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महाराष्ट्र में गर्भपात के लिए ऑनलाइन दवाएं बेचने के 66 मामलों में कार्रवाई
Wed, 26 Feb 2020 08:07 PM IST
Trainee Trainee
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
Published by: Trainee Trainee
Updated Wed, 26 Feb 2020 08:07 PM IST
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ऑनलाइन पद्धति से दवा की विक्री अवैध है। डॉक्टर की पर्ची के बिना दवा नहीं बेची जा सकती। लेकिन ऑनलाइन दवाइयों की बिक्री हो रही है। महाराष्ट्र से ज्यादा ऑनलाइन दवा उत्तर प्रदेश में बिकती है। महाराष्ट्र के खाद्य व औषधि प्रशासन मंत्री डॉ राजेंद्र शिंगणे ने विधानसभा में यह जानकारी दी।
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शिंगणे ने कहा कि ऑनलाइन पद्धति से गर्भपात की दवा, नशे की गोलियां और नींद की गोलियां बेचना अवैध है। उन्होंने कहा कि सूबे में गर्भपात के लिए अवैध तरीके से ऑनलाइन दवाएं (एमपीटी किट) बेचने के 66 मामलों में कार्रवाई की हुई है। इससे जुड़ा केंद्र सरकार का कानून अंतिम चरण में है। केंद्र का कानून बनने के बाद यदि जरूरत होगी तो राज्य में आवश्यक फेरबदल कर कानून बनाया जाएगा।
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दरअसल, बुधवार को कांग्रेस विधायक अमीन पटेल, विकास ठाकरे आदि ने विधानसभा में ऑनलाईन दवाइयों से जुड़ा सवाल उठाया था। विधायकों ने कहा कि बिना डॉक्टर की पर्ची के ऑनलाइन प्रतिबंधित दवाइयों की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। इसलिए इसके खिलाफ कानून बनाया जाए।
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इस पर मंत्री शिंगणे ने कहा कि कि वे इसका अध्ययन करेंगे। यह पता लगाएंगे कि क्या राज्य सरकार को इस पर कानून बनाने का अधिकार है। अगर जरूरी हुआ तो केंद्र के कानून के आधार पर महाराष्ट्र में भी कानून बनाया जाएगा।