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मोदी कैबिनेट का विस्तार: इन नेताओं को मिली मंत्रिमंडल में जगह, यहां देखें पूरी सूची

Wed, 07 Jul 2021 05:34 PM IST
दीप्ति मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दीप्ति मिश्रा Updated Wed, 07 Jul 2021 05:34 PM IST
सार

आज शाम 6 बजे होने वाले शपथ ग्रहण समारोह के लिए तैयारियां पूरी हो गई हैं और संभावित मंत्रियों के नामों पर भी मुहर लग गई है। इसमें कुल 43 नेता मंत्री पद की शपथ लेंगे। 

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Modi Cabinet reshuffle : 43 leaders expected to be sworn-in as Union Ministers, know about news ministers
सिंधिया, अनुप्रिया पटेल, मीनाक्षी, सोनोवाल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम 6 बजे मंत्रिमंडल का विस्तार कर रहे हैं। आज शाम 6 बजे होने वाले शपथ ग्रहण समारोह के लिए तैयारियां पूरी हो गई हैं और संभावित मंत्रियों के नामों पर भी मुहर लग गई है। इसमें कुल 43 नेता मंत्री पद की शपथ लेंगे। पीएम आवास पर जिस तरह नेताओं की मौजूदगी दिख रही है, उससे यह स्पष्ट होता जा रहा है कि आज किन-किन को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।

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नाम राज्य/क्षेत्र
भूपेंद्र यादव राजस्थान/राज्यसभा
ज्योतिरादित्य सिंधिया मध्यप्रदेश/राज्यसभा
नारायण राणे महाराष्ट्र/राज्यसभा
सर्बानंद सोनोवाल असम/मजौली
मीनाक्षी लेखी दिल्ली/नई दिल्ली लोकसभा क्षेत्र
अजय भट्ट उत्तराखंड/नैनीताल-उधम सिंह नगर लोकसभा क्षेत्र
शोभा करंदलाजे कर्नाटक/उडुपी चिकमंगलूर लोकसभा क्षेत्र
अनुप्रिया पटेल उत्तर प्रदेश/मिर्जापुर लोकसभा क्षेत्र
शांतनु ठाकुर पश्चिम बंगाल/बनगांव लोकसभा क्षेत्र
आरसीपी सिंह बिहार/राज्यसभा
पशुपति पारस बिहार/हाजीपुर लोकसभा क्षेत्र
कपिल पाटिल महाराष्ट्र/भिवंडी लोकसभा क्षेत्र
बीएल वर्मा उत्तर प्रदेश/राज्यसभा
राजकुमार रंजन मणिपुर/आंतरिक मणिपुर लोकसभा क्षेत्र
अश्विनी वैष्णव ओडिशा/राज्यसभा
किरण रिजिजू अरुणाचल प्रदेश/पश्चिम अरुणाचल लोकसभा क्षेत्र
राज कुमार सिंह बिहार/आरा लोकसभा क्षेत्र
हरदीप सिंह पुरी उत्तर प्रदेश/राज्यसभा
मनसुख मांडविया गुजरात/राज्यसभा
परषोत्तम रुपाला गुजरात
जी किशन रेड्डी आंध्र प्रदेश/सिकंदराबाद लोकसभा क्षेत्र
अनुराग सिंह ठाकुर हिमाचल प्रदेश/हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र
पंकज चौधरी उत्तर प्रदेश/महाराजगंज लोकसभा क्षेत्र
सत्यपाल सिंह बघेल उत्तर प्रदेश/आगरा लोकसभा क्षेत्र
राजीव चंद्रशेखर कर्नाटक/राज्यसभा
भानुप्रताप सिंह वर्मा उत्तर प्रदेश/जालौन लोकसभा क्षेत्र
दर्शना विक्रम जारदोश गुजरात/सूरत लोकसभा क्षेत्र
अन्नपूर्णा देवी झारखंड/कोडरमा लोकसभा क्षेत्र
ए नारायणस्वामी कर्नाटक/चित्रदुर्ग लोकसभा क्षेत्र
कौशल किशोर उत्तर प्रदेश/मोहन लालगंज लोकसभा क्षेत्र
अजय कुमार उत्तर प्रदेश/खीरी
देव सिंह चौहान गुजरात/खेड़ा लोकसभा क्षेत्र
भगवंत खुबा कर्नाटक/बीदर लोकसभा क्षेत्र
प्रतिमा भौमिक त्रिपुरा/पश्चिम त्रिपुरा लोकसभा क्षेत्र
सुभाष सरकार पश्चिम बंगाल/बांकुरा लोकसभा क्षेत्र
भगवत कृष्णराव कराद महाराष्ट्र/राज्यसभा
भारती प्रवीण पवार महाराष्ट्र/डिंडोरी लोकसभा क्षेत्र
विश्वेश्वर टुडू ओडिशा/मयूरभंज लोकसभा क्षेत्र
महेंद्रभाई मुंजापारा गुजरात/सुरेंद्रनगर लोकसभा क्षेत्र
जॉन बार्ला पश्चिम बंगाल/अलीपुरद्वार लोकसभा क्षेत्र
एल मुरुगन तमिलनाडु
नीतीश प्रामाणिक पश्चिम बंगाल/कूचबिहार लोकसभा क्षेत्र



