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Hindi News ›   Punjab ›   Mohali Blast Update: Investigation agencies have big evidence in Punjab that Now khalistani terror groups are planning to active in haryana also

कौन है पंजाब का असली दुश्मन?: पांच नाम और डेढ़ हजार कॉल्स से होगा खुलासा, हरियाणा भी आया खालिस्तान के निशाने पर!

Tue, 10 May 2022 05:05 PM IST
Ashish Tiwari आशीष तिवारी
Updated Tue, 10 May 2022 05:05 PM IST
सार

खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पिछले साल स्वतंत्रता दिवस के दौरान अमृतसर में पकड़े गए एक संदिग्ध से पूछताछ के दौरान इस बात का खुलासा हुआ था कि पंजाब में बब्बर खालसा इंटरनेशनल संगठन अपनी जड़ें जमाने की कोशिश कर रहा है। उसी आधार पर केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने संदिग्ध लोगों की पहचान करनी शुरू की और उन पर ट्रैप लगाया गया...

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Mohali Blast Update: Investigation agencies have big evidence in Punjab that Now khalistani terror groups are planning to active in haryana also
मोहाली ब्लास्ट: हरविंदर सिंह रिंदा-बब्बर खालसा - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

पंजाब को एक बार फिर से दहलाने की साजिश रची जा रही है। केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के पास पंजाब के तकरीबन डेढ़ हजार से ज्यादा ऐसी कॉल डिटेल्स मौजूद हैं, जो इस बात को पुख्ता करती हैं कि पंजाब में अशांति पैदा करने की कोशिश की जा रही है। इसमें पाकिस्तान की आईएसआई से लेकर अमेरिका, कनाडा और आस्ट्रेलिया से लेकर कुछ यूरोपीय देशों से बैठे प्रतिबंधित संगठनों के आका न सिर्फ पंजाब बल्कि पड़ोसी राज्य हरियाणा और हिमाचल का भी माहौल खराब करने की पूरी साजिश रच रहे हैं। खुफिया संगठनों के सूत्रों के मुताबिक जितना अलर्ट पंजाब को रहना है, उससे कहीं ज्यादा सजग अब हरियाणा को रहना होगा। इस संबंध में सभी पड़ोसी राज्यों से केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने संपर्क किया है।

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इन आतंकी संगठनों का सामने आ रहा नाम

केंद्रीय खुफिया एजेंसियों को मिली जानकारी के मुताबिक पंजाब में बीते कुछ समय से बब्बर खालसा इंटरनेशनल, जस्टिस फॉर सिख, इंडियन सिख यूथ फेडरेशन समेत खालिस्तान कमांडो फोर्स की हलचल बढ़ी है। खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पिछले साल स्वतंत्रता दिवस के दौरान अमृतसर में पकड़े गए एक संदिग्ध से पूछताछ के दौरान इस बात का खुलासा हुआ था कि पंजाब में बब्बर खालसा इंटरनेशनल संगठन अपनी जड़ें जमाने की कोशिश कर रहा है। उसी आधार पर केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने संदिग्ध लोगों की पहचान करनी शुरू की और उन पर ट्रैप लगाया गया। सूत्रों के मुताबिक उसके बाद कुछ और गिरफ्तारियां की गई हैं, जो इस बात की तस्दीक करती हैं कि पंजाब में बब्बर खालसा इंटरनेशनल, जस्टिस फॉर सिख, खालिस्तान जिंदाबाद फ़ोर्स, इंडियन सिख यूथ फेडरेशन और खालिस्तान कमांडो फोर्स समेत कुछ स्थानीय युवाओं को जोड़ करके पंजाब में माहौल खराब करने का पूरा रोडमैप तैयार कर चुके हैं। खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि बीते कुछ दिनों में पंजाब के अलग-अलग इलाकों में या चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल के आसपास जो विस्फोटक सामग्री बरामद हुई थी, वह इसी संगठन और और उनके आतंकियों की ओर से बनाई गई योजना का बड़ा हिस्सा था।

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बातचीत का वक्त महज 15 से 20 सेकंड ही

केंद्रीय एजेंसी से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं कि इन जानकारियों के बाद तकरीबन डेढ़ हजार से ज्यादा संदिग्ध लोगों के फोन को ट्रैक किया गया है। उनमें से ज्यादातर लोगों के फोन कॉल डिटेल्स पर नजर रखी जा रही है। वह बताते हैं कि संदिग्ध लोगों और उनसे जुड़े हुए तकरीबन पंद्रह हजार अन्य लोगों की कॉल डिटेल्स को भी खंगाला गया है। खास तौर से यह वे कॉल डिटेल हैं जो प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से जुड़े होने वाले संदिग्धों लोगों की हैं। खुफिया एजेंसी से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इनमें से ज्यादातर लोगों की बातचीत का वक्त महज 15 से 20 सेकंड का ही है। वह बताते हैं कि इन कॉल डिटेल्स के माध्यम से ही अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया यूके और अन्य यूरोपीय देशों में बैठे प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के आकाओं तक पहुंचने में मदद मिलेगी।

