{"_id":"5fa826101c44045aca10650d","slug":"ministry-of-ports-shippping-and-waterways-pm-modi-announced-to-change-the-name-of-ministry-of-shipping-says-will-emphasize-on-expansion","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीएम मोदी ने जहाजरानी मंत्रालय का नाम बदलने का किया ऐलान, कहा-विस्तार पर देंगे जोर","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
पीएम मोदी ने जहाजरानी मंत्रालय का नाम बदलने का किया ऐलान, कहा-विस्तार पर देंगे जोर
Mon, 09 Nov 2020 03:50 AM IST
संजीव कुमार झा
पीटीआई, अहमदाबाद
पीटीआई, अहमदाबाद
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Mon, 09 Nov 2020 03:50 AM IST
विज्ञापन
PM Modi
- फोटो : youtube@narendra modi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश के समुद्री क्षेत्र को आत्मनिर्भर भारत का अहम हिस्सा बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार की इन कोशिशों को बढ़ावा देने के लिए एक और बड़ा कदम लिया जा रहा है। जहाजरानी मंत्रालय का दायरा बढ़ाते हुए इसका नाम बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय किया जाएगा। विकसित देशों में जहाजरानी मंत्रालय बंदरगाह और जलमार्ग की देखभाल करता है। लेकिन भारत में जहाजरानी मंत्रालय बंदरगाह और जलमार्ग से जुड़े ज्यादातर काम करता है। नाम में स्पष्टता लाने से काम में भी स्पष्टता आएगी।
विज्ञापन
पीएम ने रविवार को गुजरात के सूरत के हजीरा से भावनगर के घोघा के बीच रो पैक्स फेरी सेवा शुरू की। इस सेवा के शुरू होने से हजीरा से घोघा के बीच की दूरी 375 किलोमीटर से घटकर 90 किलोमीटर रह जाएगी। जहां पहले सड़क मार्ग से घोघा से हजीरा पहुंचने में 10 से 12 घंटे का समय लगता था, अब समुद्री मार्ग से केवल तीन से चार घंटे में सफर पूरा होगा। इस मौके पर पीएम ने कहा, इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से सौराष्ट्र और गुजरात दोनों ही क्षेत्रों के लोगों का बरसों का सपना पूरा हुआ है। इस सेवा से न सिर्फ समय और पैसे की बचत होगी, बल्कि सड़कों से ट्रैफिक व प्रदूषण भी कम होगा।
विज्ञापन
पिछली सरकारों ने जलमार्ग की अनदेखी की
पीएम ने पिछली सरकारों पर सड़क व रेल मार्ग की तुलना में जलमार्ग की अनदेखी करने का आरोप लगाया। पीएम ने कहा, देश के पास जलमार्ग में हमेशा से संसाधन व विशेषज्ञता थी, लेकिन पिछली सरकारों में इसका इस्तेमाल करने के दृष्टिकोण की कमी थी। सड़क व रेल मार्ग की तुलना में जलमार्ग के जरिये परिवहन काफी सस्ता है, इसके बावजूद सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया। 2014 में हमारी सरकार बनने के बाद हमने इस दिशा में प्रयास शुरू किए। ये नदियां और समुद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने से पहले से मौजूद थे।
विज्ञापन