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मिजोरम ने केंद्र से पूछा, असम राइफल्स भूल गया है कि राज्य में अफ्स्पा लागू नहीं है
Thu, 27 Aug 2020 06:41 AM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एजल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एजल
Published by: Amit Mandal
Updated Thu, 27 Aug 2020 06:41 AM IST
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assam rifles
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मिजोरम सरकार ने केंद्र को पत्र लिखकर कहा है कि असम राइफल्स प्रशासन के साथ जिस तरह से बर्ताव कर रहा है, क्या वह भूल गया है कि यहां अफ्स्पा लागू नहीं है। राज्य के मुख्य सचिव ललनुनमाविया चुआउंगो ने असम राइफल्स द्वारा स्वतंत्रता दिवस समारोह के कथित बहिष्कार और सुरक्षा प्रोटोकॉल के उल्लंघन को लेकर केंद्रीय गृहसचिव अजय भल्ला को दो पत्र लिखे हैं।
मिजोरम के गृह विभाग के अतिरिक्त सचिव रामदिनलियानी ने बुधवार को कहा, हमारा मानना है कि राज्य प्रशासन और असम राइफल्स के बीच मसला इतना गंभीर नहीं है कि वह बातचीत से हल न हो सके। पत्र में कहा गया है कि मिजोरम एक शांतिपूर्ण राज्य है, जहां से सशस्त्र बल विशेष अधिकार कानून-1958 काफी पहले हटा लिया गया था। असम राइफल्स और राज्य प्रशासन के अच्छे रिश्ते और सहयोग के बीच असंवेदनशीलता और अवमानना आड़े आती है।
राज्य सरकार ने आरोप लगाया है कि प्रशासन द्वारा 11 अगस्त को वारंट ऑफ प्रिसिडेंस जारी करने के बाद असम राइफल्स के वरिष्ठ अधिकारी स्वाधीनता दिवस के राज्य सरकार के कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। पत्र में कहा गया है कि असम राइफल्स ने निमंत्रण पत्र को यह कहकर लौटा दिया कि वारंट ऑफ प्रिसिडेंस बिना उसकी सहमति के तैयार किया गया और इससे वह आहत है। असम राइफल्स के उस कार्यक्रम में शामिल न होने का कोई ठोस आधार नहीं है और बल के ब्रिगेडियर को उनके समकक्ष अतिरिक्त मुख्य सचिव से ऊपर स्थान दिया गया था।
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मिजोरम के गृह विभाग के अतिरिक्त सचिव रामदिनलियानी ने बुधवार को कहा, हमारा मानना है कि राज्य प्रशासन और असम राइफल्स के बीच मसला इतना गंभीर नहीं है कि वह बातचीत से हल न हो सके। पत्र में कहा गया है कि मिजोरम एक शांतिपूर्ण राज्य है, जहां से सशस्त्र बल विशेष अधिकार कानून-1958 काफी पहले हटा लिया गया था। असम राइफल्स और राज्य प्रशासन के अच्छे रिश्ते और सहयोग के बीच असंवेदनशीलता और अवमानना आड़े आती है।
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राज्य सरकार ने आरोप लगाया है कि प्रशासन द्वारा 11 अगस्त को वारंट ऑफ प्रिसिडेंस जारी करने के बाद असम राइफल्स के वरिष्ठ अधिकारी स्वाधीनता दिवस के राज्य सरकार के कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। पत्र में कहा गया है कि असम राइफल्स ने निमंत्रण पत्र को यह कहकर लौटा दिया कि वारंट ऑफ प्रिसिडेंस बिना उसकी सहमति के तैयार किया गया और इससे वह आहत है। असम राइफल्स के उस कार्यक्रम में शामिल न होने का कोई ठोस आधार नहीं है और बल के ब्रिगेडियर को उनके समकक्ष अतिरिक्त मुख्य सचिव से ऊपर स्थान दिया गया था।
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