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सूत्रों के मुताबिक बब्बर खालसा के प्रमुख वाधवा सिंह, खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के मुखिया रंजीत सिंह नीटा और खालिस्तान कमांडो फोर्स के परमजीत सिंह समेत इंडियन सिख यूथ फेडरेशन के चीफ लखबीर सिंह रोड़े और जस्टिस फ़ॉर सिख के गुरपतवंत सिंह पन्नू ने पंजाब में एक विशेष तरीके से अभियान चलाकर ज्यादा से ज्यादा लोगों को अपने प्रतिबंधित आतंकी संगठन से जोड़ने की मुहिम चलाई है। वह कहते हैं कि हिमाचल प्रदेश में धर्मशाला विधानसभा के बाहर खालिस्तानी झंडे लगाने का मामला हो या चंडीगढ़ की बुडैल जेल के पास डेटोनेटर समेत विस्फोटक सामग्री मिलने का मामला हो। या फिर बीते कुछ समय से पंजाब के अलग-अलग जिलों में प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से जुड़े लोगों के मिलने का सिलसिला हो। सभी मामलों में केंद्रीय खुफिया एजेंसियां इस बात से इंकार नहीं कर रही हैं कि पाकिस्तान, अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और यूके में बैठे आतंकी संगठन फिर से पंजाब की धरती को पुराने पंजाब की ओर धकेलने में लगे हुए हैं।

नशे की खेप के साथ भेजे जा रहे आतंकियों के नाम संदेश

केंद्रीय खुफिया एजेंसी से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं कि जितना खतरा पंजाब में है, उतना ही खतरा हरियाणा को भी है। वह बताते हैं कि केंद्रीय जांच एजेंसियों के साथ पंजाब पुलिस और उनकी खुफिया विंग के अंदरुनी संदेशों में इस बात का जिक्र किया गया है। देश की एक प्रमुख जांच एजेंसी से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी, जो पंजाब में पकड़ी गई नशे की बड़ी खेप की जांच कर रहे हैं, वे बताते हैं कि इस मामले की जांच के दौरान इस बात का भी खुलासा हुआ था कि सीमा पार से आने वाली नशे की खेप के साथ पंजाब के अलग-अलग जिलों में मौजूद आतंकी संगठनों से जुड़े लोगों के नाम संदेश भी भेजे जा रहे हैं। इसके अलावा खालिस्तानी कट्टरपंथी गैंग की ओर से अप्रैल के दूसरे हफ्ते से लेकर तीसरे हफ्ते तक लगातार हरियाणा में खालिस्तानी झंडे लगाने की अपील की गई थी। इस अपील के मुताबिक अलग-अलग तारीखों में अलग-अलग जगहों पर न सिर्फ खालिस्तानी झंडे लगाने का जिक्र किया गया था, बल्कि ऐसा करने वालों को इनाम देने की भी घोषणा की गई थी। इस मामले की जांच कर रही एजेंसी और पंजाब पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि कुछ लोगों को इस मामले में गिरफ्तार कर उनसे पंजाब में जुड़े अन्य संदिग्ध लोगों के बारे में सच उगलवाया जा रहा है।

नजर बनाए हुए हैं खुफिया एजेंसियां

सोमवार की देर शाम को मोहाली में पंजाब पुलिस के इंटेलिजेंस ब्यूरो के मुख्यालय में हुए हमले के तार भी इन्हीं आतंकी संगठनों से जुड़ रहे हैं। सोमवार की रात से शुरू हुई छापेमारी मंगलवार की सुबह तक चली है और पंजाब के अलग-अलग इलाकों से कई संदिग्धों को इस मामले में हिरासत में लिया गया है। इस पूरे मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय और केंद्रीय खुफिया एजेंसियां लगातार नजर बनाए हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक जिन कॉल डिटेल्स पर बीते कुछ महीनों से नजर रखी जा रही थी, उन्हें फिर से अलर्ट मोड पर लगाया गया है। खुफिया एजेंसियों से जुड़े अधिकारियों का कहना है इस पूरे मामले में हरविंदर सिंह, दिलप्रीत बाबा, जयपाल भुल्लर, यूके से पंजाब में माहौल खराब करने की आतंकी साजिश करने वाले आतंकी गुरप्रीत सिंह खालसा समेत लखबीर सिंह रोडे के करीबियों पर नजर रखी जा रही है।


 

केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि पंजाब में किसी भी तरीके से माहौल को खराब होने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए केंद्रीय खुफिया एजेंसियां सक्रिय कर दी गई हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक पंजाब हरियाणा और हिमाचल से केंद्रीय गृह मंत्रालय और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के अधिकारी लगातार संपर्क में हैं। जांच एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक पंजाब में दहशत फैलाने वालों को न सिर्फ बहुत जल्दी पकड़ा जाएगा, बल्कि पंजाब में माहौल खराब करने वाले हर उस शख्स तक खुफिया एजेंसी पहुंचेगी जो आतंकी संगठनों के इशारों पर काम कर रहे हैं। इस सिलसिले में उन सभी डेढ़ हजार कॉल्स और बातचीत का ब्यौरा सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसे जांच एजेंसियों ने ट्रैक किया है।

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