को देखते हुए अदालत ने देशमुख के खिलाफ वारंट जारी किया है।
विज्ञापन
anil deshmukh
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुंबई की एक अदालत ने शुक्रवार को धनशोधन मामले में ईडी के समक्ष पेश नहीं होने पर महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ वारंट जारी किया है। कई बार नोटिस दिए जाने के बावजूद देशमुख अभी तक ईडी के सामने पेश नहीं हुए हैं।
विज्ञापन
देशमुख के खिलाफ अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट आरएम नेर्लिकर देशमुख द्वारा आईपीसी की धारा 174 के तहत वारंट जारी किया गया है। अदालत ने कहा कि जारी किए गए समन को आरोपी और उसकी बेटी या उसके वकील ने स्वीकार किया। इसे देखते हुए प्रथम दृष्टया उसके खिलाफ मामला बनता है।
विज्ञापन
ईडी ने पिछले हफ्ते मेट्रोपॉलिटन कोर्ट में याचिका दायर कर मनी लॉन्डरिंग केस में देशमुख के खिलाफ आईपीसी की धारा 174 (लोक सेवक के आदेश का पालन न करने) के तहत कार्रवाई की मांग की थी।
विज्ञापन
इस धारा में एक महीने तक का साधारण कारावास या पांच सौ रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकता है। इस मामले में देशमुख के दो सहयोगियों संजीव पलांडे और कुंदन शिंदे को गिरफ्तार किया गया है। वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
इन दोनों के अलावा जांच एजेंसी ने हाल ही में दायर अपनी चार्जशीट में बर्खास्त मुंबई पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को भी आरोपी के रूप में नामित किया है। हालांकि, चार्जशीट में देशमुख या उनके परिवार के सदस्यों को आरोपी नहीं बनाया गया है।
ईडी ने देशमुख और उनके सहयोगियों के खिलाफ उस वक्त जांच शुरू की थी जब सीबीआई ने 21 अप्रैल को मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त परमबीर सिंह की शिकायत पर देशमुख के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। परमबीर सिंह ने देशमुख पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। इसके बाद देशमुख ने अप्रैल में ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।