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Politics: मोदी मंत्रिमंडल को लेकर राकांपा के बाद शिवसेना भी नाराज, कहा- हमें कैबिनेट मंत्री पद मिलना चाहिए था
Mon, 10 Jun 2024 06:21 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता महतो
Updated Mon, 10 Jun 2024 06:21 PM IST
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श्रीरंग बारणे
- फोटो : Sansad TV
नरेंद्र मोदी ने रविवार को तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। पीएम मोदी के शपथ समारोह के एक दिन बात महाराष्ट्र के मावल के मौजूदा सांसद श्रीरंग बारणे ने मीडिया से बात की। शिवसेना सांसद श्रीरंग बारणे ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में रविवार को जिस मंत्रिपरिषद का गठन हुआ, उसमें शिवसेना को कैबिनेट मंत्री का पद मिलेगा।
श्रीरंग बारणे ने कहा, ''प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में रविवार को जिस मंत्रिपरिषद का गठन हुआ, उसमें हमें उम्मीद थी कि शिवसेना को कैबिनेट मंत्री का पद मिलेगा। कर्नाटक के एचडी कुमारस्वामी की पार्टी के दो सांसद हैं, उन्हें कैबिनेट मंत्री का पद मिला। जीतनराम मांझी इकलौते सांसद हैं, उन्हें कैबिनेट मंत्री पद मिला। चिराग पासवान की पार्टी के पांच सांसद जीते हैं, उन्हें भी कैबिनेट में जगह मिली है। शिवसेना के सात सांसद हैं, जबकि हम 19 सीटों पर लड़े थे। भाजपा के नौ सांसद है, जबकि वह 28 सीटों पर लड़ी थी। हमारी अपेक्षा थी कि शिवसेना को एक कैबिनेट मंत्री पद और एक राज्य मंत्री पद मिलना चाहिए।"
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उन्होंने आगे कहा, "हम भाजपा के सबसे पुराने सहयोगी दलों में से एक हैं, जबकि हमें राज्य मंत्री पद मिला है। तीन महीने में विधानसभा चुनाव हैं। जब हम चुनाव में एकसाथ जाएंगे तो उसका विचार करते हुए शिवसेना को उचित भूमिका मिलनी चाहिए। 61 मंत्री तो भाजपा के ही हैं। महाराष्ट्र को भी उचित भूमिका नहीं मिल पाई। हमने एकनाथ शिंदे जी के सामने अपनी राय रखी है। अब भाजपा को इस पर फैसला करना है। हमारी भूमिका स्पष्ट होनी चाहिए।''
लोकसभा चुनाव में तीसरी बार बारणे ने मावल सीट से जीत हासिल की। उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) के संजोग वाघेरे पाटिल को हराया। शिवसेना सांसद ने कहा, "सतारा से भाजपा सांसद उदयनराजे भोसले भी कैबिनेट पद के हकदार थे। नई कैबिनेट में शिंदे सेना से केवल प्रतापराव जादव ही एकमात्र प्रतिनिधि थे, जिन्होंने रविवार को स्वतंत्र प्रभार के साथ राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली।"
उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे के साहसिक कदम के कारण ही महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा परिवर्तन आया। उन्होंने कहा कि इन कारकों को ध्यान में रखते हुए वे भाजपा से उचित रुख की उम्मीद कर रहे हैं।
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On Shrirang Barne’s statement, Shiv Sena party leader in Lok Sabha, Shrikant Shinde says, "We have already made it clear that we are supporting the government unconditionally. This nation has asked and needs the leadership of Prime Minister Modi ji. There’s no bargaining or…
— ANI (@ANI) June 10, 2024
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श्रीरंग बारणे ने कहा, ''प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में रविवार को जिस मंत्रिपरिषद का गठन हुआ, उसमें हमें उम्मीद थी कि शिवसेना को कैबिनेट मंत्री का पद मिलेगा। कर्नाटक के एचडी कुमारस्वामी की पार्टी के दो सांसद हैं, उन्हें कैबिनेट मंत्री का पद मिला। जीतनराम मांझी इकलौते सांसद हैं, उन्हें कैबिनेट मंत्री पद मिला। चिराग पासवान की पार्टी के पांच सांसद जीते हैं, उन्हें भी कैबिनेट में जगह मिली है। शिवसेना के सात सांसद हैं, जबकि हम 19 सीटों पर लड़े थे। भाजपा के नौ सांसद है, जबकि वह 28 सीटों पर लड़ी थी। हमारी अपेक्षा थी कि शिवसेना को एक कैबिनेट मंत्री पद और एक राज्य मंत्री पद मिलना चाहिए।"
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उन्होंने आगे कहा, "हम भाजपा के सबसे पुराने सहयोगी दलों में से एक हैं, जबकि हमें राज्य मंत्री पद मिला है। तीन महीने में विधानसभा चुनाव हैं। जब हम चुनाव में एकसाथ जाएंगे तो उसका विचार करते हुए शिवसेना को उचित भूमिका मिलनी चाहिए। 61 मंत्री तो भाजपा के ही हैं। महाराष्ट्र को भी उचित भूमिका नहीं मिल पाई। हमने एकनाथ शिंदे जी के सामने अपनी राय रखी है। अब भाजपा को इस पर फैसला करना है। हमारी भूमिका स्पष्ट होनी चाहिए।''
लोकसभा चुनाव में तीसरी बार बारणे ने मावल सीट से जीत हासिल की। उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) के संजोग वाघेरे पाटिल को हराया। शिवसेना सांसद ने कहा, "सतारा से भाजपा सांसद उदयनराजे भोसले भी कैबिनेट पद के हकदार थे। नई कैबिनेट में शिंदे सेना से केवल प्रतापराव जादव ही एकमात्र प्रतिनिधि थे, जिन्होंने रविवार को स्वतंत्र प्रभार के साथ राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली।"
उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे के साहसिक कदम के कारण ही महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा परिवर्तन आया। उन्होंने कहा कि इन कारकों को ध्यान में रखते हुए वे भाजपा से उचित रुख की उम्मीद कर रहे हैं।