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IAS-IPS और IFoS अधिकारियों के लिए नई कैडर पॉलिसी, राज्य नहीं जोन चुनने होंगे
amarujala.com- presented by: संदीप भट्ट
Updated Wed, 23 Aug 2017 09:49 PM IST
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फाइल फोटो
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केंद्र सरकार द्वारा आईएएस, आईपीएस और अन्य अधिकारियों के लिए कैडर आवंटन की नई नीति को अंतिम रूप दे दिया गया है। देश की शीर्ष नौकरशाही में ‘राष्ट्रीय एकीकरण’ को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नई नीति बनाई गई है।
नई नीति के तहत अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों - भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) और भारतीय वन सेवा (आईएफओएस) को राज्यों की बजाय जोन के सेट से कैडर का चयन करना होगा।
वर्तमान में इन तीन सेवाओं के अधिकारियों को एक कैडर राज्य या राज्यों के एक सेट का आवंटन किया जाता है। इसके अलावा कुछ पात्रता शर्तों को पूरा करने के बाद उन्हें अपनी सेवा के दौरान केंद्रीय प्रतिनियुक्तिपर भी तैनात किया जा सकता है। कार्मिक मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित नई नीति में मौजूदा 26 कैडर को पांच जोन में विभाजित किया गया है।
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कार्मिक मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि नई नीति यह सुनिश्चित करने की कोशिश करेगी कि बिहार के अधिकारियों को दक्षिणी और उत्तर-पूर्वी राज्यों में काम करने का मौका मिले, जो संभवत: उनके पसंदीदा कैडर नहीं हो सकते।
अधिकारी ने यह भी कहा कि नई नीति नौकरशाही के ‘राष्ट्रीय एकीकरण’ को सुनिश्चित करेगी क्योंकि अधिकारियों को एक ऐसे राज्य में काम करने का मौका मिलेगा, जो उनका निवास स्थान नहीं है। नई नीति को इसी वर्ष से शुरू किया जा सकता है।
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नई नीति के तहत अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों - भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) और भारतीय वन सेवा (आईएफओएस) को राज्यों की बजाय जोन के सेट से कैडर का चयन करना होगा।
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वर्तमान में इन तीन सेवाओं के अधिकारियों को एक कैडर राज्य या राज्यों के एक सेट का आवंटन किया जाता है। इसके अलावा कुछ पात्रता शर्तों को पूरा करने के बाद उन्हें अपनी सेवा के दौरान केंद्रीय प्रतिनियुक्तिपर भी तैनात किया जा सकता है। कार्मिक मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित नई नीति में मौजूदा 26 कैडर को पांच जोन में विभाजित किया गया है।
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कार्मिक मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि नई नीति यह सुनिश्चित करने की कोशिश करेगी कि बिहार के अधिकारियों को दक्षिणी और उत्तर-पूर्वी राज्यों में काम करने का मौका मिले, जो संभवत: उनके पसंदीदा कैडर नहीं हो सकते।
अधिकारी ने यह भी कहा कि नई नीति नौकरशाही के ‘राष्ट्रीय एकीकरण’ को सुनिश्चित करेगी क्योंकि अधिकारियों को एक ऐसे राज्य में काम करने का मौका मिलेगा, जो उनका निवास स्थान नहीं है। नई नीति को इसी वर्ष से शुरू किया जा सकता है।
ये होंगे पांच जोन
पांच जोन
- जोन-1 में सात कैडर एजीएमयूटी (जिसे अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और सभी केंद्रीय शासित प्रदेश के तौर पर जाना जाता है), जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, राजस्थान और हरियाणा शामिल है।
- जोन-2 में चार कैडर उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और उड़ीसा शामिल हैं।
- जोन-3 में चार कैडर गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ शामिल हैं।
- जोन-4 में छह कैडर पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम-मेघालय, मणिपुर, त्रिपुरा और नगालैंड शामिल हैं।
- जोन-5 में पांच कैडर तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल शामिल हैं।
- जोन-1 में सात कैडर एजीएमयूटी (जिसे अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और सभी केंद्रीय शासित प्रदेश के तौर पर जाना जाता है), जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, राजस्थान और हरियाणा शामिल है।
- जोन-2 में चार कैडर उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और उड़ीसा शामिल हैं।
- जोन-3 में चार कैडर गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ शामिल हैं।
- जोन-4 में छह कैडर पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम-मेघालय, मणिपुर, त्रिपुरा और नगालैंड शामिल हैं।
- जोन-5 में पांच कैडर तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल शामिल हैं।