फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Military headquarters sought suggestions from military commanders

चीन-पाकिस्तान से एक साथ निपटने के लिए तैयार होगी भारतीय सेना, रणनीति में हुआ ये बदलाव

Fri, 11 Dec 2020 05:27 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Fri, 11 Dec 2020 05:27 AM IST
विज्ञापन
Military headquarters  sought suggestions from military commanders
लद्दाख क्षेत्र - फोटो : पीटीआई

पूर्वी लद्दाख में जारी विवाद के बीच सेना अपनी कुछ जंगी फारमेशन (विन्यास या संरचना) को डुअल-टास्क (दोहरे कार्य) में बदलने पर विचार कर रही है जिन्हें चीन और पाकिस्तान दोनों से निपटने की इजाजत होगी। अभी तक जंगी फारमेशन का मुख्य फोकस पाकिस्तान सीमा पर ही रहता था क्योंकि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर कोई खास खतरा नहीं था।

विज्ञापन


सैन्य ऑपरेशनल तैयारियों का संतुलन पश्चिमी सीमा की ओर बहुत अधिक झुका हुआ है। इसे इस तथ्य से समझा जा सकता है कि वहां तीन स्ट्राइक कोर को तैनात किया गया है जबकि उत्तरी सीमाओं के लिए मात्र एक आक्रामक माउंटेन स्ट्राइक कोर ही बनाई गई।
विज्ञापन



सरकारी सूत्रों ने बताया कि चीन के साथ जारी विवाद को देखते हुए किसी अतिरिक्त बल या नई स्ट्राइक कोर को बनाए जाने की आवश्यकता नहीं है। मौजूदा जंगी फारमेशन को ही दोनों मोर्चों को संभालने की जिम्मेदारी दी जा सकती है।  
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि इस बारे में सैन्य मुख्यालय विभिन्न प्रस्तावों पर विचार कर रहा है और विभिन्न सैन्य कमांडरों से सुझाव मांगे गए हैं क्योंकि एलएसी पर सैन्य तैयारियों को बढ़ाने की जरूरत महसूस हुई है। सुझावों और प्रस्तावों पर चर्चा के बाद इन फारमेशन को दोहरे कार्य की जिम्मेदारी देने पर फैसला लिया जाएगा।

पश्चिमी मोर्चे पर तैनात स्ट्राइक कोर भारी सैन्य साजोसामान से लैस हैं। इनमें भोपाल स्थित 21 स्ट्राइक कोर, मथुरा में स्ट्राइक वन और अंबाला में खरगा कोर भी शामिल हैं। साथ ही इनकी फारमेशन पश्चिमी, मध्य और उत्तरी सेक्टर में स्थित हैं, जिनमें से कुछ चीन सीमा के बहुत ही करीब हैं।

13 लाख जवानों की क्षमता वाली सेना कें जंगी फारमेशन बदलाव बहुत बड़ा काम होगा और उम्मीद है कि इससे सेना दो मोर्चों पर एक साथ जंग के लिए तैयार होगी। चीन के साथ पूर्वी लद्दाख में तनाव के बीच सेना ने मध्य और पश्चिमी भारत से बड़ी संख्या में अपने साजोसामान को यहां शिफ्ट किया है।


सेना के बीएमपी, टी-90 और टी-72 को लद्दाख सेक्टर में तैनात किया गया है। चीन के 60000 सैनिकों से मुकाबले के लिए पूर्वी लद्दाख इलाके में तीन माउंटेन डिवीजनों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। भारत और चीन के सैनिक अप्रैल-मई से ही पूर्वी लद्दाख में आमने सामने हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed