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Mizoram: असम के साथ सीमा विवाद को खत्म करने के लिए 'नई सीमा समिति' का गठन, मिजोरम सरकार ने जारी की अधिसूचना
Fri, 12 Jan 2024 08:10 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आईजोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आईजोल
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Fri, 12 Jan 2024 08:10 PM IST
सार
मिजोरम-असम के बीच सीमा विवाद को लेकर नई समिति का गठन किया गया है। मिजोरम सरकार की अधिसूचना के मुताबिक समिति के अध्यक्ष गृह मंत्री के सपडांगा होंगे।
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लालदुहोमा (फाइल फोटो)
- फोटो : Social Media
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विस्तार
असम के साथ सीमा विवाद से निपटने के लिए मिजोरम सरकार ने नई सीमा समिति का गठन किया है। गृह विभाग के एक अधिकारी ने शुक्रवार को मामले की जानकारी दी। अधिसूचना के मुताबिक समिति के अध्यक्ष गृह मंत्री के सपडांगा है, जबकि पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री ललथसांगा पैनल के उपाध्यक्ष होंगे।
मिजोरम सरकार ने जारी की अधिसूचना
जारी अधिसूचना के मुताबिक भाजपा, कांग्रेस, मिजो नेशनल फ्रंट, जेडपीएम, आम आदमी पार्टी के एक-एक सदस्य को भी समिति में शामिल किया गया है। अधिसूचना में कहा गया कि समिति के अध्यक्ष सपडांगा किसी भी व्यक्ति को बैठक में शामिल होने का न्योता दे सकते हैं। गौरतलब है कि नई समिति के गठन के साथ एमएनएफ सरकार की गठित की गई पिछली सीमा पैनल अब भंग हो गई है।
दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री कर सकते हैं मुलाकात
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, इस माह मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा मुलाकात कर सकते हैं। जानकारी के मुताबिक, 19 जनवरी को मेघालय की राजधानी शिलांग में होने वाले उत्तर पूर्वी परिषद(एनईसी) के सत्र के दौरान चर्चा होने की संभावना है। गौरतलब है कि एनईसी पूर्ण सत्र की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे।
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क्या है मामला
बता दें मिजरोम असम के साथ 164.6 किलोमीटर की सीमा साझा करता है। दोनों राज्यों के बीच इसको लेकर लंबे समय से विवाद है। जुलाई 2021 में दोनों राज्यों के पुलिस बलों के बीच अंतरराज्यीय सीमा पर गोलीबारी हुई थी, जिसमें छह पुलिसकर्मियों और असम के एक नागरिक की मौत हो गई थी। गौरतलब है कि दोनों राज्यों के बीच सीमाओं का कोई जमीनी सीमांकन नहीं है। जिसके चलते अक्सर दोनों राज्यों के बीच विवाद होता रहता है। दोनों राज्यों के बीच सीमा विवाद 1875 और 1933 में दो औपनिवेशिक सीमांकनों से शुरू हुआ।
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मिजोरम सरकार ने जारी की अधिसूचना
जारी अधिसूचना के मुताबिक भाजपा, कांग्रेस, मिजो नेशनल फ्रंट, जेडपीएम, आम आदमी पार्टी के एक-एक सदस्य को भी समिति में शामिल किया गया है। अधिसूचना में कहा गया कि समिति के अध्यक्ष सपडांगा किसी भी व्यक्ति को बैठक में शामिल होने का न्योता दे सकते हैं। गौरतलब है कि नई समिति के गठन के साथ एमएनएफ सरकार की गठित की गई पिछली सीमा पैनल अब भंग हो गई है।
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दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री कर सकते हैं मुलाकात
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, इस माह मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा मुलाकात कर सकते हैं। जानकारी के मुताबिक, 19 जनवरी को मेघालय की राजधानी शिलांग में होने वाले उत्तर पूर्वी परिषद(एनईसी) के सत्र के दौरान चर्चा होने की संभावना है। गौरतलब है कि एनईसी पूर्ण सत्र की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे।
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क्या है मामला
बता दें मिजरोम असम के साथ 164.6 किलोमीटर की सीमा साझा करता है। दोनों राज्यों के बीच इसको लेकर लंबे समय से विवाद है। जुलाई 2021 में दोनों राज्यों के पुलिस बलों के बीच अंतरराज्यीय सीमा पर गोलीबारी हुई थी, जिसमें छह पुलिसकर्मियों और असम के एक नागरिक की मौत हो गई थी। गौरतलब है कि दोनों राज्यों के बीच सीमाओं का कोई जमीनी सीमांकन नहीं है। जिसके चलते अक्सर दोनों राज्यों के बीच विवाद होता रहता है। दोनों राज्यों के बीच सीमा विवाद 1875 और 1933 में दो औपनिवेशिक सीमांकनों से शुरू हुआ।