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अब दोस्ताना बढ़ाने के लिए मोदी करेंगे ईरान की यात्रा
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Tue, 17 May 2016 11:14 PM IST
सार
- आर्थिक गठजोड़ को मजबूत करने पर होगा जोर
- यात्रा के दौरान चाबहार बंदरगाह विकसित करने का सौदा भी हो सकता है
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मोदी
- फोटो : PTI
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 और 23 मई को ईरान की यात्रा पर रहेंगे। भारत प्रतिबंध-मुक्त और ऊर्जा के धनी ईरान से अपने संबंध मजबूत करना चाहता है। भारत, ईरान से तेल का आयात बढ़ाकर दोगुना करना चाहता है। साथ ही एक बड़े गैस क्षेत्र को विकसित करने का अधिकार भी चाहता है। प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान चाबहार बंदरगाह विकसित करने का सौदा भी हो सकता है।
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विदेश मंत्रालय ने प्रधानमंत्री की यात्रा की घोषणा करते हुए कहा, ‘इस्लामिक रिपब्लिक ईरान के राष्ट्रपति हसन रुहानी के आमंत्रण पर प्रधानमंत्री 22-23 मई 2016 को ईरान की आधिकारिक यात्रा करेंगे।’ इस यात्रा के दौरान मोदी ईरान के सुप्रीम लीडर से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा रुहानी के साथ आपसी हित के व्यापक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। प्रतिबंध हटने के बाद से ईरान में कूटनीतिक और कारोबारी गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
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चीन से लेकर रूस तक के नेता ईरान से अपनी नजदीकियां बढ़ाने में जुटे हुए हैं। मोदी की यात्रा से पहले सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और विदेश मंत्री ईरान की यात्रा कर चुकी हैं। विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है, ‘ईरान और भारत के बीच काफी पुराना सभ्यतामूलक संबंध है।
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ईरान भारत का पड़ोसी है और दोनों देशों के बीच आर्थिक और सुरक्षा क्षेत्र में आंतरिक संबंध हैं।’ बयान में आगे कहा गया है, ‘प्रधानमंत्री की ईरान यात्रा के दौरान इन अंतर-संबंधों को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। इसके साथ-साथ ये यात्रा क्षेत्रीय संपर्क तथा बुनियादी ढांचा, ऊर्जा साझेदारी विकसित करने, द्विपक्षीय कारोबार को बढ़ाने, दोनों देशों की जनता के बीच विभिन्न क्षेत्रों में परस्पर संपर्क बढ़ाने और क्षेत्र में शांति और स्थिरता को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित होगा।’