Tamil Nadu: मछुआरों के मसले के स्थायी समाधान पर स्टालिन ने PM मोदी को घेरा, कहा- हमारे प्रस्ताव की उपेक्षा की
श्रीलंका दौरे पर पीएम मोदी ने मछुआरों का मुद्दा भी उठाया था। इसके बाद श्रीलंका ने विशेष पहल के तहत 14 मछुआरों को रिहा किया था। अब मछुआरों के मुद्दे पर तमिलनाडु के सीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरा है।
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श्रीलंका से मछुआरों के मुद्दे के स्थायी समाधान पर तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरा है। उन्होंने कहा कि हमने मछुआरों को श्रीलंका नौसेना द्वारा गिरफ्तार किए जाने से रोकने का प्रस्ताव प्रधानमंत्री को सौंपा था, लेकिन उन्होंने हमारे प्रस्ताव की उपेक्षा की।
Chennai: Tamil Nadu CM ML Stalin says, "On 02.04.2025, we passed a resolution in the assembly to stop Tamil Nadu fishermen from being continuously arrested by the Sri Lankan navy. That resolution was passed to find a permanent solution. In the resolution, we requested to retrieve… pic.twitter.com/PtQEMgEWy7
— ANI (@ANI) April 7, 2025विज्ञापन
विधानसभा में सीएम एमके स्टालिन ने कहा कि दो अप्रैल को हमने विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित किया था ताकि तमिलनाडु के मछुआरों को श्रीलंकाई नौसेना द्वारा लगातार गिरफ्तार किए जाने से रोका जा सके। यह प्रस्ताव मछुआरों के मुद्दे का स्थायी समाधान खोजने के लिए पारित किया गया था। प्रस्ताव में हमने कच्चातीवु द्वीप को फिर से प्राप्त करने, श्रीलंकाई जेलों से मछुआरों को रिहा करने और श्रीलंकाई नौसेना द्वारा जब्त की गई नौकाओं को वापस करने का अनुरोध किया था।
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उन्होंने कहा कि हमने प्रस्ताव में उल्लेख किया था कि जब प्रधानमंत्री मोदी श्रीलंका का दौरा करेंगे, तो उन्हें श्रीलंका सरकार से बात करके कार्रवाई करनी चाहिए। हमने उस प्रस्ताव को तुरंत प्रधानमंत्री को भी भेजा। हमें उम्मीद थी कि 97 मछुआरे और उनकी नावें अपने वतन पहुंच जाएंगी, जो पूरी नहीं हुई। यह बहुत निराशाजनक है। केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री हमारी मांगों की उपेक्षा कर रहे हैं। हम अपने मछुआरों की आजीविका की रक्षा करने में विफल नहीं होंगे। डीएमके सरकार मछुआरों के साथ खड़ी रहेगी।
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टीएएसएमएसी घोटाले के विरोध में प्रदर्शन करने पर AIADMK के 13 विधायक सदन से निलंबित
टीएएसएमएसी घोटाले के विरोध में तख्तियां लेकर विधानसभा में आए एआईएडीएमके के 13 विधायकों को एक दिन के लिए निलंबित कर दिया गया। विधायकों को विधानसभा अध्यक्ष द्वारा बोलने की अनुमति नहीं दिए जाने के बाद उन्हें सदन से बाहर निकाल दिया गया। वहीं एआईएडीएमके विधायक सेंगोट्टायन इरोड में कपड़ा विनिर्माण उद्योग के संबंध में एक प्रस्ताव पर बोलने के लिए विधानसभा में बैठे रहे।
विशेष पहल के तहत 14 भारतीय मछुआरे किए थे रिहा
श्रीलंका ने रविवार को विशेष पहल के तहत 14 भारतीय मछुआरों को रिहा किया था। द्वीप राष्ट्र ने यह कदम प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से मछुआरों के मुद्दे को मानवीय दृष्टिकोण से सुलझाने पर जोर देने के एक दिन बाद उठाया था। राष्ट्रपति दिसानायके ने शनिवार को पीएम मोदी के साथ बैठक के बाद कहा था, हमने मछुआरों की आजीविका से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की और इस पर सहमति जताई कि हमें मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए आगे बढ़ना चाहिए।
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