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मोदी को अपने PM पद का गुमान, 30 से अधिक पत्रों का नहीं दिया जवाब: अन्ना हजारे
एजेंसी, मुंबई
Updated Mon, 22 Jan 2018 02:00 AM IST
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Anna Hazare
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भ्रष्टाचार रोधी आंदोलन के नायक अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया है कि उन्हें अपने प्रधानमंत्री होने को लेकर गुमान हो गया है। अन्ना हजारे ने कहा कि यही कारण है जिसकी वजह से मोदी उनके पत्रों का जवाब नहीं देते हैं। अन्ना हजारे शनिवार को महाराष्ट्र के सांगली जिले में आयोजित एक रैली को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि मैंने प्रधानमंत्री मोदी को पिछले तीन सालों में 30 से अधिक पत्र लिखे लेकिन उन्होंने कभी जवाब नहीं दिया। मोदी को अपने प्रधानमंत्री होने का गुमान हो गया है इसलिए वे मेरे पत्रों का जवाब नहीं दे रहे हैं। बता दें कि इससे पहले ही हजारे ने आगामी 23 मार्च से नई दिल्ली में एक और आंदोलन करने की घोषणा कर दी है। 23 मार्च के आंदोलन के लिए लोगों का समर्थन जुटाने के लिए आयोजित की जाने वाली तीन रैलियों में से यह पहली रैली थी।
उन्होंने कहा कि यह एक इतना बड़ा आंदोलन होगा जैसा कि पहले कभी नहीं देखा गया होगा और यह सरकार को एक चेतावनी होगी। अपनी रैली या आंदोलनों के माध्यम से वोट बटोरने का मेरा कोई इरादा नहीं है। जिस तरह से जन लोकपाल को लेकर एक बड़ी रैली हुई थी मुझे उम्मीद है कि एक वैसी ही रैली किसानों के मुद्दे पर भी देखने को मिलेगी।
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हजारे ने कहा कि उनकी मांगों में लोकपाल को लागू किया जाना, लोकायुक्त की नियुक्ति, किसानों को पांच हजार रुपये की पेंशन और कृषि खाद्यान्नों का ऊंचा दाम देना शामिल है।
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उन्होंने कहा कि मैंने प्रधानमंत्री मोदी को पिछले तीन सालों में 30 से अधिक पत्र लिखे लेकिन उन्होंने कभी जवाब नहीं दिया। मोदी को अपने प्रधानमंत्री होने का गुमान हो गया है इसलिए वे मेरे पत्रों का जवाब नहीं दे रहे हैं। बता दें कि इससे पहले ही हजारे ने आगामी 23 मार्च से नई दिल्ली में एक और आंदोलन करने की घोषणा कर दी है। 23 मार्च के आंदोलन के लिए लोगों का समर्थन जुटाने के लिए आयोजित की जाने वाली तीन रैलियों में से यह पहली रैली थी।
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उन्होंने कहा कि यह एक इतना बड़ा आंदोलन होगा जैसा कि पहले कभी नहीं देखा गया होगा और यह सरकार को एक चेतावनी होगी। अपनी रैली या आंदोलनों के माध्यम से वोट बटोरने का मेरा कोई इरादा नहीं है। जिस तरह से जन लोकपाल को लेकर एक बड़ी रैली हुई थी मुझे उम्मीद है कि एक वैसी ही रैली किसानों के मुद्दे पर भी देखने को मिलेगी।
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हजारे ने कहा कि उनकी मांगों में लोकपाल को लागू किया जाना, लोकायुक्त की नियुक्ति, किसानों को पांच हजार रुपये की पेंशन और कृषि खाद्यान्नों का ऊंचा दाम देना शामिल है।