नोटबंदी के बाद अब किसानों का कर्जा माफ कर सकते हैं मोदी
नोटबंदी से त्रस्त किसानों को जल्द ही मोदी सरकार से बड़ा तोहफा मिल सकता है। 2 जनवरी को लखनऊ में प्रस्तावित रैली में पीएम मोदी खुद किसानों के लिए इस खास सौगात का एलान कर सकते हैं।
सरकार एवं संघ का शीर्ष नेतृत्व इन दिनों गरीब, किसान और आम आदमी को राहत देने वाली ऐसी योजनाओं पर माथापच्ची कर रहा है, जिससे कि इस तबके को सीधा लाभ पहुंचे। संघ सूत्रों के अनुसार लखनऊ रैली में पीएम मोदी किसानों के लिए ऋण माफी सरीखे कदम का एलान कर सकते हैं।
तो युवा और गरीबों के लिए भी कुछ नई योजनाओं पर विचार चल रहा है। हालांकि पीएम मोदी ऋण माफी सरीखी योजना के पक्ष में नहीं हैं। मगर संघ के शीर्ष अधिकारियों ने उन्हें जमीनी सच्चाई का उदाहरण पेश करते हुए उन्हें इस पर कुछ हद तक राजी कर लिया है। संघ के एक शीर्ष अधिकारी के अनुसार यूपी और पंजाब के विधानसभा चुनाव में किसानों की अहमियत को देखते हुए संघ ने सरकार को किसान हितैषी कुछ ठोस कदम उठाने का सुझाव दिया है।
नोटबंदी से आम जन में मोदी की छवि लोकप्रिय हुई
उक्त अधिकारी का कहना है कि नोटबंदी के कदम से गरीब और आम आदमी के बीच पीएम मोदी की छवि बेहद लोकप्रिय हुई है। किसानों के लिए कुछ ठोस कदम उठाने के बाद उनकी छवि गरीब के मसीहा के रूप में स्थापित होगी। योजनाओं के बजाय ऋण माफी सरीखे लोकप्रिय कदम उठाने का पक्ष रखते हुए संघ अधिकारी ने बताया कि योजनाओं का असर जमीन पर जाने में समय लगता है। मगर ऋण माफी सरीखे कदम से उसे सीधा लाभ होगा।
इसमें बिचौलिये की भूमिका नहीं रहेगी। संघ के नेताओं ने किसानों के लिए पीएम फसल बीमा योजना और मृदा परीक्षण कार्ड सरीखे योजनाओं की जमीनी हालत का हवाला दिया है। उन्होंने पीएम से कहा कि कृषि मंत्रालय की योजनाओं का अमल राज्य सरकार के अधीन होने की वजह से कई राज्यों में ये योजनाएं जमीन पर नहीं उतर पाई हैं। इसलिए ऐसे कदम उठाने जरूरी हो गए हैं, जिनसे कि किसानों को सीधा लाभ पहुंचे।
सूत्र बताते हैं कि गन्ना किसानों की बकाया राशि के भुगतान के लिए भी केंद्र सरकार कुछ नई तरकीब निकालने पर विचार कर रही है। पश्चिमी यूपी में गन्ना किसानों की अहमियत को देखते हुए पीएम मोदी खुद उन्हें कुछ राहत देने के पक्ष में हैं। तो युवाओं के लिए चल रही विभिन्न योजनाओं को आपस में जोड़कर सरकार उन्हें भी राहत देने के मामले में विचार कर रही है। ताकि यूपी समेत 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव से पहले उनके बैंक खाते में नकदी के रूप में सरकार की ओर से कुछ पहुंच जाए।
लखनऊ से राहत के एलान की वजह के रूप में विधानसभा चुनाव का श्रीगणेश माना जा रहा है। भाजपा रणनीतिकारों ने 24 दिसंबर को परिवर्तन यात्रा के समापन अवसर पर होने वाली मोदी की लखनऊ महारैली की तिथि में इसलिए बदलाव किया है। ताकि मोदी की इस महारैली के जरिए चुनाव प्रचार का श्रीगणेश करा सकें। भगवा खेमे में फरवरी के दूसरे सप्ताह से यूपी चुनाव की शुरुआत की चर्चा है। ताकि 1 फरवरी को पेश होने वाले लोकलुभावन आम बजट का भाजपा को लाभ मिल सके।