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मिजोरम विधानसभा चुनाव 2018: भाजपा की पहली सूची जारी, दो पादरियों को भी दिया टिकट
रीता तिवारी, आइजल
Updated Mon, 22 Oct 2018 12:49 PM IST
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amit shah
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मिजोरम में अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने अपनी पहली सूची में दो पादरियों को भी टिकट दिया है। पार्टी ने रविवार को राज्य की 40 में से 13 उम्मीदवारों की सूची जारी की।
भाजपा ने आइजल पश्चिम-2 से एलआर कोलनी और लुंगलेई पूर्व सीट से एच. लालरुआता को मैदान में उतारा है। लालरुआता लालदेंगा मंत्रिमंडल में मंत्री रह चुके हैं। वह 1993 में कांग्रेस में शामिल हुए थे। राज्य में सांगठनिक रूप से भाजपा कमजोर है लेकिन वह स्थानीय राजनीति में अपनी पैठ बनाने के लिए वरिष्ठ राजनेताओं का सहारा ले रही है।
यहां पांच बार चुनाव लड़ने के बाद पार्टी अब तक एक सीट भी नहीं जीत सकी है। वह इलाके को कांग्रेस मुक्त करने के अपने अभियान के तहत अपनी हिंदूवादी छवि सुधारने की कोशिश भी कर रही है। पड़ोसी नगालैंड भी ईसाई बहुल है। लेकिन बीती फरवरी में भाजपा ने वहां 20 सीटों पर चुनाव लड़कर 12 सीटों पर जीत दर्ज की थी।
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बीते बुधवार को पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने अपने आइजल दौरे में नगालैंड के उपमुख्यमंत्री वाई पैटन के साथ मंच साझा किया था। इसका मकसद लोगों को यह संदेश देना था कि ईसाई धर्म मानने वाले नगा लोग भी अब भाजपा को वोट दे रहे हैं।
पार्टी ने पूर्व आईपीएस अधिकारी वानुपा जाथांग को भी मैदान में उतारा है। वानुपा भाजपा के क्षेत्रीय सहयोगी मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) में थे लेकिन वहां तवज्जो नहीं मिलने के कारण हाल ही में उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया था।
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भाजपा ने आइजल पश्चिम-2 से एलआर कोलनी और लुंगलेई पूर्व सीट से एच. लालरुआता को मैदान में उतारा है। लालरुआता लालदेंगा मंत्रिमंडल में मंत्री रह चुके हैं। वह 1993 में कांग्रेस में शामिल हुए थे। राज्य में सांगठनिक रूप से भाजपा कमजोर है लेकिन वह स्थानीय राजनीति में अपनी पैठ बनाने के लिए वरिष्ठ राजनेताओं का सहारा ले रही है।
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यहां पांच बार चुनाव लड़ने के बाद पार्टी अब तक एक सीट भी नहीं जीत सकी है। वह इलाके को कांग्रेस मुक्त करने के अपने अभियान के तहत अपनी हिंदूवादी छवि सुधारने की कोशिश भी कर रही है। पड़ोसी नगालैंड भी ईसाई बहुल है। लेकिन बीती फरवरी में भाजपा ने वहां 20 सीटों पर चुनाव लड़कर 12 सीटों पर जीत दर्ज की थी।
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बीते बुधवार को पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने अपने आइजल दौरे में नगालैंड के उपमुख्यमंत्री वाई पैटन के साथ मंच साझा किया था। इसका मकसद लोगों को यह संदेश देना था कि ईसाई धर्म मानने वाले नगा लोग भी अब भाजपा को वोट दे रहे हैं।
पार्टी ने पूर्व आईपीएस अधिकारी वानुपा जाथांग को भी मैदान में उतारा है। वानुपा भाजपा के क्षेत्रीय सहयोगी मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) में थे लेकिन वहां तवज्जो नहीं मिलने के कारण हाल ही में उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया था।