संघ के समरसता मंत्र को देशभर में पहुंचाएंगे पीएम मोदी
- ग्राम पंचायत स्तर तक सामाजिक समरसता के कार्यक्रम का खाका तैयार
- हर पंचायत में होगा अंबेडकर का सम्मान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संघ के समरसता मंत्र को गांव-गांव तक पहुंचाने की कवायद में जुट गए हैं। इसके प्रयास में केंद्र सरकार की ओर से 14 अप्रैल से 24 अप्रैल तक देशभर में ग्राम उदय से भारत उदय अभियान जोरशोर से चलाया जाएगा। पीएम के इस अभियान को नीचे गांव स्तर तक पहुंचाने के लिए भारत सरकार के पंचायती राज और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने संयुक्त रूप से कार्यक्रमों का खाका तैयार किया है।
बाबा साहब भीमराव अंबेड़कर की जयंती 14 अप्रैल से शुरू होने वाला यह विशेष अभियान पंचायती दिवस के दिन 24 अप्रैल तक देशभर में चलेगा। बताया जा रहा है कि सरकार का यह अभियान वैसे तो असहिष्णुता और दलित विरोधी होने के सियासी आरोपों का मुकाबला करने की कवायद है। लेकिन यह संघ के समरसता मंत्र से ही प्रेरित बताया जा रहा है। संघ ने बीते दिनों नागौर में संपन्न अपने वार्षिक अधिवेशन में बाबा साहब अंबेडकर और बाला साहब देवरस को एकसाथ जोड़ते हुए स्वयंसेवकों से समरसता वर्ष मनाने का आह्वान किया था।
हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्र रोहित वेमुला की मौत के बाद सरकार पर दलित विरोधी होने के आरोप लगे हैं। तो देश के सांप्रदायिक माहौल को लेकर उसपर असहिष्णुता को बढ़ावा देने का आरोप है। लेकिन इन आरोपों का मुकाबला करने के लिए सरकार ने बाबा साहब अंबेडकर को अपना ढ़ाल बनाया है। अब ग्राम उदय से भारत उदय अभियान के जरिए सरकार का जोर गांव, दलित और किसानों को साधने के साथ निचले स्तर पर सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देने का रहेगा।
महू में अभियान की शुरूआत करेंगे पीएम मोदी
पीएम मोदी अपने ग्राम उदय से भारत उदय अभियान की शुरूआत अंबेडकर की 125वीं जयंती दिवस 14 अप्रैल को उनकी जन्मस्थली महू से करेंगे। इस अभियान को सफल बनाने के लिए केंद्र ने राज्य सरकारों के साथ पंचायत को भी भागीदार बनाया है।
अभियान के पहले चरण में देश में सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देने के लिए अंबेडकर के योगदान को याद करते हुए 14 से 16 अप्रैल तक उनका सभी ग्राम पंचायतों में सम्मान होगा। साथ ही सामाजिक न्याय के लिए मोदी सरकार के जरिए की गई सभी कार्यों और योजनाओं का प्रचार होगा। अभियान के दूसरे चरण में 17 से 20 अप्रैल तक पंचायत स्तर पर गांव किसान सभाएं आयोजित की जाएंगी।
इसके जरिए सरकार कृषि क्षेत्र में सुधार को बेहतर करने के लिए सीधे किसानों से सुझाव लेगी। तो कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए सरकार के प्रयासों का भी गुणगान होगा। वंचित माने-जाने वाले आदिवासी वर्ग के बीच अपनी बात पहुंचाने के मकसद से सरकार ने 19 अप्रैल को आदिवासी महिला ग्राम पंचायत अध्यक्षों का विजयवाड़ा में राष्ट्रीय सम्मेलन रखा है।
वहीं सरकार के खिलाफ फैले भ्रम को दूर करने के लिए योजना के तीसरे चरण में 21 से 24 अप्रैल तक गावों में प्रभात फेरी निकाली जाएंगी। इसके जरिए गांव के लोगों में स्वच्छता, स्थानीय आर्थिक विकास, गांव के विकास में महिलाओं की भागीदारी और वंचित एवं समाज के पिछड़े तबके के बीच समरसता बढ़ाने पर जोर रहेगा।
अभियान के अंतिम दिन पंचायती राज दिवस के दिन पीएम मोदी झारखंड के जमशेदपुर में देशभर के पंचायतों से चुनकर आए सदस्यों से सीधे मुखातिब होंगे और उन्हें सरकार की उपलब्धियां गिनाएंगे। पीएम के इस कार्यक्रम का देश के सभी गांवों में लाईव प्रसारण दिखाने की तैयारी की जा रही है। ताकि गांव के सभी लोग उन्हें सुन सकें और आयोजन को देख सकें।