खुफिया सूचना साझा करने पर फोकस करें राज्य : मोदी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों से खुफिया सूचना की साझेदारी के तंत्र को मजबूत करने को कहा है। शनिवार को दिल्ली में 10 साल के अंतराल के बाद बुलाई गई इंटर स्टेट काउंसिल बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्यों को मिलकर ही आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों से लड़ना होगा।
इसके लिए पूरे तंत्र को चौकस और सूचनाओं से लैस रहने की जरुरत है। नरेंद्र मोदी बतौर प्रधानमंत्री पहली बार सभी मुख्यमंत्रियों से एक मंच पर मिले हैं।
1990 में इंटर स्टेट काउंसिल के गठन के बाद यह 11वीं बैठक थी। सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उप राज्यपाल और केंद्र के 17 मंत्री इस काउंसिल के सदस्य हैं। दिनभर चली इस बैठक में आंतरिक सुरक्षा और सब्सिडी के सीधे खाते में ट्रांसफर और जीएसटी पर अहम विचारों का आदान प्रदान हुआ।
जीएसटी बिल की नैया पार लगाना केंद्र के लिए अहम
गौरतलब है कि 18 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र में जीएसटी बिल की नैया पार लगाना केंद्र के अहम एजेंडे में है। बैठक में उत्तराखंड और अरुणाचल प्रदेश में केंद्र के साथ अंदरूनी टकराव का अंडरकरंट रहा।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अनुच्छेद 356 पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए राज्यपाल के पद को खत्म करने की सलाह दी। उधर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (समाजवादी पार्टी) और कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (कांग्रेस) बैठक में शामिल नहीं हुए।
राज्य में हिंसा के ताजा दौर सामना कर रहीं जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूब मुफ्ती भी बैठक में नहीं पहुंच सकीं। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने अपने भाषण में कहा कि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनने से पहले 12 साल तक मुख्यमंत्री रह चुके हैं। लिहाजा केंद्र और राज्य के बीच तालमेल को लेकर उनका तजुर्बा मार्गदर्शन का काम करेगा।