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Tamil Nadu: मछुआरों के मसले के स्थायी समाधान पर स्टालिन ने PM मोदी को घेरा, कहा- हमारे प्रस्ताव की उपेक्षा की

Mon, 07 Apr 2025 12:28 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई Published by: बशु जैन Updated Mon, 07 Apr 2025 12:28 PM IST
सार

श्रीलंका दौरे पर पीएम मोदी ने मछुआरों का मुद्दा भी उठाया था। इसके बाद श्रीलंका ने विशेष पहल के तहत 14 मछुआरों को रिहा किया था। अब मछुआरों के मुद्दे पर तमिलनाडु के सीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरा है। 

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MK Stalin cornered PM Modi on the permanent solution to the fishermen's issue, said - our proposal was ignored
एमके स्टालिन, सीएम, तमिलनाडु - फोटो : ANI

विस्तार

श्रीलंका से मछुआरों के मुद्दे के स्थायी समाधान पर तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरा है। उन्होंने कहा कि हमने मछुआरों को श्रीलंका नौसेना द्वारा गिरफ्तार किए जाने से रोकने का प्रस्ताव प्रधानमंत्री को सौंपा था, लेकिन उन्होंने हमारे प्रस्ताव की उपेक्षा की। 

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विधानसभा में सीएम एमके स्टालिन ने कहा कि दो अप्रैल को हमने विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित किया था ताकि तमिलनाडु के मछुआरों को श्रीलंकाई नौसेना द्वारा लगातार गिरफ्तार किए जाने से रोका जा सके। यह प्रस्ताव मछुआरों के मुद्दे का स्थायी समाधान खोजने के लिए पारित किया गया था। प्रस्ताव में हमने कच्चातीवु द्वीप को फिर से प्राप्त करने, श्रीलंकाई जेलों से मछुआरों को रिहा करने और श्रीलंकाई नौसेना द्वारा जब्त की गई नौकाओं को वापस करने का अनुरोध किया था। 
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उन्होंने कहा कि हमने प्रस्ताव में उल्लेख किया था कि जब प्रधानमंत्री मोदी श्रीलंका का दौरा करेंगे, तो उन्हें श्रीलंका सरकार से बात करके कार्रवाई करनी चाहिए। हमने उस प्रस्ताव को तुरंत प्रधानमंत्री को भी भेजा। हमें उम्मीद थी कि 97 मछुआरे और उनकी नावें अपने वतन पहुंच जाएंगी, जो पूरी नहीं हुई। यह बहुत निराशाजनक है। केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री हमारी मांगों की उपेक्षा कर रहे हैं। हम अपने मछुआरों की आजीविका की रक्षा करने में विफल नहीं होंगे। डीएमके सरकार मछुआरों के साथ खड़ी रहेगी। 


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टीएएसएमएसी घोटाले के विरोध में प्रदर्शन करने पर AIADMK के 13 विधायक सदन से निलंबित
टीएएसएमएसी घोटाले के विरोध में तख्तियां लेकर विधानसभा में आए एआईएडीएमके के 13 विधायकों को एक दिन के लिए निलंबित कर दिया गया। विधायकों को विधानसभा अध्यक्ष द्वारा बोलने की अनुमति नहीं दिए जाने के बाद उन्हें सदन से बाहर निकाल दिया गया। वहीं एआईएडीएमके विधायक सेंगोट्टायन इरोड में कपड़ा विनिर्माण उद्योग के संबंध में एक प्रस्ताव पर बोलने के लिए विधानसभा में बैठे रहे।

विशेष पहल के तहत 14 भारतीय मछुआरे किए थे रिहा
श्रीलंका ने रविवार को विशेष पहल के तहत 14 भारतीय मछुआरों को रिहा किया था। द्वीप राष्ट्र ने यह कदम प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से मछुआरों के मुद्दे को मानवीय दृष्टिकोण से सुलझाने पर जोर देने के एक दिन बाद उठाया था। राष्ट्रपति दिसानायके ने शनिवार को पीएम मोदी के साथ बैठक के बाद कहा था, हमने मछुआरों की आजीविका से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की और इस पर सहमति जताई कि हमें मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए आगे बढ़ना चाहिए।

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