Ceasefire: 'मोदी सरकार ने गंवा दिया सावरकर के सपने को पूरा करने का मौका', शिवसेना UBT का केंद्र पर निशाना
Ceasefire: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब) ने 'ऑपरेशन सिंदूर' रोकने को लेकर मोदी सरकार की आलोचना की और आरोप लगाया कि इसने विनायक दामोदरकर सावरकर के अखंड भारत के सपने को साकार करने का मौका गंवा दिया गया। पार्टी ने यह भी कहा कि मोदी को अब सावरकर के नाम पर राजनीति करने का अधिकार नहीं है।
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शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने पाकिस्तान के खिलाफ 'ऑपरेशन सिंदूर' को रोकने को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने कहा कि केंद्र ने सैन्य कार्रवाई को रोककर हिंदुत्व विचारक वी.डी.सावरकर के अखंड भारत के सपने को साकार करने का मौका गंवा दिया।
पार्टी ने अपने मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में कहा कि अगर यह सैन्य कार्रवाई चार दिन और जारी रहती तो भारतीय सशस्त्र बल पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके), कराची, लाहौर पर कब्जा कर लेती, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खेल बिगाड़ दिया।
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'सावरकर ने देखा था अविभाजित भारत का सपना'
अखबार ने कहा कि सैन्य कार्रवाई रोकने से पहले भआरत को कम से कम पीओके को वापस लेना चाहिए था और बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग कर देना चाहिए था। सावरकर ने पीओके से रामेश्वरम और सिंध से असम तक फैले अविभाजित भारत का सपना देखा था। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार ने सावरकर के अखंड भारत के सपने को साकार करने का मौका गंवा दिया।
'पीएम मोदी को सावरकर के नाम पर राजनीति करने का अधिकारी नहीं''
संपादकीय में कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी को अब सावरकर के नाम पर राजनीति करने का अधिकार नहीं है। पीएम मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और एकनाथ शिंद के नेतृत्व वाली शिवसेना सभी अखंड भारत के समर्थक हैं, लेकिन जब सपने को साकार करने का समय आया तो वे पीछे हट गए।
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पूर्ण युद्ध के कगार पर पहुंच गए थे दोनों देश
भारत और पाकिस्तान ने शनिवार को जमीन, हवा और समुद्र में सभी तरह की गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति जताई। चार दिनों तक सीमा पार से ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद दोनों देश पूर्ण स्तर के युद्ध के कगार पर पहुंच गए थे। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट से सबको हैरान किया। इसमें उन्होंने दावा किया था कि दोनों पक्षों के बीच अमेरिका ने मध्यस्थता की है।
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