मोदी सरकार में नहीं बढ़ा एनपीए: जेटली
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वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में लोन धोखाधड़ी के आरोपी उद्योगपति विजय माल्या को एक रुपये का फायदा नहीं पहुंचाया गया है। बल्कि उसे यूपीए सरकार के कार्यकाल में नॉर्थ ब्लॉक की मेहरबानी से लोन उपलब्ध करवाया गया था।
नॉथ ब्लॉक से उनका आशय वित्त मंत्रालय से था। बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए वित्तमंत्री ने बैंकों के पास भारी गैर निष्पादित संपत्तियों (एनपीए) के लिए पूर्व की यूपीए सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि उस दौर में चुनिंदा लोगों को बिना सोचे समझे भारी मात्रा में लोन दिया जाना समस्या का मूल कारण है।
जेटली ने विपक्ष से मुखातिब होते हुए कहा कि आपके द्वारा किए गए कर्मों का ब्याज हम दे रहे हैं। मोदी सरकार द्वारा माल्या को 1200 करोड़ रुपये का लाभ पहुंचाने के राहुल गांधी के आरोप का जवाब देते हुए जेटली ने कहा कि एनडीए के सत्ता में आने के बाद से किसी भी बैंक ने माल्या को एक रुपये का लाभ नहीं पहुंचाया है।
मोदी सरकार में नहीं बढ़ा एनपीए
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक सितंबर 2016 तक सार्वजनिक बैंकों का एनपीए बढ़कर 6,30,323 करोड़ रुपये हो गया था। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में एनपीए का प्रतिशत नहीं बढ़ा है।
अधिकतर ऐसे लोन वर्ष 2007, 08 और 09 में दिए गए। उस वक्त अर्थव्यवस्था में बूम आया हुआ था। जेटली मे कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आपका आरोप यह है कि आपके पाप को ठीक नहीं किया गया। यह हमारे ऊपर नहीं लगाया जा सकता।
जेटली ने कहा कि यूपीए सरकार में ऐसे उद्योगों को अनुचित लोन दिया गया जो किसान नहीं थे। उन्होंने कहा कि सामने आए दस्तावेजों से पता चलता है कि नॉर्थ ब्लॉक के हस्तक्षेप के कारण ये लोन दिए गए।