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Mission 2030: अशोक गहलोत के कार्यक्रम से राहुल-सोनिया की फोटो गायब, किस बात का है ये इशारा
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राजस्थान मिशन 2030
- फोटो :
amarujala.com
विस्तार
कांग्रेस पर हमेशा यह आरोप लगता है कि उसकी सरकारों द्वारा शुरू की गई योजनाओं के केंद्र में गांधी परिवार होता है। उनके नाम से योजनाओं का नाम रखा जाता है और उन्हीं के नाम पर उनका प्रचार भी किया जाता है। लेकिन इस अर्थ में राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार का कार्यक्रम (मिशन 2030) कुछ अलग तस्वीर पेश कर रहा है। कार्यक्रम स्थल जयपुर के बिड़ला भवन से लेकर जयपुर की सड़कों तक से सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की तस्वीरें पूरी तरह गायब हैं। हर जगह केवल मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की बड़ी-बड़ी तस्वीरें लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही हैं। ये बदलाव क्या संकेत दे रहा है?
दरअसल, कांग्रेस में इस बदलाव का जवाब भाजपा की चुनावी रणनीति में मिल जाता है। भाजपा राजस्थान में अभी तक अपना चेहरा घोषित नहीं कर पाई है। माना जा रहा है कि भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ सकती है। भाजपा का पूरा चुनावी अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे और केंद्र सरकार की योजनाओं के इर्दगिर्द सिमटा रह सकता है। ऐसे में पूरी चुनावी लड़ाई दो चेहरों के बीच हो सकती है जिसमें एक ओर मोदी होंगे तो दूसरी ओर अशोक गहलोत। यही कारण है कि एक रणनीति के अंतर्गत राजस्थान में कांग्रेस के पूरे चुनावी अभियान में केवल अशोक गहलोत दिखाई दे रहे हैं।
पार्टी ने परिवारवाद के आरोपों का ही जवाब देने के लिए राहुल गांधी और सोनिया गांधी का नाम पीछे कर लिया था और मल्लिकार्जुन खड़गे को आगे बढ़कर पार्टी का नेतृत्व करने का अवसर दिया था। चूंकि राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की यह रणनीति काफी सफल रही है, माना जा सकता है कि उसने सोचसमझकर इसी रणनीति को राज्यों के स्तर पर अपनाया है।
कांग्रेस की यह रणनीति केवल चेहरों तक ही नहीं दिखाई दे रही है। राजस्थान या छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस में दोनों दलों की कल्याणकारी योजनाओं की भी जंग देखने को मिल सकती है। इसका असर इन विधानसभा चुनावों पर ही नहीं, आगामी लोकसभा चुनाव पर भी देखने को मिल सकता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए हर कार्यक्रम में राजस्थान सरकार की योजनाओं का जमकर प्रचार किया जा रहा है।
यदि कांग्रेस की योजनाओं का दांव राजस्थान में कारगर रहा तो इनमें से बहुत कुछ कांग्रेस के लोकसभा चुनाव के घोषणापत्र में भी दिखाई पड़ सकता है।
मिशन 2030 कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बिना नाम लिया केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि वे सबको साथ लेकर चलना चाहते हैं। पुरानी पेंशन बहाल करके उन लोगों का शेष जीवन सुरक्षित करना चाहते हैं जिन्होंने अपना पूरा जीवन देश की सेवा में खपाया है। छेड़छाड़ करने वालों को नौकरी से वंचित कर बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहते हैं तो युवाओं के लिए ज्यादा रोजगार-खेल की सुविधाएं देकर उन्हें आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करना चाहते हैं।
पीएम मोदी देश को 2047 में विकसित राष्ट्र बनाने की बात कर रहे हैं तो अशोक गहलोत 2030 में ही राजस्थान को नम्बर वन बनाने की बात कह रहे हैं। इस लक्ष्य को हासिल करने में केवल राज्य सरकार अपनी मनमानी नहीं करना चाहती। 2030 के राजस्थान को गढ़ने में वह हर राजस्थानवासी की भूमिका सुनिश्चित करना चाहती है। इसके लिए सबकी राय ली जाएगी और स्वयं मुख्यमंत्री लोगों से बात करेंगे। इसके बहाने गहलोत जन-जन से जुड़ना चाहते हैं। उनकी यह कोशिश कितनी कामयाब रही, ये तो चुनाव परिणाम ही बताएंगे।