 

जानिए नए मंत्रियों के बारे में

ज्योतिरादित्य सिंधिया
सिंधिया का मोदी कैबिनेट का हिस्सा बन गए हैं। सिंधिया राजघराने के तीसरी पीढ़ी के नेता हैं और अपने क्षेत्र पर उनकी मजबूत पकड़ है। अपने पिता और कांग्रेस के दिग्गज नेता माने जाने वाले माधवराव सिंधिया के 2001 में निधन के बाद ज्योतिरादित्य राजनीति विरासत में मिली और कांग्रेस ने उन्हें सिर आंखों पर बिठाया। 2002 में हुए उपचुनाव में वे पहली बार अपने पिता के गुना सीट से  चुनाव जीतकर संसद पहुंचे।

यूपीए सरकार में 2007 में उन्हें मनमोहन सिंह के मंत्रिमंडल में केंद्रीय राज्य मंत्री बनने का मौका मिला। 2012 में भी उन्हें केंद्रीय राज्य मंत्री बनाया गया। 2018 के मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में जब कांग्रेस चुनाव जीती तो उन्हें मुख्यमंत्री पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा था लेकिन पार्टी आलाकमान ने इसके लिए कमलनाथ को चुना और यहीं से सिंधिया के तेवर बदल गए और वे खुद को कांग्रेस में उपेक्षित महसूस करने लगे।

सिंधिया ने यहीं से धीरे-धीरे अपनी अलग राह पकड़ ली और मध्यप्रदेश में अपनी ही पार्टी की सरकार के खिलाफ बगावती तेवर अपना लिए। जिसका अंत उन्होंने कमलानाथ की सरकार गिरा कर और बहुमत नहीं होने के बावजूद भाजपा की सरकार बना कर किया। मार्च 2020 में उन्होंने भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हुए।



भूपेंद्र यादव
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव भूपेंद्र यादव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के सबसे महत्वपूर्ण सिपहसलारों में से एक हैं। चाहे राज्यसभा में भाजपा को बहुमत नहीं होने के बावजूद जम्मू-कश्मीर से 370 को रद्द करने वाले ऐतिहासिक विधेयक को सफलता से पारित कराने की बात हो या बिहार में एनडीए को जीत दिलाने का, वे अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वाह करके वे मोदी-शाह के चहेते नेताओं में गिने जाते हैं।

यादव राजस्थान से राज्यसभा के सदस्य हैं। पेशे से वकील भूपेंद्र यादव पार्टी महासचिव हैं और बिहार के प्रभारी रहे हैं। कोरोना काल में बिहार में हुए विधानसभा चुनाव में एनडीए को शानदार जीत दिलाने में उनकी भूमिका अहम रही है। जिससे बीजेपी बिहार में बड़े भाई की भूमिका में आ गई। बताया जाता है कि गुजरात में 6 बार बीजेपी को जीत दिलाने के पीछे भी यादव की ही मेहनत मानी जाती है।  

नारायण राणे
शिवसेना से होते हुए भाजपा में पहुंचे महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और दिग्गज मराठी नेता नारायण राणे अब मोदी टीम में शामिल होंगे। मराठा समुदाय में राणे की बहुत धमक और धाक मानी जाती है। राणे ने अक्तूबर 2019 में अपनी महाराष्ट्र स्वाभिमान पार्टी का बीजेपी में विलय कर दिया था और वे भाजपा में शामिल हो गए थे. अभी वे राज्यसभा सांसद है। 1 फरवरी 1999 को शिवसेना-बीजेपी के गठबंधन वाली सरकार में वे मुख्यमंत्री बने. हालांकि वे अक्तूबर 1999 तक ही मुख्यमंत्री के पद तक रहे। शिवसेना से उनके रिश्तों में तब खटास आने लगी जब उद्धव ठाकरे को कार्यकारी अध्यक्ष बनाने की घोषणा की गई।
 
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जानिए नए मंत्रियों के बारे में

पशुपति कुमार पारस
लोकजनशक्ति पार्टी में फूट डालकर चिराग पासवान की राजनीति में अंधेरा करने वाले उनके चाचा पशुपति कुमार पारस को भी मंत्री पद का तोहफा मिल गया है। बताया जा रहा है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की जगह मोदी की नई टीम में अब पशुपति कुमार पारस की इंट्री तय है। जहां यह एक तरफ मोदी सरकार की तरफ से पशुपति पारस के लिए यह ईनाम है तो दूसरी तरफ इसे चिराग के लिए एक संदेश माना जा रहा है। पशुपति पारस बिहार के हाजीपुर से सांसद हैं. वे पहले नीतीश सरकार में बिहार के पशु एवं मतस्य संसाधन मंत्री भी रह चुके हैं। वे दो बार बिहार विधानसभा के लिए चुने गए। 

मीनाक्षी लेखी
मोदी सरकार ने नए मंत्रिमंडल में महिलाओ में जो सबसे महत्वपूर्ण चेहरा नजर आ रहा है वह है नई दिल्ली की सांसद और भारतीय जनता पार्टी की भरोसेमंद नेता मीनाक्षी लेखी का। केंद्र सरकार का पक्ष जोरदार तरीके से संसद में उठाने और अपने वक्तव्य कला के कारण मीनाक्षी लेखी को मंत्री पद नवाजा जा रहा है। लेखी अक्सर संसद में दिए अपने जोरदार भाषण को लेकर सुर्खियों में रही हैं. मीनाक्षी लगातार दो बार नई दिल्ली सीट से जीत रही हैं। वे सुप्रीम कोर्ट में वकील हैं और भाजपा की तेजतर्रार नताओं में गिनी जाती है। इसी साल फरवरी में बजट सत्र के दौरान भी उन्होंने कड़े तेवर के साथ सरकार की आर्थिक नीतियों का पक्ष रखते हुए शानदार भाषण दिया था। माना जा रहा है कि मंत्री बनने के बाद वे सरकार की उपलब्धियों को भी जोरदार तरीके से लोगों के सामने रखेंगी।

अनुप्रिया पटेल
एनडीए में शामिल और भाजपा की सहयोगी अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल एक बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में शामिल हो रही हैं। वे 2014 में भी मोदी कैबिनेट में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री रह चुकी हैं। अनुप्रिया पटेल के मोदी मंत्रिमंडल में शामिल होने के कयास तभी से लग रहे थे जब पिछले महीने उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। 2019 में मोदी सरकार के गठन के बाद से ही वे मंत्रिमंडल में शामिल होने की कोशिश कर रही थीं क्योंकि 2019 में मिली दोबारा जीत पर भी उन्हें मंत्री नहीं बनाया गया था। 

अब जब चुनाव उत्तर प्रदेश में चुनाव हैं तो पटेल को अपना दांव चलने का एक मौका फिर मिल गया, क्योंकि पूर्वी उत्तर प्रदेश के एक खास क्षेत्र में अपना दल की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।  अपना दल 2014 से ही एनडीए की सहयोगी रही है। अपने पिता सोनेलाल पटेल के निधन के बाद वे पार्टी का मुख्य चेहरा है।

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